ओडिशा के 'काला जीरा' चावल को मिला भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग
2026-05-23पृष्ठभूमि: भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग उन उत्पादों को प्रदान किए जाते हैं जिनमें अद्वितीय गुण होते हैं और जो एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति से जुड़े होते हैं, जो उनकी प्रामाणिकता और मूल्य को दर्शाते हैं।
वर्तमान संदर्भ: ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र में उगाए जाने वाले पारंपरिक 'काला जीरा' चावल, जिसे 'चावल का राजकुमार' भी कहा जाता है, को हाल ही में जीआई टैग प्रदान किया गया है। यह सुगंधित, छोटे दाने वाली किस्म अपने पोषण संबंधी लाभों और विशिष्ट स्वाद के लिए जानी जाती है, जिसका उपयोग अक्सर पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है।
प्रभाव: जीआई टैग काला जीरा चावल की अनूठी पहचान की रक्षा करने, इसके अनुकरण को रोकने और इसके बाजार मूल्य को बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे ओडिशा के स्थानीय किसानों को लाभ होगा और ओडिशा की कृषि विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बढ़ावा मिलेगा।
एएसआई ने बिहार के अररिया जिले में प्राचीन बौद्ध मठ के अवशेषों का पता लगाया
2026-05-23पृष्ठभूमि: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) देश भर में पुरातात्विक स्थलों और प्राचीन स्मारकों के अन्वेषण, उत्खनन और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है।
वर्तमान संदर्भ: बिहार के अररिया जिले में एएसआई द्वारा हाल ही में किए गए उत्खनन से एक प्राचीन बौद्ध मठ के अवशेषों की खोज हुई है। प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि यह स्थल गुप्त काल का है, जिसमें स्तूपों, कोठरियों और जटिल नक्काशी के प्रमाण मिले हैं, जो इस क्षेत्र के समृद्ध बौद्ध अतीत में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।
प्रभाव: इस महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज से पूर्वी भारत में बौद्ध धर्म के प्रसार और गुप्त काल के दौरान इसकी स्थापत्य शैलियों पर अधिक प्रकाश पड़ने की उम्मीद है। यह स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आख्यान की गहरी समझ में योगदान देगा।