सरकार ने सतत शहरी विकास के लिए 'स्मार्ट सिटीज 2.0' नीति का अनावरण किया
2026-07-02पृष्ठभूमि: भारत का तेजी से बढ़ता शहरीकरण बढ़ती आबादी को समायोजित करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे और सतत नियोजन की मांग करता है। प्रारंभिक स्मार्ट सिटीज मिशन शहरी जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित था। वर्तमान संदर्भ: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 'स्मार्ट सिटीज 2.0' लॉन्च किया है, जो एक व्यापक नीति है जो विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों को लक्षित करते हुए हरित बुनियादी ढांचे, डिजिटल शासन और जलवायु-लचीले शहरी नियोजन पर जोर देती है। इस चरण का उद्देश्य कुशल संसाधन प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करना है। प्रभाव: यह नीति छोटे शहरी केंद्रों में जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने, पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और देश भर में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) सार्वभौमिक कवरेज के लिए नए चरण में
2026-07-02पृष्ठभूमि: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) को स्वास्थ्य रिकॉर्ड के लिए एक सहज ऑनलाइन मंच बनाने और भारत के स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ABDM के लिए एक महत्वपूर्ण नए चरण की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकेज प्राप्त करना और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को अधिक व्यापक रूप से एकीकृत करना है। इसका उद्देश्य 2026 के अंत तक 100% आबादी को कवर करना है, जिससे सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में अंतर-संचालनीयता बढ़ेगी। प्रभाव: इस विस्तार से स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में क्रांति आने, डेटा-संचालित नीति निर्माण सक्षम होने, चिकित्सा त्रुटियों में कमी आने और कुशल डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समग्र रोगी अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
'नगर वन' योजना का विस्तार
2026-07-01पृष्ठभूमि: प्रदूषण से निपटने के लिए शहरी क्षेत्रों में वन बनाने हेतु 'नगर वन' (सिटी फॉरेस्ट) योजना शुरू की गई थी। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 तक, पर्यावरण मंत्रालय ने 'नगर वन' परियोजना के दूसरे चरण की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य भारत भर के 500 नए शहर हैं। यह पहल वायु गुणवत्ता और शहरी जैव विविधता में सुधार के लिए कंक्रीट के जंगलों में 'ग्रीन लंग्स' बनाने पर केंद्रित है। प्रभाव: यह विस्तार शहरी हरित आवरण को काफी बढ़ाएगा, शहरी ताप द्वीप प्रभाव को कम करेगा और नागरिकों के लिए मनोरंजक स्थान प्रदान करेगा, जो भारत के जलवायु लचीलेपन और सतत शहरी विकास में योगदान देगा।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) का कार्यान्वयन
2026-07-01पृष्ठभूमि: 1860 की भारतीय दंड संहिता (IPC) भारत की प्राथमिक आपराधिक संहिता थी। वर्तमान संदर्भ: 1 जुलाई 2026 से प्रभावी, भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने IPC का स्थान ले लिया है, जो भारत के कानूनी ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव है। नई संहिता सजा के बजाय न्याय पर जोर देती है, दंड के रूप में सामुदायिक सेवा शुरू करती है, और मुकदमे की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करती है। प्रभाव: इस सुधार का उद्देश्य न्यायिक प्रणाली को आधुनिक बनाना, मामलों के लंबित रहने को कम करना और नागरिकों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है, जो कानूनी ढांचे को समकालीन जरूरतों के अनुरूप बनाता है।