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विज्ञान और प्रौद्योगिकी अपडेट: इसरो गगनयान और एआई सुरक्षा नीति

इसरो ने गगनयान के लिए प्रणोदन प्रणाली का सफल परीक्षण किया
2026-08-12
पृष्ठभूमि: गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन करना है। वर्तमान संदर्भ: 11 अगस्त 2026 को, इसरो ने क्रू मॉड्यूल के लिए डिज़ाइन की गई उन्नत प्रणोदन प्रणाली का उच्च-ऊंचाई परीक्षण सफलतापूर्वक किया। यह परीक्षण पुनः प्रवेश चरण के दौरान थ्रस्टर्स की विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है। प्रभाव: यह उपलब्धि मिशन के जोखिम को काफी कम करती है और पृथ्वी पर वापसी के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह 2026 के अंत में निर्धारित अंतिम प्रक्षेपण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत का औद्योगिक उत्पादन वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्शाता है
2026-08-12
पृष्ठभूमि: भारत का औद्योगिक उत्पादन, जिसे औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) द्वारा मापा जाता है, विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि का एक प्रमुख संकेतक है। इसका प्रदर्शन औद्योगिक क्षेत्र के स्वास्थ्य और समग्र आर्थिक गति को दर्शाता है। वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त, 2026 को जारी आंकड़ों से पता चला है कि वित्त वर्ष 2027 (अप्रैल-जून 2026) की पहली तिमाही में भारत के औद्योगिक उत्पादन में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। यह सकारात्मक प्रवृत्ति मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन और पूंजीगत वस्तुओं की बढ़ती मांग से प्रेरित थी। प्रभाव: औद्योगिक उत्पादन में निरंतर वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो एक लचीली रिकवरी और रोजगार सृजन की क्षमता का सुझाव देती है। यह निवेशकों के विश्वास को बढ़ा सकता है और चालू वित्त वर्ष के लिए उच्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि अनुमानों में योगदान कर सकता है। NEEDS_REVIEW
आरबीआई ने मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच रेपो दर अपरिवर्तित रखी
2026-08-12
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए नियमित रूप से अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) मौजूदा आर्थिक स्थितियों का आकलन करने के लिए समय-समय पर बैठक करती है। वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त, 2026 को अपनी नवीनतम समीक्षा में, आरबीआई की एमपीसी ने लगातार मुद्रास्फीति के दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए बेंचमार्क रेपो दर को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। इस निर्णय का उद्देश्य मूल्य स्थिरता और सतत विकास को बढ़ावा देने के बीच संतुलन बनाना है। प्रभाव: इस कदम से बैंकों के लिए उधार दरों में स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद है, जिससे ऋण वृद्धि और निवेश निर्णयों पर संभावित रूप से प्रभाव पड़ेगा। व्यवसाय और उपभोक्ता भविष्य के नीतिगत संकेतों पर बारीकी से नज़र रखेंगे, क्योंकि मुद्रास्फीति आर्थिक नियोजन में एक प्रमुख कारक बनी हुई है। NEEDS_REVIEW
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अंतर्राष्ट्रीय शांति पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर चर्चा की
2026-08-12
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। इसके निर्णय सदस्य देशों पर बाध्यकारी होते हैं। वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त, 2026 को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा के लिए एक सत्र आयोजित किया। बैठक में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि जलवायु-प्रेरित आपदाएँ, संसाधनों की कमी और विस्थापन मौजूदा संघर्षों को कैसे बढ़ा सकते हैं और नए सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं, खासकर कमजोर क्षेत्रों में। प्रभाव: UNSC की विचार-विमर्श का उद्देश्य जलवायु सुरक्षा संबंधी विचारों को अपने संघर्ष निवारण और समाधान रणनीतियों में एकीकृत करना है। इससे संघर्ष-प्रवण क्षेत्रों में जलवायु अनुकूलन और शमन प्रयासों पर अंतर्राष्ट्रीय ध्यान बढ़ सकता है, जो भविष्य के शांति अभियानों के जनादेश और विकास सहायता आवंटन को प्रभावित कर सकता है।
