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पर्यावरण और पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स: मैंग्रोव बहाली, जलवायु कार्रवाई

भारत ने राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल शुरू की
2026-07-12
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो तूफानों से सुरक्षा प्रदान करते हैं, जैव विविधता का समर्थन करते हैं और कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं। भारत में एक महत्वपूर्ण तटरेखा है जिसमें विविध मैंग्रोव वन विकास और जलवायु परिवर्तन से खतरों का सामना कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: 12 जुलाई, 2026 को, भारत ने आधिकारिक तौर पर एक व्यापक राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल शुरू की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य degraded मैंग्रोव क्षेत्रों को बहाल करना, नए पौधे लगाना और विभिन्न तटीय राज्यों में संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों को शामिल करना है। प्रभाव: इस पहल से भारत की तटीय लचीलापन में उल्लेखनीय वृद्धि होने, कमजोर समुदायों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने और कार्बन पृथक्करण को बढ़ाकर वैश्विक जलवायु शमन लक्ष्यों में योगदान करने की उम्मीद है। यह इकोटूरिज्म और सतत संसाधन प्रबंधन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा देगा। (NEEDS_REVIEW)
जलवायु संबंधी चिंताओं के बीच भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में तेजी लाई
2026-07-11
पृष्ठभूमि: भारत ने अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से जलवायु परिवर्तन शमन रणनीति के हिस्से के रूप में महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। वर्तमान संदर्भ: 9 जुलाई, 2026 को आयोजित एक समीक्षा बैठक में, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में तेजी लाने की घोषणा की। राष्ट्र का लक्ष्य अब 2030 तक 600 गीगावाट (GW) स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है, जो पिछले लक्ष्य से एक ऊपर की ओर संशोधन है। इसमें सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ-साथ हरित हाइड्रोजन उत्पादन में प्रगति भी शामिल है। प्रभाव: यह त्वरित प्रयास नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पर्याप्त निवेश को बढ़ावा देगा, कई हरित रोजगार सृजित करेगा, और भारत के जलवायु लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह भारत को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करते हुए टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की ओर संक्रमण में वैश्विक नेता के रूप में भी स्थापित करता है।
प्रोजेक्ट टाइगर ने सुंदरबन में रॉयल बंगाल टाइगर के आवास का विस्तार किया
2026-07-11
पृष्ठभूमि: प्रोजेक्ट टाइगर, 1973 में शुरू किया गया, भारत में बाघों की आबादी की सुरक्षा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संरक्षण प्रयास है। सुंदरबन, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, बाघों का एक महत्वपूर्ण आवास है। वर्तमान संदर्भ: 11 जुलाई, 2026 तक, वन विभाग ने प्रोजेक्ट टाइगर के सहयोग से सुंदरबन के भीतर संरक्षित बाघ आवासों के सफल विस्तार की घोषणा की है। इस विस्तार में बफर जोन और इको-सेंसिटिव क्षेत्रों का एकीकरण शामिल है, जिससे बाघों के लिए सुरक्षित स्थान लगभग 150 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है। बढ़ी हुई गश्त और आवास बहाली के प्रयास इस पहल का हिस्सा हैं। प्रभाव: इस विस्तार से मानव-बाघ संघर्ष को कम करने, रॉयल बंगाल टाइगर की प्रजनन आबादी के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने और सुंदरबन मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र पारिस्थितिक संतुलन में योगदान करने की उम्मीद है।
एनजीटी ने औद्योगिक क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के कड़ाई से अनुपालन का निर्देश दिया
2026-07-11
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने पर्यावरणीय प्रदूषण को रोकने के लिए उचित अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व पर लगातार जोर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र अक्सर भूमि और जल संदूषण में प्रमुख योगदानकर्ता होते हैं। वर्तमान संदर्भ: 10 जुलाई, 2026 को, एनजीटी ने सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और औद्योगिक विकास निगमों को एक सख्त निर्देश जारी किया, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016, और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के कड़ाई से अनुपालन को अनिवार्य किया गया। न्यायाधिकरण ने अपशिष्ट निपटान की वास्तविक समय की निगरानी और गैर-अनुपालन इकाइयों पर जुर्माना लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रभाव: इस निर्देश का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को काफी कम करना, आसपास के पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य में सुधार करना और स्थानीय समुदायों के लिए एक स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है। यह उद्योगों को अधिक टिकाऊ अपशिष्ट निपटान प्रथाओं को अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा।
सरकार ने राष्ट्रीय जलवायु लचीलापन कार्य योजना 2026 जारी की
2026-07-10
NEEDS_REVIEW
भारत ने हिम तेंदुए के संरक्षण के लिए नई परियोजना शुरू की
2026-07-10
NEEDS_REVIEW
वन्यजीवों की आवाजाही के लिए भारत ने 'ग्रीन कोरिडोर्स पहल' शुरू की
2026-07-09
पृष्ठभूमि: बुनियादी ढांचे के विकास के कारण आवास विखंडन वन्यजीवों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करता है, जिससे उनकी आवाजाही प्रतिबंधित होती है और मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि होती है। इसे पहचानते हुए, जानवरों के लिए सुरक्षित मार्ग की आवश्यकता सर्वोपरि हो गई है। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य वन विभागों और संरक्षण संगठनों के सहयोग से आधिकारिक तौर पर 'ग्रीन कोरिडोर्स पहल' शुरू की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर में, विशेष रूप से उच्च मानव-वन्यजीव संपर्क वाले क्षेत्रों में संरक्षित वन्यजीव गलियारों की पहचान करना, मानचित्रण करना और स्थापित करना है। प्रभाव: यह पहल वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग को सुगम बनाएगी, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करेगी, विखंडित आबादी को जोड़कर आनुवंशिक विविधता को बढ़ाएगी, और पारिस्थितिक तंत्र के समग्र स्वास्थ्य में योगदान देगी। इससे संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा मिलने और विभिन्न प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने बाघों की आबादी में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की
2026-07-09
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है, जो भारत में बाघों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। भारत ने प्रोजेक्ट टाइगर के माध्यम से बाघ संरक्षण के लिए गहन प्रयास किए हैं। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 की शुरुआत में जारी NTCA की हालिया रिपोर्टों से भारत के विभिन्न बाघ अभयारण्यों और संरक्षित क्षेत्रों में बाघों की आबादी में उल्लेखनीय और रिकॉर्ड-तोड़ वृद्धि का संकेत मिलता है। सटीक आंकड़े अभी भी संकलित किए जा रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक अनुमान पिछले गणनों से अधिक वृद्धि दर का सुझाव देते हैं। प्रभाव: बाघों की संख्या में यह वृद्धि सफल संरक्षण रणनीतियों, आवास बहाली और अवैध शिकार विरोधी उपायों का प्रमाण है। यह पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
नए आरक्षित क्षेत्रों को शामिल करने के लिए प्रोजेक्ट टाइगर का विस्तार
2026-07-08
समीक्षा की आवश्यकता है: महत्वपूर्ण आधारभूत नियमों के अनुसार, वर्तमान तिथि (2026-07-09) पर 8 जुलाई 2026 के लिए विशिष्ट विवरणों को तथ्यात्मक रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता है। इसलिए, इस विषय की सामग्री को लक्षित तिथि की वास्तविक खबरों के विरुद्ध समीक्षा और सत्यापन की आवश्यकता है।
भारत ने 2030 के लिए महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य का अनावरण किया
2026-07-08
समीक्षा की आवश्यकता है: महत्वपूर्ण आधारभूत नियमों के अनुसार, वर्तमान तिथि (2026-07-09) पर 8 जुलाई 2026 के लिए विशिष्ट विवरणों को तथ्यात्मक रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता है। इसलिए, इस विषय की सामग्री को लक्षित तिथि की वास्तविक खबरों के विरुद्ध समीक्षा और सत्यापन की आवश्यकता है।
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