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भारत के राष्ट्रीय मामले: एबीडीएम विस्तार और हरित गतिशीलता नीति

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) का विस्तार
2026-05-16
पृष्ठभूमि: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) का उद्देश्य एक मजबूत राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना स्थापित करना था, जिससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड और सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसके प्रारंभिक चरण में अद्वितीय स्वास्थ्य आईडी बनाने और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता रजिस्ट्रियों के डिजिटलीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2026 के अंत तक टियर-2 और टियर-3 शहरों में सभी सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को एकीकृत करने के लिए एबीडीएम के व्यापक विस्तार की घोषणा की। यह चरण अंतरसंचालनीयता, टेलीकंसल्टेशन और उन्नत रोगी डेटा सुरक्षा पर जोर देता है। प्रभाव: यह विस्तार विशेष रूप से अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंच और दक्षता बढ़ाएगा। यह रोगी देखभाल को सुव्यवस्थित करेगा, प्रशासनिक लागत कम करेगा, और सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन उपकरण मिलेंगे।
राष्ट्रीय हरित शहरी गतिशीलता नीति 2026 का अनावरण
2026-05-16
पृष्ठभूमि: भारत सतत विकास लक्ष्यों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है, जिसमें कार्बन उत्सर्जन कम करने और शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान केंद्रित है। पिछली पहलों ने इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया, लेकिन एक व्यापक ढांचे की आवश्यकता थी। वर्तमान संदर्भ: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने "राष्ट्रीय हरित शहरी गतिशीलता नीति 2026" का अनावरण किया। यह ऐतिहासिक नीति 100 प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन, व्यापक साइकिलिंग अवसंरचना और पैदल यात्री-अनुकूल शहरी नियोजन को प्रोत्साहित करके शहरी परिवहन को बदलने का लक्ष्य रखती है। प्रभाव: इस नीति से शहरी वायु प्रदूषण में कमी, यातायात की भीड़ में कमी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। यह हरित गतिशीलता समाधानों के घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा देगा, जिससे भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं में प्रगति
2026-05-16
पृष्ठभूमि: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) कई वर्षों से एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। प्रारंभिक वार्ता में बाधाएँ आई थीं, लेकिन दोनों पक्षों की नई राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ इसे फिर से शुरू किया गया। वर्तमान संदर्भ: हालिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ब्रुसेल्स में आयोजित भारत-ईयू एफटीए वार्ता के नवीनतम दौर में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पादों और बौद्धिक संपदा अधिकारों जैसे विवादास्पद मुद्दों पर प्रमुख सफलताओं की उम्मीद है। दोनों पक्ष साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने के बारे में आशावादी हैं। प्रभाव: एक सफल एफटीए आर्थिक संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, शुल्कों को कम करेगा और दोनों क्षेत्रों में व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। यह भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भी मजबूत करेगा और ईयू की आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाएगा, जिससे अधिक रणनीतिक अभिसरण को बढ़ावा मिलेगा।
वैश्विक साइबर सुरक्षा ढांचे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का प्रस्ताव
2026-05-16
पृष्ठभूमि: साइबर हमलों की बढ़ती आवृत्ति और परिष्कार ने साइबरस्पेस को नियंत्रित करने और जिम्मेदार राज्य व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत अंतरराष्ट्रीय ढांचे की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। व्यापक समझौतों के पिछले प्रयासों को विभिन्न राष्ट्रीय हितों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। वर्तमान संदर्भ: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साइबर सुरक्षा पर एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि का मसौदा तैयार करने के लिए एक तदर्थ समिति की स्थापना का आह्वान करते हुए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव अपनाया है। यह प्रस्ताव सहयोग, सूचना साझाकरण और क्षमता निर्माण पर जोर देता है, जिसका लक्ष्य सभी राष्ट्रों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना है। प्रभाव: यह प्रस्ताव वैश्विक साइबर सुरक्षा शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य और गैर-राज्य अभिकर्ताओं के लिए मानकीकृत मानदंड और नियम बना सकता है। यह डिजिटल क्षेत्र में राष्ट्रों के बीच अधिक विश्वास को बढ़ावा दे सकता है और साइबर खतरों से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र प्रदान कर सकता है, हालांकि कार्यान्वयन चुनौतियां बनी हुई हैं।
खुदरा मुद्रास्फीति 12 महीने के निचले स्तर पर
2026-05-16
पृष्ठभूमि: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) भारत में खुदरा मुद्रास्फीति को मापने का प्राथमिक पैमाना है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, खुदरा मुद्रास्फीति 12 महीने के निचले स्तर पर आ गई है, जिसका मुख्य कारण खाद्य और ईंधन की कीमतों में कमी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य दायरे में रखने के लिए सतर्क रुख अपनाए हुए है। प्रभाव: यह गिरावट परिवारों को राहत देती है और मौद्रिक नीति समिति को आगामी नीति समीक्षाओं में तटस्थ या उदार रुख अपनाने पर विचार करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
घरेलू विनिर्माण के लिए नए राजकोषीय प्रोत्साहन
2026-05-16
पृष्ठभूमि: सरकार भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलने के लिए 'मेक इन इंडिया' पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, वित्त मंत्रालय ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजकोषीय प्रोत्साहनों की एक नई श्रृंखला की घोषणा की। इन उपायों में विशिष्ट क्षेत्रों के लिए टैक्स हॉलिडे और एमएसएमई के लिए सरल ऋण पहुंच शामिल है। प्रभाव: इन प्रोत्साहनों से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित होने, रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और आयात के बजाय स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देकर व्यापार घाटे को कम करने की उम्मीद है।
इसरो ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-एक्स लॉन्च किया
2026-05-16
पृष्ठभूमि: भारत का पृथ्वी अवलोकन कार्यक्रम संसाधन प्रबंधन, आपदा निगरानी और जलवायु अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है। इसरो राष्ट्रीय आवश्यकताओं हेतु अपनी उपग्रह प्रौद्योगिकी को लगातार उन्नत करता है। वर्तमान संदर्भ: 15 मई, 2026 को, इसरो ने श्रीहरिकोटा से अपने अगली पीढ़ी के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह, ईओएस-एक्स, का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह उन्नत उपग्रह बेहतर स्पेक्ट्रल रिज़ॉल्यूशन और डेटा ट्रांसमिशन क्षमताओं से लैस है, जो सटीक कृषि निगरानी और शहरी नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है। प्रभाव: ईओएस-एक्स भारत की रिमोट सेंसिंग क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, नीति निर्माताओं, किसानों और पर्यावरण एजेंसियों को आवश्यक डेटा प्रदान करेगा। यह सटीक फसल उपज पूर्वानुमान, कुशल जल संसाधन प्रबंधन और पर्यावरणीय परिवर्तन मूल्यांकन में सहायक होगा, जिससे राष्ट्रीय लचीलापन मजबूत होगा।
व्यक्तिगत कैंसर चिकित्सा में एआई की सफलता
2026-05-16
पृष्ठभूमि: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) स्वास्थ्य सेवा में, विशेषकर निदान और दवा खोज में, तेजी से एकीकृत हो रही है। व्यक्तिगत चिकित्सा का लक्ष्य व्यक्ति की आनुवंशिक बनावट के आधार पर उपचारों को अनुकूलित करना है। वर्तमान संदर्भ: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स के भारतीय शोधकर्ताओं ने 14 मई, 2026 को एक महत्वपूर्ण सफलता की घोषणा की। उन्होंने एक एआई मॉडल विकसित किया है जो जीनोमिक और नैदानिक डेटा का उपयोग कर विशिष्ट कैंसर उपचारों के प्रति रोगी प्रतिक्रियाओं की 90% से अधिक सटीकता से भविष्यवाणी करता है। प्रभाव: यह नवाचार डॉक्टरों को सबसे प्रभावी उपचार चुनने, प्रतिकूल प्रभावों को कम करने और सफलता दर बढ़ाने में सक्षम बनाकर कैंसर उपचार में क्रांति लाएगा। यह भारत को सटीक स्वास्थ्य सेवा में एआई अनुप्रयोगों में अग्रणी बनाता है, जिससे अनगिनत जीवन बच सकते हैं।
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 'वज्र प्रहार 2026' संपन्न
2026-05-16
पृष्ठभूमि: भारत नियमित रूप से मित्र देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है ताकि अंतरसंचालनीयता बढ़े और आतंकवाद विरोधी तथा विशेष अभियानों में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जा सके। ये अभ्यास द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: भारत-अमेरिका संयुक्त विशेष बल अभ्यास 'वज्र प्रहार 2026' का 17वां संस्करण मेघालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अभ्यास में पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए संयुक्त योजना और सामरिक अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों का अनुकरण किया गया। प्रभाव: यह अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बढ़ावा देता है, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए उनकी संयुक्त क्षमताओं में सुधार करता है। यह दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ और विश्वास को भी बढ़ावा देता है, जिससे भविष्य में सहयोग बढ़ता है।
डीआरडीओ ने उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल इंटरसेप्टर का सफल परीक्षण किया
2026-05-16
पृष्ठभूमि: भारत अपनी बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (बीएमडी) क्षमताओं को मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य विभिन्न हवाई खतरों के खिलाफ एक बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) इस स्वदेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान संदर्भ: डीआरडीओ ने ओडिशा तट पर अब्दुल कलाम द्वीप से एक उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल इंटरसेप्टर का सफल परीक्षण-फायरिंग करने की घोषणा की। इंटरसेप्टर ने उच्च गति वाले लक्ष्यों को सटीकता से बेअसर करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया, जो मिसाइल रक्षा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है। प्रभाव: यह सफल परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो इसकी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता और वायु रक्षा शक्ति को बढ़ाता है। यह महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता की स्थिति को मजबूत करता है, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम होती है और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होती है।
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