जी7 शिखर सम्मेलन आर्थिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए संपन्न
2026-08-12
पृष्ठभूमि: ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका से मिलकर बना एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। यह वैश्विक आर्थिक और मौद्रिक नीति पर चर्चा के लिए जाना जाता है। वर्तमान संदर्भ: 9-11 अगस्त, 2026 तक बर्लिन, जर्मनी में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। नेताओं ने लगातार वैश्विक मुद्रास्फीति से निपटने और चल रही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के लचीलेपन को सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया। चर्चाएँ सामूहिक सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और उभरते खतरों को संबोधित करने के इर्द-गिर्द भी घूमीं। प्रभाव: शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों से सदस्य देशों के बीच समन्वित आर्थिक नीतियों को निर्देशित करने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य स्थिरता को बढ़ावा देना और जोखिमों को कम करना है। की गई प्रतिबद्धताएँ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश और राजनयिक संबंधों को प्रभावित करेंगी, जिससे जटिल वैश्विक चुनौतियों से निपटने में जी7 की भूमिका मजबूत होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने लंबित मामलों के शीघ्र निपटान का निर्देश दिया
2026-08-12
पृष्ठभूमि: समीक्षा की आवश्यकता है। इस खंड में आमतौर पर इस विषय से संबंधित ऐतिहासिक संदर्भ या पिछली संबंधित पहलों का विवरण होता। वर्तमान संदर्भ: समीक्षा की आवश्यकता है। इस भाग में 12 अगस्त 2026 तक के नवीनतम घटनाक्रम या आधिकारिक स्रोतों से घोषणाओं का वर्णन होता। प्रभाव: समीक्षा की आवश्यकता है। इसमें सत्यापित जानकारी के आधार पर शासन, नागरिकों या अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया जाता।
सरकार ने ग्रामीण उत्थान के लिए 'भारत ग्रामीण विकास अभियान' शुरू किया
2026-08-12
पृष्ठभूमि: समीक्षा की आवश्यकता है। इस खंड में आमतौर पर इस विषय से संबंधित ऐतिहासिक संदर्भ या पिछली संबंधित पहलों का विवरण होता। वर्तमान संदर्भ: समीक्षा की आवश्यकता है। इस भाग में 12 अगस्त 2026 तक के नवीनतम घटनाक्रम या आधिकारिक स्रोतों से घोषणाओं का वर्णन होता। प्रभाव: समीक्षा की आवश्यकता है। इसमें सत्यापित जानकारी के आधार पर शासन, नागरिकों या अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया जाता।
प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म ने नई मूल श्रृंखला की घोषणा की
2026-08-11
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बहुप्रतीक्षित ब्लॉकबस्टर 'स्टारलाइट सागा' वैश्विक रिलीज के लिए तैयार
2026-08-11
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खुदरा डिजिटल रुपया (ई-रुपया) लेनदेन में भारी उछाल
2026-08-11
पृष्ठभूमि: आरबीआई ने भौतिक नकदी के लिए एक सुरक्षित, डिजिटल विकल्प प्रदान करने के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) पायलट लॉन्च किया था। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, डेटा प्रमुख महानगरों में खुदरा ई-रुपया लेनदेन में 25% की मासिक वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि यूपीआई क्यूआर कोड के साथ बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी और व्यापारियों की बढ़ती भागीदारी के कारण है। प्रभाव: ई-रुपये को व्यापक रूप से अपनाने से आरबीआई के लिए मुद्रा प्रबंधन की लागत कम होने की उम्मीद है और यह उपयोगकर्ताओं को दैनिक वित्तीय लेनदेन के लिए एक सुरक्षित, प्रोग्राम योग्य और कुशल माध्यम प्रदान करेगा।
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