LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

पर्यावरण और पारिस्थितिकी समाचार: जैव विविधता, जलवायु कार्रवाई, वन्यजीव संरक्षण

जैव विविधता संरक्षण पर नई राष्ट्रीय नीति को मंजूरी मिली
2026-08-17
पृष्ठभूमि: भारत ने लंबे समय से अपनी समृद्ध जैव विविधता के महत्व को पहचाना है और इसके संरक्षण के लिए विभिन्न कानून और नीतियां बनाई हैं। हालांकि, विकसित हो रही चुनौतियों के कारण एक व्यापक अद्यतन की आवश्यकता थी। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 के मध्य में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव विविधता संरक्षण पर एक नई राष्ट्रीय नीति को मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य विकास के सभी क्षेत्रों में जैव विविधता संबंधी चिंताओं को एकीकृत करना, संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए संरक्षण प्रयासों को मजबूत करना और जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। यह स्थानीय समुदायों और स्वदेशी ज्ञान की भूमिका पर भी जोर देता है। प्रभाव: नई नीति से जैव विविधता प्रबंधन के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करने की उम्मीद है, जिससे संरक्षण के बेहतर परिणाम, बढ़ी हुई पारिस्थितिक लचीलापन और भारत की प्राकृतिक विरासत की रक्षा में अधिक जन जागरूकता और भागीदारी होगी।
हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन ने वनीकरण अभियानों को तेज किया
2026-08-17
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (NMGI) देश भर में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को बढ़ाना है। यह वनीकरण और पुनर्वनीकरण दोनों प्रयासों पर केंद्रित है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, NMGI ने विशेष रूप से निम्नीकृत वन क्षेत्रों और सामुदायिक भूमि में अपने वनीकरण अभियानों में महत्वपूर्ण तेजी की सूचना दी है। आगामी रोपण मौसम के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिसमें देशी प्रजातियों के उपयोग और रोपण व रखरखाव में सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया गया है। प्रभाव: इन तेज अभियानों से भारत के वन आवरण में काफी वृद्धि होने, कार्बन पृथक्करण में सुधार होने, जैव विविधता बढ़ने और स्थायी वन प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर प्रदान होने की उम्मीद है।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 गीगावाट मील के पत्थर को पार कर गई
2026-08-16
पृष्ठभूमि: भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। सौर और पवन ऊर्जा इस वृद्धि के प्राथमिक चालक रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: 14 अगस्त 2026 तक, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों ने पुष्टि की है कि भारत की कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 गीगावाट के आंकड़े को पार कर गई है। यह मील का पत्थर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के महत्वपूर्ण योगदान से प्राप्त हुआ, जिसके बाद पवन ऊर्जा का स्थान रहा। प्रभाव: यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और पेरिस समझौते के तहत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) को पूरा करने की दिशा में इसकी प्रगति को रेखांकित करती है। यह एक बढ़ती हुई हरित अर्थव्यवस्था का भी संकेत देता है, जो नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करता है और रोजगार के अवसर पैदा करता है।
राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह में 'प्रोजेक्ट चीता' विस्तार का शुभारंभ
2026-08-16
पृष्ठभूमि: प्रोजेक्ट चीता, जो 2022 में शुरू किया गया था, का उद्देश्य चीतों को भारत में फिर से स्थापित करना है, जो 1950 के दशक से विलुप्त हैं। परियोजना में अफ्रीकी देशों से चीतों का स्थानांतरण और उन्हें सावधानीपूर्वक चयनित वन्यजीव अभयारण्यों में स्थापित करना शामिल है। वर्तमान संदर्भ: 15 अगस्त 2026 को समाप्त हुए राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के उपलक्ष्य में, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने राजस्थान के डेजर्ट नेशनल पार्क में एक नए, बड़े बाड़े में दस अतिरिक्त चीतों के सफल स्थानांतरण की घोषणा की। इस विस्तार का उद्देश्य अधिक स्थान और बेहतर प्रजनन स्थितियाँ प्रदान करना है। प्रभाव: प्रोजेक्ट चीता का विस्तार भारत के मूल मेगाफौना को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह क्षेत्र में इको-टूरिज्म की क्षमता को भी बढ़ाता है और वैश्विक संरक्षण प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
भारत ने तटरेखाओं के साथ मैंग्रोव संरक्षण प्रयासों को तेज किया
2026-08-16
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो तटरेखाओं को कटाव और तूफान की लहरों से बचाते हैं, और समुद्री जीवन के लिए महत्वपूर्ण नर्सरी के रूप में कार्य करते हैं। भारत में मैंग्रोव का महत्वपूर्ण आवरण है, विशेष रूप से सुंदरबन, गुजरात और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में। वर्तमान संदर्भ: 16 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सभी तटीय राज्यों में मैंग्रोव संरक्षण को मजबूत करने के लिए बढ़ी हुई फंडिंग और नई नीतिगत निर्देशों की घोषणा की। इसमें उपग्रह निगरानी में वृद्धि, सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम और समर्पित मैंग्रोव बहाली क्षेत्रों की स्थापना शामिल है। प्रभाव: इन तेज प्रयासों से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के खिलाफ भारत के तटीय समुदायों के लचीलेपन में काफी सुधार होने, समुद्री जैव विविधता को बढ़ाने और कार्बन पृथक्करण में योगदान करने की उम्मीद है, जिससे राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों में सहायता मिलेगी।
पर्यावरण मंत्रालय ने 'ग्रीन इंडिया मिशन' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया
2026-08-15
पृष्ठभूमि: ग्रीन इंडिया मिशन (GIM) देश में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाने, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं में सुधार करने और वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को बढ़ाने के उद्देश्य से एक राष्ट्रीय मिशन है। वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त 2026 को, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ग्रीन इंडिया मिशन के दूसरे चरण के शुभारंभ की घोषणा की। यह चरण 2030 तक 5 मिलियन हेक्टेयर अतिरिक्त पेड़ लगाने के लक्ष्य के साथ, निम्नीकृत वन क्षेत्रों में वनीकरण, कृषि वानिकी और शहरी हरित पहलों पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रभाव: GIM के विस्तार से भारत के जलवायु परिवर्तन शमन लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान मिलने, जैव विविधता बढ़ाने, मृदा और जल संरक्षण में सुधार करने और हरित रोजगार सृजित करने की उम्मीद है, जिससे अधिक टिकाऊ और लचीला वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने प्रोजेक्ट टाइगर की प्रगति की समीक्षा की
2026-08-15
पृष्ठभूमि: प्रोजेक्ट टाइगर, 1973 में शुरू की गई, बाघों की आबादी और उनके आवासों के संरक्षण के लिए भारतीय सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) इसके कार्यान्वयन की देखरेख करता है। वर्तमान संदर्भ: 15 अगस्त 2026 से पहले के सप्ताह में, NTCA ने प्रोजेक्ट टाइगर की नवीनतम प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की। चर्चाओं में विभिन्न अभयारण्यों में बाघों की आबादी पर आवास बहाली, अवैध शिकार विरोधी उपायों और मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रभाव: समीक्षा का उद्देश्य चुनौतियों की पहचान करना और संरक्षण प्रयासों को बढ़ाने के लिए रणनीति बनाना है, जिससे भारत में बाघों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित किया जा सके और वन पारिस्थितिक तंत्र के पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत किया जा सके।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए नए संरक्षण दिशा-निर्देश
2026-08-14
पृष्ठभूमि: ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) एक गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजाति है जो मुख्य रूप से थार रेगिस्तान में पाई जाती है। वर्तमान संदर्भ: 13 अगस्त 2026 को, पर्यावरण मंत्रालय ने GIB संरक्षण के लिए अद्यतन दिशा-निर्देश जारी किए। नया ढांचा महत्वपूर्ण आवासों में बिजली लाइनों को भूमिगत करने का आदेश देता है और मुख्य प्रजनन क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार को प्रतिबंधित करता है। प्रभाव: ये उपाय बिजली लाइनों से टकराने के कारण होने वाली पक्षियों की मृत्यु दर को कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। संरक्षित क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों को विनियमित करके, सरकार इस प्रजाति की आबादी को स्थिर करना चाहती है।
ग्रीन कॉरिडोर 2026 पहल का शुभारंभ
2026-08-14
पृष्ठभूमि: भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए भूमि क्षरण तटस्थता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 14 अगस्त 2026 को, पर्यावरण मंत्रालय ने 'ग्रीन कॉरिडोर 2026' पहल शुरू की। इस परियोजना का उद्देश्य राजस्थान और गुजरात सहित पांच राज्यों में 50,000 हेक्टेयर खराब वन भूमि को बहाल करना है। प्रभाव: यह पहल कार्बन पृथक्करण को बढ़ाएगी, स्थानीय जैव विविधता में सुधार करेगी और वन-आश्रित समुदायों के लिए स्थायी आजीविका प्रदान करेगी। यह 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि को बहाल करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) पर प्रगति रिपोर्ट
2026-08-13
NEEDS_REVIEW
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests