हम्पी के प्रतिष्ठित पत्थर के रथ का पुनरुद्धार कार्य पूर्ण
2026-04-27पृष्ठभूमि: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी में विट्ठल मंदिर परिसर का पत्थर का रथ 16वीं शताब्दी की विजयनगर वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है। वर्षों से प्रदूषकों और पर्यटकों की भारी आवाजाही के कारण इसके वैज्ञानिक संरक्षण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान संदर्भ: 27 अप्रैल 2026 को, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एक विशेष पुनरुद्धार परियोजना के सफल समापन की घोषणा की। गैर-आक्रामक रासायनिक सफाई और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण का उपयोग करते हुए, विशेषज्ञों ने मूल पत्थर को बदले बिना जटिल नक्काशी को संरक्षित किया। प्रभाव: यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्मारक की संरचनात्मक अखंडता सुनिश्चित करती है और अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मानकों को बनाए रखते हुए टिकाऊ विरासत पर्यटन को बढ़ावा देती है।
अरुणाचल प्रदेश के अपातानी वस्त्र उत्पादों को मिला जीआई टैग
2026-04-27पृष्ठभूमि: अरुणाचल प्रदेश की जीरो घाटी की अपातानी जनजाति अपनी अनूठी हथकरघा परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है, जो ज्यामितीय पैटर्न और जैविक रंगों के उपयोग के लिए जानी जाती है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 के अंत में, भौगोलिक संकेत (GI) रजिस्ट्री ने आधिकारिक तौर पर अपातानी वस्त्र उत्पादों को जीआई टैग प्रदान किया। इस मान्यता में 'जिग-जीरो' और 'अबोतानी' शॉल जैसे पारंपरिक परिधान शामिल हैं, जिन्हें समुदाय की महिलाओं द्वारा विशेष रूप से लोइन लूम का उपयोग करके बुना जाता है। प्रभाव: जीआई टैग नकली उत्पादों के खिलाफ कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आर्थिक लाभ स्थानीय बुनकरों तक पहुंचे। यह उत्तर-पूर्वी भारतीय स्वदेशी शिल्पों की वैश्विक पहचान को भी बढ़ाता है और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देता है।