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राष्ट्रीय मामले: आयुष्मान भव, टेली-लॉ 2.0, एनसीएफ, ग्रामीण योजनाएं

व्यापक स्वास्थ्य कवरेज के लिए आयुष्मान भव अभियान शुरू
2026-04-26
पृष्ठभूमि: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू कर रहा है। इन पहलों का उद्देश्य राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य अवसंरचना और पहुंच को मजबूत करना है। वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने "आयुष्मान भव" अभियान शुरू किया है। इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदान की जा रही सभी सेवाएं उनके इच्छित लाभार्थियों तक पहुंचें। यह निवारक देखभाल, उपचारात्मक देखभाल और कल्याण सहित, प्रत्येक गांव और शहरी वार्ड में स्वास्थ्य सेवाओं के संतृप्ति पर केंद्रित है। प्रभाव: इस अभियान से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में काफी सुधार होने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में। यह सभी नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा, जिससे स्वास्थ्य असमानताएं कम होंगी और समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे।
टेली-लॉ 2.0 डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से न्याय तक पहुंच बढ़ाता है
2026-04-26
पृष्ठभूमि: "टेली-लॉ" पहल को सामान्य सेवा केंद्रों (सीएस) और पैनल वकीलों के नेटवर्क के माध्यम से समाज के हाशिए पर और वंचित वर्गों को कानूनी सलाह और परामर्श प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: न्याय विभाग, कानून और न्याय मंत्रालय ने "टेली-लॉ 2.0" लॉन्च किया है। इस उन्नत संस्करण का उद्देश्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के साथ एकीकरण करके और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर कानूनी सहायता सेवाओं की पहुंच का विस्तार करना है। यह नागरिकों को मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफार्मों सहित डिजिटल माध्यमों से कानूनी जानकारी, परामर्श और सहायता अधिक कुशलता से प्राप्त करने में सक्षम करेगा। प्रभाव: टेली-लॉ 2.0 से कानूनी सेवाओं को बड़ी आबादी के लिए अधिक सुलभ, किफायती और समय पर बनाकर न्याय तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण होने की उम्मीद है। यह नागरिकों को कानूनी जागरूकता और सहायता के साथ सशक्त करेगा, जिससे कानून के शासन को मजबूत किया जा सकेगा और पूरे देश में सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिलेगा।
फाउंडेशनल स्टेज के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा जारी
2026-04-26
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 बच्चे के विकास के शुरुआती वर्षों के महत्वपूर्ण महत्व पर जोर देती है और फाउंडेशनल स्टेज (उम्र 3-8) के लिए एक मजबूत पाठ्यचर्या ढांचे की वकालत करती है। वर्तमान संदर्भ: शिक्षा मंत्रालय ने फाउंडेशनल स्टेज के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) जारी की है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित, यह रूपरेखा प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के लिए पाठ्यक्रम, शिक्षणशास्त्र और मूल्यांकन के लिए दिशानिर्देश प्रदान करती है। यह खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित सीखने, समग्र विकास और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एकीकरण पर केंद्रित है। प्रभाव: फाउंडेशनल स्टेज के लिए एनसीएफ का उद्देश्य भारत में प्रारंभिक बचपन की शिक्षा को बदलना है, यह सुनिश्चित करके कि सभी बच्चों के लिए एक मानकीकृत, उच्च-गुणवत्ता वाली सीखने का अनुभव हो। यह आजीवन सीखने के लिए एक मजबूत नींव बनाने, संज्ञानात्मक और सामाजिक-भावनात्मक कौशल में सुधार करने और बच्चों को भविष्य की शैक्षणिक सफलता के लिए तैयार करने में मदद करेगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में तत्काल युद्धविराम के लिए प्रस्ताव अपनाया
2026-04-26
पृष्ठभूमि: गाजा में चल रहे संघर्ष के कारण गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है, जिसके चलते युद्धविराम के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय आह्वान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसी तरह के प्रस्तावों को पारित करने के पिछले प्रयासों को वीटो द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया था। वर्तमान संदर्भ: 25 मार्च, 2024 को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रमजान के महीने के लिए गाजा में तत्काल युद्धविराम की मांग करने वाला एक प्रस्ताव अपनाया, जिससे एक स्थायी टिकाऊ युद्धविराम हो सके। यह प्रस्ताव 14 वोटों के पक्ष में पारित हुआ, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने मतदान में भाग नहीं लिया। प्रभाव: यह प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण राजनयिक विकास का प्रतीक है, जो सभी पक्षों पर शत्रुता समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण दबाव डालता है। यह घिरे हुए आबादी तक मानवीय सहायता पहुंचाने की तत्काल आवश्यकता पर भी जोर देता है और सभी बंधकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का आह्वान करता है।
आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर को अपरिवर्तित रखा
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास उद्देश्यों को संतुलित करने के लिए प्रमुख ब्याज दरों और मौद्रिक नीति रुख पर निर्णय लेने हेतु आर्थिक स्थितियों की नियमित समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: 25 अप्रैल, 2026 को समाप्त हुई अपनी नवीनतम बैठक में, एमपीसी ने लगातार सातवीं बार रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखने का फैसला किया, जिसमें लगातार वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने की आवश्यकता का हवाला दिया गया। रुख 'समायोजन की वापसी' बना रहा। प्रभाव: यह निर्णय आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण का संकेत देता है, जो उधारकर्ताओं और निवेशकों के लिए स्थिरता प्रदान करता है, जबकि मूल्य दबावों में निरंतर कमी और मजबूत आर्थिक विकास पर भविष्य की दर में कटौती निर्भर करेगी।
भारत के वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के विकास अनुमानों में मजबूत प्रदर्शन
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारत की आर्थिक वृद्धि पर बारीकी से नजर रखी जाती है, जिसमें तिमाही सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े देश के आर्थिक स्वास्थ्य और प्रक्षेपवक्र में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। रोजगार सृजन और विकास के लिए मजबूत वृद्धि महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: प्रमुख वित्तीय संस्थानों और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने भारत के वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के विकास के लिए अपने अग्रिम अनुमान जारी किए हैं, जिसमें इसके लगभग 7.2-7.5% रहने का अनुमान है। यह मजबूत प्रदर्शन मजबूत घरेलू मांग, सरकारी पूंजीगत व्यय और एक लचीले विनिर्माण क्षेत्र के कारण है। प्रभाव: उम्मीद से अधिक वृद्धि के अनुमान निवेशकों का विश्वास बढ़ाते हैं, जिससे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित हो सकता है। यह सरकार को कल्याणकारी कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचा विकास को आगे बढ़ाने के लिए राजकोषीय गुंजाइश भी प्रदान करता है, जिससे भारत की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थिति मजबूत होती है।
सरकार ने हरित हाइड्रोजन के लिए नई उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की घोषणा की
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारत सरकार आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजित करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है और आयात निर्भरता को कम कर रही है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल, 2026 को, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन क्षेत्र के लिए एक नई पीएलआई योजना का अनावरण किया, जिसमें पांच वर्षों में ₹15,000 करोड़ आवंटित किए गए। इस योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रोलाइजर के घरेलू विनिर्माण और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जो भारत के शुद्ध-शून्य लक्ष्यों के अनुरूप है। प्रभाव: इस पहल से स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने, नवीकरणीय ऊर्जा में निजी निवेश आकर्षित करने और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की उम्मीद है। यह ऊर्जा सुरक्षा, डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों में योगदान देगा और भारत को हरित ऊर्जा संक्रमण में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करेगा।
इसरो का गगनयान मिशन मानवरहित परीक्षण उड़ान के करीब
2026-04-26
पृष्ठभूमि: गगनयान कार्यक्रम, भारत का महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है, जिसका उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना है। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा विकसित किया जा रहा है। वर्तमान संदर्भ: इसरो गगनयान मिशन की पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान की तैयारी कर रहा है, जो मानव अंतरिक्ष उड़ानों से पहले एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परीक्षण उड़ान विभिन्न मिशन स्थितियों के तहत क्रू एस्केप सिस्टम और अंतरिक्ष यान की प्रणालियों के प्रदर्शन को मान्य करेगी। मिशन कठोर परीक्षण और स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रभाव: मानवरहित परीक्षण उड़ान का सफल समापन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा, जो बाद के मानवयुक्त मिशनों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाएगा और उन्नत अंतरिक्ष अन्वेषण और प्रौद्योगिकी में भारत की क्षमताओं को मजबूत करेगा।
भारत ने अग्नि-V मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारत अपनी रणनीतिक निवारण क्षमता को बढ़ाने के लिए अपनी मिसाइल क्षमताओं का विकास कर रहा है। अग्नि-V इस विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो स्वदेशी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान संदर्भ: भारत ने अपनी अग्नि-V मिसाइल का एक विकासात्मक परीक्षण सफलतापूर्वक किया, जो एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है जो परमाणु हथियार ले जाने और 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। यह परीक्षण ओडिशा के तट से दूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था। प्रभाव: इस सफल परीक्षण से भारत की एक प्रमुख मिसाइल शक्ति के रूप में स्थिति मजबूत होती है और इसकी रणनीतिक निवारण मुद्रा मजबूत होती है। यह उन्नत मिसाइल प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
भारतीय नौसेना स्वदेशी एडवांस्ड टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम 'मारीच' को शामिल करेगी
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना लगातार पानी के नीचे के खतरों का मुकाबला करने के लिए अपनी पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास करती है। टॉरपीडो नौसैनिक जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करते हैं, जिसके लिए उन्नत जवाबी उपायों की आवश्यकता होती है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय नौसेना स्वदेशी एडवांस्ड टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम, 'मारीच' को शामिल करने के लिए तैयार है। नौसेना भौतिक और समुद्र विज्ञानी प्रयोगशाला (NPOL), एक प्रमुख डीआरडीओ प्रयोगशाला द्वारा विकसित, मारीच को आने वाले टॉरपीडो को धोखा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो नौसैनिक प्लेटफार्मों को महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है। प्रभाव: मारीच के प्रेरण से भारतीय नौसेना की ASW क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी, जिससे उसके युद्धपोतों की उत्तरजीविता बढ़ेगी। यह स्वदेशी प्रणाली विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करती है और रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
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