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राष्ट्रीय मामले: आयुष्मान भव, यूपीआई लाइट सीमाएं, एनएएस 2024 रिपोर्ट

व्यापक स्वास्थ्य कवरेज के लिए 'आयुष्मान भव' अभियान शुरू
2026-05-06
पृष्ठभूमि: भारत सरकार ने लगातार अपने नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है। इस संबंध में आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण रही हैं। वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने "आयुष्मान भव" अभियान शुरू किया है, जो सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी पहल है। यह अभियान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सभी गांवों और शहरी वार्डों को संतृप्त करने का प्रयास करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी पीछे न छूटे। यह समग्र दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को एकीकृत करता है। प्रभाव: इस अभियान से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी में काफी वृद्धि होने, स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होने और पूरे भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत होने की उम्मीद है। यह निवारक, उपचारात्मक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं तक अधिक पहुंच सुनिश्चित करेगा।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एनपीसीआई ने यूपीआई लाइट की लेनदेन सीमाएं संशोधित कीं
2026-05-06
पृष्ठभूमि: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने भारत में डिजिटल भुगतान में क्रांति ला दी है। यूपीआई लाइट को छोटे मूल्य के लेनदेन के लिए एक सरलीकृत, ऑन-डिवाइस वॉलेट समाधान के रूप में पेश किया गया था। वर्तमान संदर्भ: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने यूपीआई लाइट के लिए अधिकतम लेनदेन सीमा को संशोधित किया है। प्रति-लेनदेन सीमा बढ़ा दी गई है, और यूपीआई लाइट वॉलेट में कुल शेष राशि की सीमा भी समायोजित की गई है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य रोजमर्रा के छोटे मूल्य के भुगतानों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए यूपीआई लाइट के उपयोग को प्रोत्साहित करना है, जिससे मुख्य यूपीआई अवसंरचना पर भार कम हो सके। प्रभाव: संशोधित सीमाओं से माइक्रो-लेनदेन के लिए यूपीआई लाइट को अपनाने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल भुगतान अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगा। यह कदम सरकार के कम-नकदी वाली अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण का समर्थन करता है और वित्तीय समावेशन को बढ़ाता है।
राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 रिपोर्ट में सीखने के परिणामों पर प्रकाश डाला गया
2026-05-06
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित स्कूलों में छात्रों के सीखने के परिणामों का एक राष्ट्रव्यापी, आवधिक मूल्यांकन है। वर्तमान संदर्भ: शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) 2024 के निष्कर्ष जारी किए हैं। सर्वेक्षण ने शिक्षा प्रणाली में सीखने के स्तर को समझने और अंतराल की पहचान करने के लिए विभिन्न विषयों और ग्रेडों के छात्रों का आकलन किया। रिपोर्ट विषय-वार प्रदर्शन, क्षेत्रीय भिन्नताओं और विभिन्न शैक्षणिक दृष्टिकोणों के प्रभाव में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। प्रभाव: एनएएस 2024 रिपोर्ट नीति निर्माताओं, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों को तैयार करने हेतु एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में काम करेगी। यह उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है और पूरे देश में छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाने के लिए लक्षित हस्तक्षेपों को डिजाइन करने में सहायता करेगा।
जी7 शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक स्थिरता और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर केंद्रित रहेगा
2026-05-06
पृष्ठभूमि: ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं, साथ ही यूरोपीय संघ भी है। यह एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। वर्तमान संदर्भ: इटली 13-15 जून, 2024 तक पुगलिया में जी7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है। शिखर सम्मेलन में आर्थिक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और यूक्रेन युद्ध तथा मध्य पूर्व की स्थिति जैसे चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों सहित गंभीर वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होगी। प्रभाव: शिखर सम्मेलन का उद्देश्य प्रमुख औद्योगिक देशों के बीच महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर आम सहमति को बढ़ावा देना है, जिससे आर्थिक और सुरक्षा मामलों पर समन्वित नीतिगत प्रतिक्रियाएं और बढ़ी हुई अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावना है।
विश्व स्वास्थ्य सभा वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के लिए जुटेगी
2026-05-06
पृष्ठभूमि: विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का निर्णय लेने वाला निकाय है, जिसमें सभी डब्ल्यूएचओ सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। यह आमतौर पर जिनेवा में सालाना बैठक करता है। वर्तमान संदर्भ: 77वीं विश्व स्वास्थ्य सभा 27 मई से 1 जून, 2024 तक जिनेवा में आयोजित होने वाली है। मुख्य एजेंडा मदों में वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना, महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया, साथ ही गैर-संचारी रोगों को संबोधित करना और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना शामिल है। महामारी संधि को अंतिम रूप देने और वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार पर चर्चा केंद्रित होने की उम्मीद है। प्रभाव: डब्ल्यूएचए के निर्णय वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों और रणनीतियों को प्रभावित करते हैं, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना, रोग निगरानी को बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं तथा चिकित्सा प्रतिउपायों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है।
