कोणार्क सूर्य मंदिर परिसर के लिए प्रमुख जीर्णोद्धार परियोजना शुरू
2026-06-23पृष्ठभूमि: ओडिशा में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो लंबे समय से पर्यावरणीय क्षरण और समय के प्रभाव से संरचनात्मक अखंडता और जटिल नक्काशी को प्रभावित करने वाली चुनौतियों का सामना कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग से एक बहु-चरणीय, बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार परियोजना शुरू की है। इस पहल में मंदिर की संरचना को मजबूत करने और इसकी अनूठी कलात्मक बारीकियों को सावधानीपूर्वक संरक्षित करने के लिए उन्नत संरक्षण तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्रभाव: यह महत्वपूर्ण परियोजना भारत की स्थापत्य विरासत के एक महत्वपूर्ण हिस्से की रक्षा करेगी, क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगी और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और कलात्मकता में अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।
ओडिशा की पारंपरिक 'पट्टचित्र' कला को मिला भौगोलिक संकेत (GI) टैग
2026-06-23पृष्ठभूमि: पट्टचित्र, ओडिशा की एक पारंपरिक कपड़े-आधारित स्क्रॉल पेंटिंग है, जो अपने जटिल विवरणों, पौराणिक आख्यानों और जीवंत प्राकृतिक रंगों के लिए प्रसिद्ध है। यह प्राचीन कला रूप सदियों से कुशल स्थानीय कारीगरों द्वारा हिंदू महाकाव्यों और लोककथाओं की कहानियों को चित्रित करते हुए अभ्यास किया जाता रहा है। वर्तमान संदर्भ: भौगोलिक संकेतकों के रजिस्ट्रार ने ओडिशा की पट्टचित्र कला को आधिकारिक तौर पर प्रतिष्ठित जीआई टैग प्रदान किया है। यह मान्यता इसकी अनूठी उत्पत्ति, निर्माण की पारंपरिक विधियों और गहन सांस्कृतिक महत्व को स्वीकार करती है, जो इसे समान कला रूपों से अलग करती है। प्रभाव: जीआई टैग नकल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, प्रामाणिक पट्टचित्र उत्पादों के बाजार मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा, स्थानीय कारीगर समुदायों को सशक्त करेगा और विश्व स्तर पर इस उत्कृष्ट पारंपरिक कला रूप के संरक्षण को बढ़ावा देगा।