संस्कृति मंत्रालय ने 'विरासत-ए-भारत' डिजिटल पुरालेख लॉन्च किया
2026-08-02पृष्ठभूमि: भारत के पास मौखिक परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं सहित अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का एक विशाल भंडार है। वर्तमान संदर्भ: 1 अगस्त 2026 को, संस्कृति मंत्रालय ने 'विरासत-ए-भारत' पोर्टल लॉन्च किया। इस डिजिटल पुरालेख का उद्देश्य देश भर की क्षेत्रीय लोक कलाओं, पारंपरिक शिल्पों और मौखिक इतिहास को प्रलेखित और डिजिटाइज़ करना है। प्रभाव: यह पहल लुप्तप्राय सांस्कृतिक प्रथाओं के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करेगी। यह शोधकर्ताओं और आम जनता को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत तक अभूतपूर्व पहुंच प्रदान करेगी, जिससे युवाओं में राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
विदर्भ क्षेत्र में नए महापाषाण स्थलों की खोज
2026-08-02पृष्ठभूमि: विदर्भ क्षेत्र अपने समृद्ध पुरातात्विक इतिहास के लिए जाना जाता है, विशेष रूप से लौह युग के महापाषाण दफन स्थलों के लिए। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 की शुरुआत में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कई नए महापाषाण दफन स्थलों की खोज की सूचना दी। इन स्थलों में पत्थर के घेरे और लोहे के उपकरण मिले हैं, जो प्राचीन समुदायों की सामाजिक संरचना और दफन अनुष्ठानों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। प्रभाव: ये निष्कर्ष दक्कन के पठार में प्रारंभिक लौह युग के समाजों के प्रवास पैटर्न और तकनीकी प्रगति को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।