आईएमएफ जारी करेगा अद्यतन विश्व आर्थिक आउटलुक
2026-05-06
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो वैश्विक मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देता है, वित्तीय स्थिरता सुरक्षित करता है, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की सुविधा प्रदान करता है, उच्च रोजगार और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है, और दुनिया भर में गरीबी को कम करता है। वर्तमान संदर्भ: आईएमएफ अप्रैल 2024 में अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है, जिसमें मई 2024 के आसपास एक अद्यतन जारी होने की संभावना है। यह रिपोर्ट वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक व्यापक विश्लेषण प्रदान करती है, जिसमें विभिन्न देशों और क्षेत्रों के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि, मुद्रास्फीति और व्यापार के पूर्वानुमान शामिल हैं। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने आने वाले प्रमुख जोखिमों और चुनौतियों को भी उजागर करता है। प्रभाव: डब्ल्यूईओ रिपोर्ट नीति निर्माताओं, व्यवसायों और शिक्षाविदों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ है, जो वैश्विक आर्थिक रुझानों और संभावित नीतिगत निहितार्थों में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। यह वर्तमान आर्थिक माहौल को समझने और भविष्य के विकास का अनुमान लगाने में मदद करता है।
भारत का विनिर्माण पीएमआई छह महीने के उच्च स्तर पर
2026-05-06
पृष्ठभूमि: परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) विनिर्माण क्षेत्र में आर्थिक स्वास्थ्य का एक प्रमुख संकेतक है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, भारत का विनिर्माण पीएमआई छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिसका मुख्य कारण मजबूत घरेलू मांग और निर्यात ऑर्डर में वृद्धि है। यह सूचकांक कारखाने के उत्पादन और रोजगार सृजन में निरंतर विस्तार को दर्शाता है। प्रभाव: यह वृद्धि एक लचीले औद्योगिक क्षेत्र का संकेत देती है, जिससे चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी अनुमानों में सुधार होने की संभावना है। यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करता है और भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत करता है।
आरबीआई ने नई तरलता प्रबंधन रूपरेखा लागू की
2026-05-06
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए तरलता का प्रबंधन करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, आरबीआई ने अंतर-बैंक कॉल मनी मार्केट में अस्थिरता को दूर करने के लिए एक संशोधित तरलता प्रबंधन रूपरेखा पेश की। इस कदम में वर्तमान मुद्रास्फीति के माहौल के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के लिए स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दरों को समायोजित करना शामिल है। प्रभाव: इस नीतिगत समायोजन का उद्देश्य स्थिर ब्याज दरों को बनाए रखना, अत्यधिक तरलता को रोकना और बैंकिंग प्रणाली को वैश्विक वित्तीय झटकों से सुरक्षित रखना है।
इसरो का गगनयान मिशन मानवरहित परीक्षण उड़ान के लिए तैयार
2026-05-06
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यान पर भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना है। यह भारत का महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) गगनयान मिशन की पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। यह परीक्षण उड़ान मानव-रेटेड प्रक्षेपण यान और क्रू एस्केप सिस्टम और ऑर्बिटल मॉड्यूल सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों के प्रदर्शन को मान्य करने के लिए महत्वपूर्ण है। प्रभाव: इस परीक्षण उड़ान का सफल समापन एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो भारत को अपनी स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं के लक्ष्य को प्राप्त करने के करीब लाएगा। यह वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा और वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
भारत ने अग्नि-V मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-05-06
पृष्ठभूमि: भारत ने रणनीतिक निवारण सुनिश्चित करने के लिए अपनी मिसाइल क्षमताओं का विकास किया है। अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें भारत के परमाणु त्रय (nuclear triad) के महत्वपूर्ण घटक हैं। वर्तमान संदर्भ: 5 मई 2026 को, भारत ने अपनी स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि-V अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का रात्रि परीक्षण सफलतापूर्वक किया। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल को ओडिशा तट से दूर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्च किया गया था। यह परीक्षण भारत की रणनीतिक मिसाइल प्रौद्योगिकी में बढ़ती क्षमता का प्रतीक है। प्रभाव: सफल परीक्षण भारत की रणनीतिक निवारण क्षमताओं को बढ़ाता है, एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में उसकी स्थिति को मजबूत करता है। यह उन्नत मिसाइल प्रणालियों के विकास में राष्ट्र की आत्मनिर्भरता को भी प्रदर्शित करता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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