LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

भारत का टीबी उन्मूलन अभियान तेज: राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू

डिजिटल इंडिया पहल में सार्वजनिक सेवाओं में रिकॉर्ड उपयोगकर्ता अपनाना
2026-09-28
पृष्ठभूमि: 2015 में शुरू की गई डिजिटल इंडिया पहल का उद्देश्य ऑनलाइन बुनियादी ढांचे और डिजिटल साक्षरता में सुधार करके भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 तक, रिपोर्टों से पता चलता है कि भारत भर में विभिन्न सरकारी सेवाओं तक पहुंचने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों को अपनाने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। MyGov, DigiLocker और UMANG जैसे पोर्टलों के साथ नागरिक जुड़ाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें पिछले कुछ महीनों में लाखों नए पंजीकरण और लेनदेन दर्ज किए गए हैं। प्रभाव: यह बढ़ी हुई डिजिटल अपनाई गई सेवा वितरण को सुव्यवस्थित करती है, पारदर्शिता बढ़ाती है, और नौकरशाही में देरी को कम करती है। यह नागरिकों को आवश्यक सेवाओं, प्रमाण पत्रों और सूचनाओं तक आसान पहुंच प्रदान करके सशक्त बनाती है, जिससे शासन में अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिलता है और एक अधिक कुशल और सुलभ सार्वजनिक क्षेत्र में योगदान होता है।
2025 तक टीबी उन्मूलन में तेजी लाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू
2026-09-28
पृष्ठभूमि: भारत 2030 तक तपेदिक (टीबी) को समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जिसमें 2025 के लिए राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत विभिन्न रणनीतियों को लागू कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 के अंत तक, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीबी के उन्मूलन में तेजी लाने के लिए एक नवीनीकृत, गहन राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य हर जिले और समुदाय तक पहुंचना है, जिसमें सुलभ परीक्षण सुविधाओं के माध्यम से शीघ्र निदान और उपचार व्यवस्थाओं को पूरा करना सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रभाव: गहन अभियान से मामलों का पता लगाने की दर में काफी वृद्धि होने, उपचार के पालन में सुधार होने और टीबी के संचरण को कम होने की उम्मीद है। यह बेहतर रोगी सहायता और निगरानी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और डिजिटल उपकरणों का लाभ उठाने का भी प्रयास करता है, जिससे भारत अपने महत्वाकांक्षी टीबी-मुक्त लक्ष्य के करीब पहुंच सके।
लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म ने नई वेब सीरीज के लिए रिकॉर्ड तोड़ दर्शक संख्या की घोषणा की
2026-09-27
पृष्ठभूमि: ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म ने मनोरंजन उपभोग में क्रांति ला दी है, जिसमें नई वेब सीरीज अक्सर दर्शक संख्या के नए रिकॉर्ड स्थापित करती हैं। ये प्लेटफॉर्म डिजिटल सामग्री निर्माण और वितरण के प्रमुख चालक हैं। वर्तमान संदर्भ: 27 सितंबर 2026 तक, किसी लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म द्वारा नई वेब सीरीज के लिए रिकॉर्ड तोड़ दर्शक संख्या की घोषणा के संबंध में सत्यापित, वर्तमान जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए, इस विषय की सामग्री NEEDS_REVIEW है। प्रभाव: NEEDS_REVIEW
प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पुरस्कार समारोह के साथ संपन्न
2026-09-27
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव वैश्विक सिनेमा को प्रदर्शित करने और कलात्मक प्रतिभा को पहचानने के लिए महत्वपूर्ण मंच हैं। वे दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं, आलोचकों और उत्साही लोगों को आकर्षित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 27 सितंबर 2026 तक, किसी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के पुरस्कार समारोह के साथ संपन्न होने के संबंध में सत्यापित, वर्तमान जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए, इस विषय की सामग्री NEEDS_REVIEW है। प्रभाव: NEEDS_REVIEW
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन के लिए RBI का जोर
2026-09-27
पृष्ठभूमि: वित्तीय समावेशन RBI की एक लंबे समय से चली आ रही प्राथमिकता रही है, जिसका उद्देश्य बिना बैंक खाते वाले और कम बैंकिंग सेवाओं वाले लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में लाना है। वर्षों से विभिन्न पहलें शुरू की गई हैं। वर्तमान संदर्भ: 27 सितंबर, 2026 तक के सप्ताह में, RBI ने विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्रीय बैंक बैंकों को बुनियादी बैंकिंग सेवाओं, ऋण और बीमा तक पहुंच का विस्तार करने के लिए मोबाइल बैंकिंग और एजेंट बैंकिंग नेटवर्क जैसी तकनीकों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। कम सेवा वाले क्षेत्रों में अधिक शाखाएं खोलने के लिए बैंकों को प्रोत्साहन देने के संबंध में चर्चाएं चल रही हैं। प्रभाव: ये प्रयास ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने, आर्थिक असमानताओं को कम करने और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच से भारतीय आबादी के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए जीवन स्तर में सुधार, बेहतर बचत और अधिक निवेश के अवसर मिल सकते हैं।
RBI ने डिजिटल लेंडिंग के लिए नया ढांचा पेश किया
2026-09-27
पृष्ठभूमि: डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्मों के तेजी से विकास के लिए निष्पक्ष प्रथाओं, पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने हेतु एक नियामक ढांचे की आवश्यकता थी। RBI ने पहले प्रारंभिक दिशानिर्देश जारी किए थे। वर्तमान संदर्भ: 26 सितंबर, 2026 को, RBI ने डिजिटल लेंडिंग के लिए एक व्यापक नया ढांचा पेश किया। यह ढांचा अनिवार्य करता है कि सभी ऋण वितरण और पुनर्भुगतान विशेष रूप से बैंक या विनियमित इकाई के बैंक खातों के माध्यम से संसाधित किए जाने चाहिए, पास-थ्रू खातों पर प्रतिबंध लगाते हुए। इसके लिए सभी लागतों में अधिक पारदर्शिता, मानकीकृत मुख्य तथ्य विवरण (KFS), और कार्यों के आउटसोर्सिंग के लिए सख्त मानदंड की भी आवश्यकता होती है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य शिकारी ऋण प्रथाओं पर अंकुश लगाना, डिजिटल ऋण प्रस्तावों में पारदर्शिता बढ़ाना और उधारकर्ताओं को अनुचित शुल्कों से बचाना है। यह डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्मों के लिए अधिक जवाबदेही लाएगा और उपभोक्ताओं के लिए एक सुरक्षित ऋण वातावरण सुनिश्चित करेगा, जिससे डिजिटल वित्तीय सेवाओं में विश्वास बढ़ेगा।
RBI ने बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-09-27
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लगातार विकसित हो रहे डिजिटल खतरों से बचाव के लिए बैंकिंग क्षेत्र के भीतर मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। इसके कारण इसके नियामक ढांचे में समय-समय पर अपडेट किए गए हैं। वर्तमान संदर्भ: 27 सितंबर, 2026 तक, RBI ने सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य करने वाले संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें सख्त डेटा एन्क्रिप्शन मानक, महत्वपूर्ण लेनदेन के लिए अनिवार्य मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण और नियमित पैठ परीक्षण शामिल हैं। निर्देश में बैंकों द्वारा समर्पित साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया टीमों की स्थापना की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। प्रभाव: इन उन्नत उपायों से डिजिटल बैंकिंग संचालन की सुरक्षा में काफी वृद्धि होने, वित्तीय धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने और डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में ग्राहकों के विश्वास को बढ़ाने की उम्मीद है। यह भारतीय बैंकिंग को साइबर सुरक्षा में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ भी संरेखित करता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) का टियर-2, टियर-3 शहरों में विस्तार
2026-09-27
पृष्ठभूमि: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) को एक मजबूत राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए शुरू किया गया था, जिससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड और सेवाओं तक निर्बाध पहुंच आसान हो सके। प्रारंभिक चरणों में अद्वितीय स्वास्थ्य आईडी और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए डिजिटल रजिस्टर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 27 सितंबर, 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने एबीडीएम के एक बड़े विस्तार की घोषणा की। यह चरण टियर-2 और टियर-3 शहरों में सभी सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को एकीकृत करता है, जिससे देश भर में टेलीकंसल्टेशन सेवाओं और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। प्रभाव: यह विस्तार उन्नत डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का लाभ उठाकर, विशेष रूप से कम सेवा वाले क्षेत्रों में, लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा पहुंच में नाटकीय रूप से सुधार करेगा, रोगी के प्रतीक्षा समय को कम करेगा, चिकित्सा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करेगा।
सतत कृषि के लिए किसान समृद्धि योजना को मंजूरी
2026-09-27
पृष्ठभूमि: भारत ने दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों के कल्याण को बढ़ाने के लिए लगातार सतत कृषि पद्धतियों पर जोर दिया है। जबकि विभिन्न योजनाएं मौजूद हैं, सतत कृषि के लिए वित्तीय प्रोत्साहन को तकनीकी सहायता के साथ एकीकृत करने वाले एक व्यापक कार्यक्रम की आवश्यकता थी। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 27 सितंबर, 2026 को नई 'किसान समृद्धि योजना' को मंजूरी दी। यह योजना जैविक खेती, कुशल जल प्रबंधन तकनीकों और जलवायु-लचीली फसल किस्मों को अपनाने वाले किसानों को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान करती है। प्रभाव: यह योजना मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने, मूल्यवर्धित उपज के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और राष्ट्रीय जलवायु कार्य लक्ष्यों के अनुरूप पर्यावरणीय स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमदिशा) का चरण 3 शुरू
2026-09-27
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमदिशा) ग्रामीण परिवारों को आवश्यक डिजिटल साक्षरता के साथ सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया था। पिछले चरणों ने लाखों लोगों को बुनियादी कंप्यूटर और इंटरनेट उपयोग में सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया। वर्तमान संदर्भ: 27 सितंबर, 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पीएमदिशा चरण 3 का शुभारंभ किया। इस नए चरण का लक्ष्य 5 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण नागरिकों को कवर करना है, जिसमें उन्नत डिजिटल कौशल, साइबर सुरक्षा जागरूकता और डिजिटल वित्तीय समावेशन उपकरणों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रभाव: इस महत्वपूर्ण विस्तार से शहरी-ग्रामीण डिजिटल विभाजन को और पाटने, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और ग्रामीण आबादी के बीच अधिक आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे वास्तव में 'डिजिटल इंडिया' में योगदान मिलेगा।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests