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राष्ट्रीय मामले: आयुष्मान भवः, रूपे विस्तार, नई शिक्षा नीति कार्यान्वयन

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए 'आयुष्मान भवः' अभियान शुरू
2026-04-24
पृष्ठभूमि: भारत सरकार ने लगातार अपने नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'आयुष्मान भवः' अभियान शुरू किया है, जो एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। यह अभियान देश भर के प्रत्येक गांव और शहरी वार्ड में सभी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की संतृप्ति प्राप्त करना चाहता है। प्रभाव: इस अभियान से स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी में काफी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पीछे न छूटे। इसका उद्देश्य निवारक, उपचारात्मक और प्रोत्साहक सेवाओं सहित व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है, जिससे आबादी के समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हो।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए NPCI ने रूपे नेटवर्क का विस्तार किया
2026-04-24
पृष्ठभूमि: भारत में एक मजबूत भुगतान अवसंरचना बनाने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की स्थापना की गई थी। वर्तमान संदर्भ: NPCI अपने स्वदेशी कार्ड नेटवर्क, रूपे की पहुंच और स्वीकृति का विस्तार करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। अधिक व्यापारियों को जोड़ने, लेनदेन क्षमताओं को बढ़ाने और 'डिजिटल इंडिया' दृष्टिकोण के अनुरूप घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के लेनदेन के लिए रूपे को एक पसंदीदा भुगतान विधि के रूप में बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं। प्रभाव: रूपे नेटवर्क के विस्तार से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने, अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्क के लिए एक लागत प्रभावी विकल्प प्रदान करने और भारत भर में डिजिटल भुगतान को अपनाने में तेजी लाने की उम्मीद है, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों को लाभ होगा।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन की प्रगति समीक्षा
2026-04-24
पृष्ठभूमि: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार लाना है, जो समग्र विकास और कौशल-आधारित सीखने पर केंद्रित है। वर्तमान संदर्भ: शिक्षा मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नई शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन की प्रगति की लगातार निगरानी और समीक्षा कर रहा है। मुख्य फोकस क्षेत्रों में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता कार्यक्रमों का कार्यान्वयन, पाठ्यक्रम का पुनर्गठन, शिक्षक प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण शामिल है। प्रभाव: नई शिक्षा नीति 2020 का सफल कार्यान्वयन भारत के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार है, इसे 21वीं सदी की जरूरतों के प्रति अधिक न्यायसंगत, सुलभ और प्रासंगिक बना रहा है, जिससे आलोचनात्मक सोच और आजीवन सीखने को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति
2026-04-24
पृष्ठभूमि: भारत और यूरोपीय संघ एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए एक दशक से अधिक समय से बातचीत कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। शुरुआती वार्ता में बाधाएँ आईं, लेकिन हाल के वर्षों में गहरे आर्थिक संबंधों के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए इसे नए सिरे से शुरू किया गया। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 के अंत तक, भारत-यूरोपीय संघ FTA वार्ता के कई प्रमुख अध्यायों में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है, विशेष रूप से वस्तुओं, सेवाओं और निवेश संरक्षण के लिए बाजार पहुंच से संबंधित। ब्रुसेल्स और नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय राजनयिक वार्ताओं से वर्ष के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का संकेत मिलता है। प्रभाव: एक सफल FTA भारत और यूरोपीय संघ दोनों के लिए पर्याप्त आर्थिक अवसर खोलेगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार अरबों डॉलर तक बढ़ सकता है। यह भारतीय व्यवसायों को यूरोपीय बाजार तक अधिक पहुंच प्रदान करेगा और भारत में अधिक यूरोपीय निवेश आकर्षित करेगा, जिससे रोजगार सृजन और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद सुधार पर बहस तेज
2026-04-24
पृष्ठभूमि: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की संरचना की लंबे समय से समकालीन वैश्विक शक्ति गतिशीलता को प्रतिबिंबित न करने के लिए आलोचना की जाती रही है। इसकी सुधार की मांगें, विशेष रूप से स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यता के विस्तार के लिए, भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील (G4 राष्ट्र) सहित विभिन्न देशों से गति पकड़ रही हैं। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 के अंत में, संयुक्त राष्ट्र महासभा में UNSC सुधार को लेकर चर्चाओं में नई जान आई, जिसमें कई सदस्य देशों ने अधिक समावेशी और प्रतिनिधि परिषद के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए। प्रमुख बहसें स्थायी सदस्यों की वीटो शक्ति और नई स्थायी सीटों के मानदंडों के इर्द-गिर्द घूमती रहीं, जो गहरे मतभेदों के साथ-साथ बदलाव की आवश्यकता पर बढ़ती सहमति को उजागर करती हैं। प्रभाव: एक सुधारित UNSC वैश्विक शासन की वैधता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकता है, जिससे विकासशील देशों का अधिक न्यायसंगत प्रतिनिधित्व हो सकेगा। जटिल भू-राजनीतिक हितों के कारण तत्काल सफलता की संभावना कम है, लेकिन तीव्र बहस संयुक्त राष्ट्र को 21वीं सदी की वास्तविकताओं के अनुकूल बनाने के चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देती है।
आरबीआई ने एनबीएफसी के लिए नई तरलता प्रबंधन रूपरेखा पेश की
2026-04-24
पृष्ठभूमि: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) ऋण वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आरबीआई प्रणालीगत जोखिमों को रोकने के लिए निगरानी सख्त कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल 2026 को, आरबीआई ने एक संशोधित तरलता प्रबंधन रूपरेखा जारी की, जिसमें बड़ी एनबीएफसी के लिए उच्च तरलता कवरेज अनुपात (LCR) अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य एनबीएफसी को बैंकिंग मानकों के अनुरूप बनाना है। प्रभाव: यह नीति बाजार के झटकों के खिलाफ शैडो बैंकिंग संस्थाओं के लचीलेपन को बढ़ाएगी। हालांकि इससे अनुपालन लागत बढ़ सकती है, लेकिन यह दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करेगी।
भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने 2026 की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की
2026-04-24
पृष्ठभूमि: घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात निर्भरता कम करने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू की गई थी। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल 2026 को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र में 2026 की पहली तिमाही में 8.2% की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव घटकों द्वारा संचालित है। प्रभाव: विनिर्माण उत्पादन में यह उछाल जीडीपी वृद्धि को बढ़ावा देगा और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगा। यह भारत को एक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में मजबूत करता है और औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करता है।
इसरो का शुक्रयान-1: शुक्र मिशन के लिए अंतिम पेलोड एकीकरण
2026-04-24
पृष्ठभूमि: इसरो शुक्र के घने वायुमंडल और ज्वालामुखीय सतह का अध्ययन करने के लिए 'शुक्रयान-1' नामक एक समर्पित मिशन विकसित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल 2026 को, इसरो ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) और ग्राउंड-पेनिट्रेटिंग रडार सहित वैज्ञानिक पेलोड के सफल अंतिम एकीकरण की घोषणा की। इस मिशन को इस साल के अंत में GSLV Mk II का उपयोग करके लॉन्च किया जाना है। प्रभाव: यह मिशन शुक्र पर अनियंत्रित ग्रीनहाउस प्रभाव पर महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा, जिससे पृथ्वी के जलवायु भविष्य के बारे में जानकारी मिलेगी। यह मंगल और चंद्रमा से परे गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की क्षमता को स्थापित करता है।
भारत ने स्वदेशी 100-क्यूबिट क्वांटम प्रोसेसर का प्रदर्शन किया
2026-04-24
पृष्ठभूमि: 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत, भारत का लक्ष्य 50-1000 भौतिक क्यूबिट वाले मध्यवर्ती स्तर के क्वांटम कंप्यूटर बनाना था। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल 2026 को, IISc बैंगलोर और TIFR के नेतृत्व वाले एक संघ ने सुपरकंडक्टिंग सर्किट का उपयोग करके भारत के पहले स्वदेशी 100-क्यूबिट क्वांटम प्रोसेसर का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। इस प्रोसेसर ने पिछले प्रोटोटाइप की तुलना में बेहतर सुसंगतता समय (coherence times) और कम त्रुटि दर दिखाई। प्रभाव: यह सफलता भारत को उन्नत क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमताओं वाले देशों के एक विशिष्ट समूह में रखती है। यह दवा की खोज, सुरक्षित संचार और जटिल वित्तीय मॉडलिंग में अनुसंधान को गति देगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्वांटम क्लाउड सेवाओं पर निर्भरता कम होगी।
भारत-फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास 'शक्ति-IX' संपन्न
2026-04-24
पृष्ठभूमि: भारत और फ्रांस अंतर-संचालनीयता बढ़ाने और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं। 'शक्ति' श्रृंखला आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित एक द्विवार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास है। वर्तमान संदर्भ: नौवां संस्करण, 'शक्ति-IX', राजस्थान में संपन्न हुआ, जिसमें दोनों सेनाओं के सैनिकों ने शहरी और अर्ध-शहरी युद्ध परिदृश्यों का अनुकरण किया। अभ्यास ने खुफिया जानकारी साझा करने, सामरिक अभ्यास और सुरक्षा खतरों के लिए समन्वित प्रतिक्रियाओं पर जोर दिया। प्रभाव: यह अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करता है, जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की उनकी संयुक्त क्षमताओं में सुधार करता है और आपसी समझ व सर्वोत्तम प्रथाओं के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।
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