'विरासत-ए-भारत' डिजिटल पुरालेख का शुभारंभ
2026-08-24पृष्ठभूमि: भारत के पास मौखिक परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं सहित अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का एक विशाल भंडार है। वर्तमान संदर्भ: 23 अगस्त 2026 को, संस्कृति मंत्रालय ने 'विरासत-ए-भारत' पोर्टल लॉन्च किया। इस डिजिटल पुरालेख का उद्देश्य भारत भर की क्षेत्रीय लोक कलाओं और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण करना है। प्रभाव: यह पहल लुप्तप्राय सांस्कृतिक प्रथाओं के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करेगी, जिससे वे शोधकर्ताओं और वैश्विक जनता के लिए सुलभ हो सकेंगी। यह एक केंद्रीकृत भंडार के रूप में कार्य करता है, जो भारत की विविध सांस्कृतिक ताने-बाने की गहरी समझ को बढ़ावा देता है।
विदर्भ में नए महापाषाण दफन स्थलों की खोज
2026-08-24पृष्ठभूमि: विदर्भ क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से अपनी महापाषाण संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है, जो दफन के लिए उपयोग की जाने वाली बड़ी पत्थर की संरचनाओं द्वारा पहचानी जाती है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने विदर्भ के चंद्रपुर जिले में कई नए महापाषाण दफन स्थलों की खोज की सूचना दी। इन स्थलों में लौह युग के लोहे के उपकरण, मिट्टी के बर्तन और कंकाल के अवशेष मिले हैं। प्रभाव: ये निष्कर्ष मध्य भारत में प्राचीन समुदायों के सामाजिक स्तरीकरण और दफन अनुष्ठानों के बारे में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान करते हैं। यह खोज इतिहासकारों को शुरुआती निवासियों के प्रवास पैटर्न को समझने में मदद करेगी।