कलमकारी कला को मिला भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग
2026-07-09पृष्ठभूमि: कलमकारी एक प्राचीन भारतीय कला है जिसमें हाथ से पेंट किए गए या ब्लॉक-प्रिंटेड सूती वस्त्र शामिल होते हैं, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में उत्पादित होते हैं। इसकी विशेषता जटिल डिजाइन और प्राकृतिक रंगों से होती है।
वर्तमान संदर्भ: हाल ही में, आंध्र प्रदेश के श्रीकालहस्ती की अनूठी कलमकारी कला को आधिकारिक तौर पर भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। यह मान्यता इसकी विशिष्टता और पारंपरिक शिल्प कौशल को उजागर करती है।
प्रभाव: जीआई टैग कलमकारी को नकल से बचाएगा, इसके बाजार मूल्य को बढ़ाएगा, और उचित व्यापार प्रथाओं को सुनिश्चित करके तथा कला की प्रामाणिकता को संरक्षित करके स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाएगा।
राष्ट्रीय संग्रहालय ने दुर्लभ पांडुलिपि संग्रह का डिजिटलीकरण किया
2026-07-09पृष्ठभूमि: नई दिल्ली में राष्ट्रीय संग्रहालय में ऐतिहासिक कलाकृतियों और पांडुलिपियों का एक विशाल संग्रह है, जो भारत के अतीत को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इन नाजुक दस्तावेजों का संरक्षण एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
वर्तमान संदर्भ: सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय संग्रहालय ने अपने दुर्लभ पांडुलिपि संग्रह के एक बड़े हिस्से के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। इस परियोजना में उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल प्रतियां बनाने के लिए उन्नत इमेजिंग तकनीकों का उपयोग किया गया।
प्रभाव: डिजिटलीकरण इन अमूल्य पांडुलिपियों के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करता है, जिससे वे मूल को नुकसान पहुंचाने के जोखिम के बिना दुनिया भर के शोधकर्ताओं, विद्वानों और जनता के लिए सुलभ हो जाती हैं। यह कैटलॉगिंग और अध्ययन में भी सहायता करता है।