लुप्तप्राय लोक कला का डिजिटल दस्तावेजीकरण
2026-05-06पृष्ठभूमि: भारत में लोक कलाओं की एक विविध श्रृंखला है जो आधुनिकीकरण के कारण धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने इन लुप्तप्राय कला रूपों को रिकॉर्ड और संग्रहीत करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल रिपॉजिटरी परियोजना शुरू की है। यह पहल मौखिक परंपराओं, जनजातीय चित्रों और पारंपरिक शिल्पों पर केंद्रित है। प्रभाव: यह परियोजना सुनिश्चित करेगी कि आने वाली पीढ़ियों की भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत तक पहुंच हो। यह ग्रामीण कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एक मंच भी प्रदान करती है, जिससे उनकी आजीविका को समर्थन मिलता है।
ओडिशा में 12वीं सदी के मंदिर परिसर की खोज
2026-05-06पृष्ठभूमि: ओडिशा अपनी कलिंग शैली की मंदिर वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ऐतिहासिक स्थलों को उजागर करने के लिए नियमित रूप से खुदाई करता है। वर्तमान संदर्भ: ASI ने हाल ही में पुरी जिले में एक नियमित खुदाई अभियान के दौरान 12वीं सदी के एक महत्वपूर्ण मंदिर परिसर की खोज की है। इस स्थल में जटिल पत्थर की नक्काशी और शिलालेख शामिल हैं जो मध्यकालीन युग के सामाजिक-धार्मिक जीवन में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। प्रभाव: यह खोज भारतीय पुरातत्व के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह मंदिर वास्तुकला के विकास को समझने में मदद करती है।