लुप्तप्राय लोक कलाओं का डिजिटल दस्तावेजीकरण
2026-04-17पृष्ठभूमि: भारत में मौखिक परंपराओं और लोक कलाओं का एक विशाल भंडार है जो आधुनिकीकरण के कारण धीरे-धीरे लुप्त हो रहा है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने इन लुप्तप्राय कला रूपों को संग्रहीत करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है, जिसमें हाई-डेफिनिशन वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग का उपयोग किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आदिवासी और ग्रामीण समुदायों की सांस्कृतिक बारीकियों को संरक्षित करना है। प्रभाव: यह परियोजना शोधकर्ताओं और भावी पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करेगी, जिससे भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी।
ओडिशा में 12वीं सदी के मंदिर परिसर की खोज
2026-04-17पृष्ठभूमि: ओडिशा अपनी कलिंग शैली की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ कई मंदिर मध्ययुगीन काल के हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाल ही में पुरी जिले में 12वीं सदी के एक महत्वपूर्ण मंदिर परिसर का पता लगाया है। खुदाई में जटिल पत्थर की नक्काशी, गर्भगृह की संरचनाएं और प्राचीन शिलालेख मिले हैं। प्रभाव: यह खोज गंगा राजवंश के सामाजिक-धार्मिक जीवन और वास्तुकला के विकास पर नई अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। इससे क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और मध्ययुगीन भारतीय मंदिर निर्माण तकनीकों की समझ बढ़ने की उम्मीद है।