LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

भारत के राष्ट्रीय मामले: ग्रामीण समृद्धि, SC फैसला 2026

सरकार ने समग्र ग्रामीण विकास के लिए 'ग्रामीण समृद्धि योजना' का अनावरण किया
2026-08-26
NEEDS_REVIEW
सर्वोच्च न्यायालय ने पर्यावरण शासन पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया
2026-08-26
NEEDS_REVIEW
जी7 शिखर सम्मेलन आर्थिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए संपन्न
2026-08-26
पृष्ठभूमि: ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका से मिलकर बना एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। यह एक अनौपचारिक गुट है जो वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए सालाना मिलता है। वर्तमान संदर्भ: 23-25 अगस्त 2026 को आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन, वैश्विक आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने और गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए संपन्न हुआ। चर्चाओं में व्यवधानों के खिलाफ आपूर्ति श्रृंखलाओं के लचीलेपन को मजबूत करने, मुद्रास्फीति से निपटने के लिए प्रयासों का समन्वय करने और क्षेत्रीय संघर्षों और साइबर खतरों सहित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रभाव: शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों से सदस्य देशों के बीच समन्वित आर्थिक नीतियों को निर्देशित करने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक मंदी को कम करना और बाहरी झटकों से बचाना है। बढ़ी हुई सुरक्षा सहयोग से उभरते भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति सामूहिक प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने संघर्ष क्षेत्रों में मानवीय सहायता की चुनौतियों पर चर्चा की
2026-08-26
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। इसके 15 सदस्य हैं, जिनमें वीटो शक्ति वाले पांच स्थायी सदस्य शामिल हैं। वर्तमान संदर्भ: 26 अगस्त 2026 को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कई संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते मानवीय संकट पर चर्चा करने के लिए बैठक की। बैठक में चल रहे शत्रुतापूर्ण माहौल, पहुंच प्रतिबंधों और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण सहायता संगठनों द्वारा आवश्यक आपूर्ति और चिकित्सा सहायता पहुंचाने में आने वाली गंभीर कठिनाइयों पर प्रकाश डाला गया। सदस्य देशों ने निर्बाध मानवीय पहुंच और सहायता कर्मियों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभाव: UNSC की चर्चाओं का उद्देश्य संघर्षों में शामिल पक्षों पर मानवीय पहुंच को सुविधाजनक बनाने और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने के लिए दबाव डालना है। संभावित परिणामों में मानवीय गलियारों के लिए आह्वान, सहायता एजेंसियों के लिए धन में वृद्धि, और संघर्षों को कम करने तथा नागरिकों और सहायता कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत राजनयिक प्रयास शामिल हो सकते हैं।
स्थिर आर्थिक दृष्टिकोण के बीच आरबीआई ने रेपो दर बरकरार रखी
2026-08-26
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति प्रबंधन और आर्थिक विकास हेतु नियमित रूप से मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर को 6.25% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह फैसला स्थिर मुद्रास्फीति अनुमानों और मजबूत आर्थिक वृद्धि के मद्देनजर लिया गया है। एमपीसी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की घरेलू मांग में विश्वास जताया, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। प्रभाव: ब्याज दरों में यह स्थिरता व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए निश्चितता लाएगी, जिससे निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा। यह आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य मूल्य स्थिरता बनाए रखते हुए आर्थिक गति को समर्थन देना है। इससे भारत की आर्थिक लचीलेपन में निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।
सरकार ने नई निर्यात प्रोत्साहन योजना 'GMAI' शुरू की
2026-08-26
पृष्ठभूमि: भारत वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार निर्यात को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। वर्तमान संदर्भ: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 'ग्लोबल मार्केट एक्सेस इनिशिएटिव' (GMAI) नामक नई निर्यात प्रोत्साहन योजना शुरू की। इसका लक्ष्य भारत के निर्यात बास्केट में विविधता लाना और नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोजना है। यह योजना एमएसएमई को वित्तीय प्रोत्साहन, बाजार अनुसंधान और क्षमता निर्माण प्रदान करती है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में। प्रभाव: GMAI से वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्यात लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है। एमएसएमई को सशक्त बनाकर, यह विदेशी मुद्रा आय, रोजगार सृजन और एक मजबूत निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा। यह पहल भारत को वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज ने उत्तर प्रदेश में $1.5 बिलियन एफडीआई की घोषणा की
2026-08-26
पृष्ठभूमि: 'मेक इन इंडिया' जैसी सरकारी पहलों के कारण भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: एक प्रमुख वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता ने उत्तर प्रदेश में नई उत्पादन सुविधा के लिए $1.5 बिलियन के बड़े निवेश की घोषणा की। राज्य की औद्योगिक नीति और केंद्र के प्रोत्साहनों से यह निवेश संभव हुआ है, जिसका लक्ष्य उन्नत घटकों का स्थानीय विनिर्माण बढ़ाना और हजारों रोजगार सृजित करना है। सुविधा 2027 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। प्रभाव: यह एफडीआई भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत करता है। यह उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, आयात निर्भरता घटाएगा और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करेगा। यह निवेश विदेशी पूंजी आकर्षित करने में सरकारी नीतियों की सफलता का प्रमाण है।
इसरो ने सफलतापूर्वक इनसैट-4डीएस उपग्रह का प्रक्षेपण किया
2026-08-26
पृष्ठभूमि: भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह (इनसैट) प्रणाली इसरो द्वारा प्रक्षेपित बहुउद्देशीय भूस्थिर उपग्रहों की एक श्रृंखला है। इन उपग्रहों का उपयोग दूरसंचार, प्रसारण, मौसम विज्ञान और आपदा चेतावनी के लिए किया जाता है। वर्तमान संदर्भ: 26 अगस्त 2026 को, इसरो ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से इनसैट-4डीएस उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह उन्नत संचार उपग्रह भारत भर में दूरसंचार और प्रसारण सेवाओं की क्षमता को बढ़ाने और उनकी पहुंच को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रभाव: इनसैट-4डीएस भारत के उपग्रह संचार अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा, जिससे डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) प्रसारण, वीएसएटी कनेक्टिविटी और मोबाइल उपग्रह सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं सक्षम होंगी, जिससे डिजिटल इंडिया पहल को और बढ़ावा मिलेगा।
भारत-फ्रांस संयुक्त नौसेना अभ्यास 'वरुण 2026' संपन्न
2026-08-26
NEEDS_REVIEW
डीआरडीओ ने उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण किया
2026-08-26
NEEDS_REVIEW
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests