Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

पर्यावरण और पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स: भारत के संरक्षण प्रयास 2026

भारत की आर्द्रभूमि संरक्षण पर नई राष्ट्रीय नीति
2026-07-21
NEEDS_REVIEW
जलवायु कार्रवाई के लिए भारत का अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs)
2026-07-20
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) पेरिस समझौते के तहत देशों द्वारा प्रस्तुत जलवायु कार्रवाई लक्ष्य हैं। भारत ने लगातार महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 की शुरुआत में, भारत ने UNFCCC को अपने अद्यतन NDCs प्रस्तुत किए, जिसमें 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने और 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता को 60% तक बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। अद्यतन NDCs में कार्बन सिंक वृद्धि और जलवायु लचीलापन के लिए बढ़ी हुई लक्ष्य भी शामिल हैं। प्रभाव: ये अद्यतन NDCs जलवायु परिवर्तन पर भारत के सक्रिय रुख को प्रदर्शित करते हैं, जो इसके विकास लक्ष्यों को वैश्विक पर्यावरणीय अनिवार्यता के साथ संरेखित करते हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं को मजबूत करता है और भारत के भीतर हरित प्रौद्योगिकियों और टिकाऊ प्रथाओं में और अधिक निवेश को प्रोत्साहित करता है।
'महानंदा वन्यजीव अभयारण्य' विस्तार को नया राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा
2026-07-20
पृष्ठभूमि: भारत के संरक्षित क्षेत्रों का नेटवर्क, जिसमें राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये क्षेत्र लुप्तप्राय प्रजातियों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 के मध्य में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में महानंदा वन्यजीव अभयारण्य के विस्तार की घोषणा की, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा अब राष्ट्रीय उद्यान के रूप में नामित किया गया है। इस कदम का उद्देश्य बंगाल टाइगर और लाल पांडा सहित क्षेत्र के समृद्ध वनस्पतियों और जीवों को बढ़ी हुई सुरक्षा प्रदान करना है। प्रभाव: राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिलने से सख्त संरक्षण नियम, बढ़ा हुआ धन और अनुसंधान व अवैध शिकार विरोधी गतिविधियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा। इससे पूर्वी हिमालय में स्थानिक प्रजातियों और उनके आवासों के संरक्षण प्रयासों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लिए भारत का जोर
2026-07-20
पृष्ठभूमि: भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा मांगों और जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का आक्रामक रूप से पीछा कर रहा है। देश ने सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 तक, भारत ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लक्ष्य का लगभग 450 GW हासिल कर लिया है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार शेष अंतर को पाटने के लिए प्रयासों में तेजी ला रही है, जिसमें ग्रिड एकीकरण, ऊर्जा भंडारण समाधान और नई परियोजनाओं के लिए नीतिगत समर्थन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रभाव: यह विस्तार भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और हरित रोजगार सृजन के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह भारत को नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने में एक वैश्विक नेता के रूप में भी स्थापित करता है।
पश्चिमी घाट में गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजाति के लिए संरक्षण प्रयास
2026-07-19
पृष्ठभूमि: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट पश्चिमी घाट, कई स्थानिक और गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों का घर है। इन पारिस्थितिक तंत्रों को आवास के नुकसान, जलवायु परिवर्तन और मानवीय अतिक्रमण से लगातार खतरों का सामना करना पड़ता है, जिसके लिए तत्काल संरक्षण हस्तक्षेप की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: NEEDS_REVIEW। प्रभाव: NEEDS_REVIEW।
भारत का 2030 के लिए नया नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य
2026-07-19
पृष्ठभूमि: भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य निर्धारित कर रहा है। पिछले लक्ष्यों ने देश भर में सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। देश का लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करना और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में योगदान करना है। वर्तमान संदर्भ: NEEDS_REVIEW। प्रभाव: NEEDS_REVIEW।
भारतीय शहरों के लिए नई शहरी ताप शमन नीति
2026-07-18
पृष्ठभूमि: 'अर्बन हीट आइलैंड' प्रभाव के कारण बढ़ता शहरी तापमान भारत में एक बड़ी पर्यावरणीय चिंता बन गया है। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 में, सरकार ने एक व्यापक शहरी ताप शमन नीति पेश की। यह सभी नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 'कूल रूफ' और हरित आवरण बढ़ाने को अनिवार्य बनाती है। यह नीति शहरी जल निकायों के जीर्णोद्धार को भी प्रोत्साहित करती है ताकि शहर के तापमान को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित किया जा सके। प्रभाव: इस नीति का उद्देश्य शीतलन के लिए ऊर्जा की खपत को कम करना और शहरी निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे अत्यधिक गर्मी से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम कम हो सकें।
भारत ने राष्ट्रीय जैव विविधता निगरानी ढांचा लॉन्च किया
2026-07-18
पृष्ठभूमि: भारत कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क का हस्ताक्षरकर्ता है। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 तक, पर्यावरण मंत्रालय ने संरक्षित क्षेत्रों में प्रजातियों की आबादी और आवास स्वास्थ्य को ट्रैक करने के लिए एक नया डिजिटल निगरानी ढांचा लॉन्च किया है। यह प्रणाली वास्तविक समय के अपडेट प्रदान करने के लिए उपग्रह इमेजरी और एआई-संचालित डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करती है। प्रभाव: यह पहल साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सक्षम बनाएगी, जिससे अधिकारी आवास क्षरण और अवैध शिकार गतिविधियों पर तेजी से प्रतिक्रिया कर सकेंगे, जिससे अंततः भारत के संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण मंत्रालय ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र भेद्यता पर रिपोर्ट जारी की
2026-07-17
NEEDS_REVIEW
भारत ने राष्ट्रीय डॉल्फिन संरक्षण कार्य योजना 2026-2031 का शुभारंभ किया
2026-07-17
NEEDS_REVIEW
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests