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सरकारी योजनाएँ: पीएम-किसान विस्तार, हरित नौकरियाँ

पीएम-किसान योजना का विस्तार, अधिक लाभार्थी शामिल
2026-04-20
पृष्ठभूमि: पीएम-किसान योजना, जो 2019 में शुरू हुई, पात्र किसान परिवारों को सीधी आय सहायता प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करना और ग्रामीण संकट को कम करना है। यह कृषि कल्याण के लिए एक प्रमुख सरकारी पहल रही है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने पीएम-किसान योजना के महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की। इस अद्यतन से पात्रता मानदंड व्यापक होंगे, संभवतः इसमें पहले बाहर रखे गए अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर या सीमांत किसान शामिल होंगे, जो ग्रामीण आय स्थिरता पर इसके प्रभाव की सफल समीक्षा पर आधारित है। प्रभाव: इस विस्तार से लाखों अतिरिक्त लाभार्थी योजना के दायरे में आने की उम्मीद है, जिससे कृषि समुदाय के एक व्यापक, अधिक कमजोर वर्ग को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता को और बढ़ावा देना, ग्रामीण खपत को प्रोत्साहित करना और गरीबी उन्मूलन तथा खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देना है।
जल जीवन मिशन ने हासिल किए प्रमुख मील के पत्थर, सतत जल प्रबंधन के लिए नए लक्ष्य निर्धारित
2026-04-19
पृष्ठभूमि: जल जीवन मिशन (जेजेएम), जिसे 2019 में शुरू किया गया था, का लक्ष्य 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। वर्तमान संदर्भ: 17 अप्रैल, 2026 को जल शक्ति मंत्रालय ने अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट जारी की, जिसमें घोषणा की गई कि अब 95% से अधिक ग्रामीण घरों में कार्यात्मक नल जल कनेक्शन हैं, जिसमें कई राज्यों ने समय से पहले 100% संतृप्ति हासिल कर ली है। इस सफलता के आधार पर, मंत्रालय ने 'जल सुरक्षा अभियान' नामक एक नई पहल का भी अनावरण किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल प्रबंधन, ग्रेवाटर उपचार और वर्षा जल संचयन पर केंद्रित है। प्रभाव: इस मिशन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार किया है, पानी लाने में महिलाओं और लड़कियों की कठिनाई को कम किया है, और ग्रामीण भारत में जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाया है। नई पहल दीर्घकालिक जल सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करेगी।
नया राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम 'युवा कौशल विकास योजना' शुरू
2026-04-19
पृष्ठभूमि: भारत ने पीएमकेवीवाई जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से अपने युवाओं को सशक्त बनाने और उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए लगातार कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि, तेजी से विकसित हो रहा तकनीकी परिदृश्य नए, लक्षित कार्यक्रमों की आवश्यकता को जन्म देता है। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 18 अप्रैल, 2026 को एक नया प्रमुख कार्यक्रम, 'युवा कौशल विकास योजना' (वाईकेवीवाई) शुरू किया। यह योजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और ग्रीन टेक्नोलॉजीज जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में युवाओं को कौशल प्रदान करने और पुनः कौशल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप है। प्रभाव: वाईकेवीवाई उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में कौशल अंतर को पाटने के लिए तैयार है, जिससे भारतीय युवा विश्व स्तर पर अधिक रोजगार योग्य बनेंगे। यह नवाचार को बढ़ावा देगा, आर्थिक विकास को गति देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भारत का कार्यबल डिजिटल अर्थव्यवस्था में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार है।
पीएम-किसान योजना का विस्तार, अधिक सीमांत किसानों को किया गया शामिल
2026-04-19
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, जो 2019 में शुरू की गई थी, पूरे भारत में पात्र किसान परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19 अप्रैल, 2026 को पीएम-किसान योजना के महत्वपूर्ण विस्तार को मंजूरी दी, जिससे इसके पात्रता मानदंडों को व्यापक बनाया गया और पहले बाहर रखे गए सीमांत किसानों के एक बड़े वर्ग को शामिल किया गया। इस कदम से अतिरिक्त 1.5 करोड़ किसानों को इसके दायरे में लाने की उम्मीद है, साथ ही वार्षिक परिव्यय में भी वृद्धि होगी। प्रभाव: यह विस्तार अधिक संख्या में कमजोर किसान परिवारों को बेहतर वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा, उनकी आय को बढ़ावा देगा और कृषि इनपुट में बेहतर निवेश को सक्षम करेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत होने तथा खाद्य सुरक्षा में योगदान मिलने की उम्मीद है।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) पर प्रगति रिपोर्ट
2026-04-18
पृष्ठभूमि: जल जीवन मिशन (जेजेएम), जिसे 2019 में शुरू किया गया था, ने 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की परिकल्पना की थी। यह सामुदायिक भागीदारी और जल गुणवत्ता निगरानी पर जोर देता है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, जल शक्ति मंत्रालय ने जेजेएम पर एक व्यापक प्रगति रिपोर्ट जारी की, जिसमें 2024 के प्रारंभिक लक्ष्य से परे इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। रिपोर्ट में 95% से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन सफलतापूर्वक प्रदान करने का विवरण दिया गया, जिसमें अब बुनियादी ढांचे को बनाए रखने, ग्रेवाटर प्रबंधन और जल-तनावग्रस्त क्षेत्रों में समुदाय-नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से जल संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा देने पर नया ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रभाव: इस मिशन ने जल-जनित बीमारियों को कम करके सार्वजनिक स्वास्थ्य में नाटकीय रूप से सुधार किया है और पानी इकट्ठा करने के बोझ को कम करके महिलाओं को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त बनाया है। नया ध्यान दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करता है, टिकाऊ संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देता है और ग्रामीण भारत में जल प्रबंधन में स्थानीय शासन को मजबूत करता है।
'युवा कौशल विकास अभियान' का शुभारंभ
2026-04-18
पृष्ठभूमि: भारत, अपनी विशाल युवा आबादी के साथ, कौशल विकास को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए एक आधारशिला मानता है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) जैसी मौजूदा पहलों ने रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'युवा कौशल विकास अभियान' नामक एक नया प्रमुख कार्यक्रम शुरू किया। इस मिशन का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 5 मिलियन युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करना है, जिसमें उद्योग-अकादमिक साझेदारी और डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। प्रभाव: यह पहल कौशल अंतर को काफी हद तक कम करेगी, जिससे भारत का कार्यबल विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा। यह युवा रोजगार क्षमता को बढ़ावा देगा, उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा और अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाकर राष्ट्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जो एक कुशल भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) - पीएमएवाई-यू का विस्तार
2026-04-18
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), जिसे 2015 में शुरू किया गया था, का उद्देश्य 'सभी के लिए आवास' सुनिश्चित करके सभी पात्र शहरी परिवारों को किफायती आवास प्रदान करना है। यह इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना, साझेदारी में किफायती आवास और लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण जैसे विभिन्न वर्टिकल के माध्यम से संचालित होती है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएमएवाई-यू के एक महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की, जिसमें टिकाऊ शहरी नियोजन और हरित भवन प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने पर केंद्रित एक नया चरण पेश किया गया। इस चरण में टियर-2 और टियर-3 शहरों में अतिरिक्त 1.5 मिलियन घरों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री और स्मार्ट होम सुविधाओं के लिए बढ़ी हुई सब्सिडी शामिल है। प्रभाव: यह विस्तार शहरी आवास की कमी को और दूर करेगा, पर्यावरण के प्रति जागरूक विकास को बढ़ावा देगा और छोटे शहरों में आर्थिक विकास को गति देगा। यह लाखों लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा, शहरी गरीबी को कम करेगा और निर्माण तथा संबद्ध क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
नारी शक्ति उद्यमी योजना का विस्तार
2026-04-17
पृष्ठभूमि: नारी शक्ति उद्यमी योजना महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई को संपार्श्विक-मुक्त ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। वर्तमान संदर्भ: 17 अप्रैल 2026 तक, सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए इसमें ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को शामिल किया है और ऋण सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है। प्रभाव: इस विस्तार से भारत भर में 2 लाख से अधिक महिला उद्यमियों के सशक्त होने की उम्मीद है। ब्याज दरों को कम करके और दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाकर, यह योजना वित्तीय स्वतंत्रता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।
पीएम-विकास डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ
2026-04-17
पृष्ठभूमि: सरकार सामाजिक कल्याण लाभों के वितरण को डिजिटल बनाने और लीकेज को कम करने के लिए काम कर रही है। वर्तमान संदर्भ: 16 अप्रैल 2026 को, सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 'पीएम-विकास' (विकसित कल्याण समर्थन) पोर्टल लॉन्च किया। यह एकीकृत मंच 50 से अधिक केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं को एक डैशबोर्ड पर लाता है। प्रभाव: यह पोर्टल एआई-संचालित एनालिटिक्स का उपयोग करके पात्र लाभार्थियों की पहचान करता है, जिससे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। यह प्रशासनिक देरी को कम करता है और सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ाता है।
PM-KISAN e-KYC: Ensuring Direct Benefit Transfer Integrity
2026-04-15
Background: The Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN) scheme relies on accurate beneficiary data for effective fund disbursement. To ensure that benefits reach the intended recipients and to prevent fraudulent claims, the government mandates certain verification processes. One such crucial process is the Know Your Customer (KYC) verification for all beneficiaries. Current Context: The completion of e-KYC for PM-KISAN beneficiaries has been a recurring focus for the Ministry of Agriculture & Farmers Welfare. This process involves verifying the identity and eligibility of farmers through Aadhaar-based authentication, either online or through designated Common Service Centres (CSCs). The government has set deadlines for e-KYC completion to streamline the process. Impact: The e-KYC mandate strengthens the Direct Benefit Transfer (DBT) mechanism of the PM-KISAN scheme. It helps in weeding out ineligible beneficiaries and ensures that the financial assistance is accurately transferred to genuine farmers. This process enhances transparency, reduces leakages, and improves the overall efficiency and credibility of the scheme, thereby ensuring that government funds are utilized effectively for farmer welfare.
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