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सरकारी योजनाएं: पीएम-किसान, युवा उद्यमी योजना अपडेट

पीएम-किसान सम्मान निधि - 17वीं किस्त जारी
2026-05-10
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, जो 2019 में शुरू हुई थी, पात्र किसान परिवारों को उनकी आय और कृषि खर्चों में सहायता के लिए प्रति वर्ष ₹6,000 प्रदान करती है। 10 मई, 2026 को, केंद्र सरकार ने इसकी 17वीं किस्त जारी की, जिसके तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में ₹20,000 करोड़ से अधिक सीधे हस्तांतरित किए गए। यह राष्ट्रव्यापी वितरण, सरकार की किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है। इस समय पर वित्तीय सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को इनपुट और दैनिक आवश्यकताओं के लिए आवश्यक तरलता मिलेगी, जिससे कृषि स्थिरता और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी।
'युवा कौशल विकास योजना' का हरित नौकरियों के लिए शुभारंभ
2026-05-09
पृष्ठभूमि: भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत कृषि जैसे हरित क्षेत्रों में कुशल कार्यबल आवश्यक है। मौजूदा कौशल विकास कार्यक्रमों में अक्सर इन तेजी से बढ़ते पर्यावरणीय उद्योगों के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण की कमी होती है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से 'युवा कौशल विकास योजना' शुरू की। इसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 10 लाख युवाओं को सौर पैनल स्थापना, ई-कचरा रीसाइक्लिंग, जैविक खेती और सतत निर्माण जैसे हरित कौशल में प्रशिक्षित करना है। प्रभाव: यह योजना हरित अर्थव्यवस्था में कुशल पेशेवरों की मांग को पूरा करेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह भारत के सतत विकास लक्ष्यों में योगदान देगी और पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देगी।
पीएम-स्वनिधि योजना का व्यापक पहुंच के लिए विस्तार
2026-05-09
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM-SVANidhi) योजना कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। इसका लक्ष्य उनकी आर्थिक रिकवरी, व्यवसायों को औपचारिक बनाना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना था। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम-स्वनिधि योजना के महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की। अब यह योजना अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को कवर करेगी। इस चरण में बाद की किस्तों के लिए ऋण सीमा में वृद्धि और डिजिटल भुगतान अपनाने हेतु प्रोत्साहन शामिल हैं। प्रभाव: इस विस्तार से अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा औपचारिक होगा, लाखों अतिरिक्त विक्रेताओं को वित्तीय सहायता मिलेगी। यह स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देगा और व्यापक जनसांख्यिकी में डिजिटल भुगतान को एकीकृत करेगा, जो डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों के अनुरूप है।
कारीगरों के लिए पीएम-विकास योजना का विस्तार
2026-05-08
पृष्ठभूमि: पीएम-विकास (विश्वकर्मा कौशल सम्मान) योजना को पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 8 मई 2026 तक, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लाभार्थियों को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करने के लिए योजना का विस्तार किया है। यह अपडेट कारीगरों को डिजिटल स्टोरफ्रंट और लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान करता है। प्रभाव: स्थानीय शिल्प कौशल और वैश्विक बाजारों के बीच की खाई को पाटकर, यह विस्तार पारंपरिक कारीगरों की आय में 30% की वृद्धि करना चाहता है। यह बेहतर मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करता है और पारंपरिक शिल्पों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाकर भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है।
नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता पहल का शुभारंभ
2026-05-08
पृष्ठभूमि: सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करने वाले डिजिटल अंतर की पहचान की है। वर्तमान संदर्भ: 7 मई 2026 को, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 'नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता' पहल शुरू की। इसका लक्ष्य 50 लाख महिलाओं को डिजिटल वित्तीय लेनदेन और ई-गवर्नेंस सेवाओं में प्रशिक्षित करना है। प्रभाव: यह कार्यक्रम वित्तीय समावेशन को बढ़ाएगा, बिचौलियों पर निर्भरता कम करेगा और महिलाओं को सीधे मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी लाभ प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगा, जिससे ग्रामीण विकास के लिए एक पारदर्शी तंत्र तैयार होगा।
MSMEs में हरित हाइड्रोजन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए नई योजना "हरित उद्योग प्रोत्साहन योजना"
2026-05-07
पृष्ठभूमि: भारत 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने और हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन ने एक मजबूत हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की नींव रखी है। वर्तमान संदर्भ: 6 मई, 2026 को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने "हरित उद्योग प्रोत्साहन योजना" का अनावरण किया। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अपनी विनिर्माण प्रक्रियाओं और संचालन में हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, सब्सिडी और तकनीकी परामर्श प्रदान करती है। प्रभाव: यह पहल औद्योगिक क्षेत्र, विशेष रूप से MSMEs, जो अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं, के डीकार्बोनाइजेशन में तेजी लाएगी। यह नवाचार को बढ़ावा देगी, नए हरित रोजगार सृजित करेगी और स्थायी औद्योगिक प्रथाओं तथा ऊर्जा संक्रमण में भारत की स्थिति को मजबूत करेगी।
सरकार ने उन्नत कौशल के लिए "डिजिटल कौशल अभियान 2.0" का शुभारंभ किया
2026-05-07
पृष्ठभूमि: डिजिटल रूप से कुशल कार्यबल की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पहचानते हुए, सरकार ने कौशल भारत मिशन के तहत विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए हैं। हालांकि, प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास के लिए निरंतर उन्नयन की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: 7 मई, 2026 को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने "डिजिटल कौशल अभियान 2.0" का शुभारंभ किया। इस उन्नत चरण में अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को लक्षित करते हुए एआई, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे उन्नत डिजिटल कौशल पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें पाठ्यक्रम विकास और प्लेसमेंट सहायता के लिए उद्योग भागीदारी शामिल है। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य कौशल अंतर को पाटना, उभरती प्रौद्योगिकियों में युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना और नवाचार को बढ़ावा देना है। इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने भविष्य-तैयार कौशल के लिए 'युवा कौशल विकास योजना' शुरू की
2026-05-06
पृष्ठभूमि: भारत की विशाल युवा आबादी को रोजगार क्षमता और आर्थिक विकास हेतु मजबूत कौशल विकास की आवश्यकता है। मौजूदा पहलें विभिन्न क्षेत्रों को संबोधित करती हैं। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'युवा कौशल विकास योजना' (YKVY) शुरू की। यह प्रमुख कार्यक्रम युवाओं को एआई, डेटा साइंस और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी भविष्य-तैयार प्रौद्योगिकियों में कौशल प्रदान करेगा, जिसमें उद्योग साझेदारी और अप्रेंटिसशिप पर जोर है। प्रभाव: YKVY उभरते क्षेत्रों में कौशल अंतर को पाटेगा, भारतीय युवाओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। यह नवाचार को बढ़ावा देगा, स्नातक बेरोजगारी कम करेगा और भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने के लक्ष्य का समर्थन करेगा।
पीएम-स्वनिधि योजना का अनौपचारिक श्रमिकों के लिए विस्तार
2026-05-06
पृष्ठभूमि: पीएम-स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडरों को संपार्श्विक-मुक्त कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया, जिससे महामारी के बाद उनकी आर्थिक रिकवरी और औपचारिकीकरण में मदद मिली। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम-स्वनिधि का महत्वपूर्ण विस्तार किया। अब इसमें अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छोटे कारीगर और घर-आधारित सूक्ष्म-उद्यमी शामिल हैं, साथ ही अच्छे पुनर्भुगतान रिकॉर्ड वाले विक्रेताओं के लिए उच्च ऋण का नया स्तर भी पेश किया गया है। प्रभाव: यह विस्तार लाखों लोगों के लिए वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा, उद्यमिता को बढ़ावा देगा और अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता कम करेगा। यह शहरी आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करेगा और असंगठित क्षेत्र के औपचारिकीकरण में तेजी लाएगा।
पीएमजीदिशा: ग्रामीण भारत में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
2026-05-05
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीदिशा) 2017 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य मार्च 2027 तक ग्रामीण परिवारों में कम से कम 40% को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है। इस योजना का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल कौशल से सशक्त बनाना है, जिससे वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में भाग ले सकें और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच सकें। वर्तमान संदर्भ: पीएमजीदिशा ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के अपने लक्ष्य की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। देश भर में प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं, जो बुनियादी डिजिटल संचालन, इंटरनेट उपयोग और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन पर पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और इच्छित लाभार्थियों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए योजना की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभाव: इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता दर में काफी वृद्धि की है, जिससे व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन शिक्षा और ई-कॉमर्स के अवसरों तक पहुंचने में मदद मिली है। इसने डिजिटल विभाजन को पाटा है, जिससे अधिक समावेश को बढ़ावा मिला है और नागरिकों को तेजी से डिजिटल दुनिया में नेविगेट करने के लिए आवश्यक कौशल से सशक्त बनाया गया है।
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