Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

खेल समाचार: फीफा विश्व कप 2026 और एशियाई खेल तैयारी

फीफा विश्व कप 2026 के बाद के टूर्नामेंट पुरस्कार
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
प्रख्यात वैज्ञानिक को वैश्विक नवाचार पुरस्कार से सम्मानित किया गया
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
रिपोर्ट में हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने में तेजी पर प्रकाश डाला गया
2026-07-27
पृष्ठभूमि: हिमालयी क्षेत्र, जिसे अक्सर "तीसरा ध्रुव" कहा जाता है, ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर सबसे बड़े बर्फ भंडार रखता है। इसके ग्लेशियर एशिया में अरबों लोगों के लिए महत्वपूर्ण ताजे पानी के स्रोत हैं। जलवायु परिवर्तन दशकों से ग्लेशियरों के पिघलने की गति को तेज कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 27 जुलाई, 2026 को वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (WIHG) ने नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (NCPOR) के सहयोग से एक व्यापक रिपोर्ट जारी की, जिसमें कई प्रमुख हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने की दर में खतरनाक तेजी पर प्रकाश डाला गया। 2020-2025 के उपग्रह इमेजरी और जमीनी सर्वेक्षणों पर आधारित रिपोर्ट, पिछली पांच साल की अवधि की तुलना में पिघलने की मात्रा में 15% की वृद्धि दर्शाती है। प्रभाव: यह त्वरित पिघलाव अल्पकालिक में ग्लेशियर झील के फटने वाली बाढ़ (GLOFs) की बढ़ती आवृत्ति और दीर्घकालिक में निचले इलाकों की आबादी के लिए संभावित जल संकट सहित गंभीर दीर्घकालिक जोखिम पैदा करता है। यह हिमालयी राज्यों में जल संसाधन प्रबंधन और आपदा तैयारी के लिए तत्काल नीतिगत हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर बल देता है।
राष्ट्रीय मैंग्रोव संरक्षण और बहाली मिशन 2026 का शुभारंभ
2026-07-27
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो तूफानों से सुरक्षा प्रदान करते हैं, जैव विविधता का समर्थन करते हैं और कार्बन को अलग करते हैं। भारत में एक महत्वपूर्ण मैंग्रोव आवरण है, लेकिन यह विकास और जलवायु परिवर्तन से खतरों का सामना करता है। पिछले प्रयास स्थानीयकृत रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: 27 जुलाई, 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय मैंग्रोव संरक्षण और बहाली मिशन 2026' का शुभारंभ किया। यह अखिल भारतीय पहल अगले पांच वर्षों में नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में वनीकरण, सामुदायिक भागीदारी और सतत प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से मैंग्रोव आवरण को 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। प्रभाव: इस मिशन से तटीय लचीलेपन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने, कमजोर समुदायों की रक्षा करने और समुद्री जैव विविधता को बढ़ाने की उम्मीद है। यह कार्बन सिंक बढ़ाकर और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देकर भारत के जलवायु कार्य लक्ष्यों में भी योगदान देगा।
डीआरडीओ ने नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
भारत-फ्रांस संयुक्त नौसेना अभ्यास 'वरुण 2026' संपन्न
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
भारत ने राष्ट्रीय एआई अनुसंधान पहल का अनावरण किया
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
इसरो का उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह मिशन
2026-07-27
NEEDS_REVIEW
सरकार ने नई निर्यात प्रोत्साहन योजना शुरू की: वैश्विक बाजार पहुंच पहल
2026-07-27
पृष्ठभूमि: भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और वैश्विक व्यापार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से नीतियों का अनुसरण कर रहा है। निर्यात को प्रोत्साहित करने वाली पिछली योजनाओं के मिश्रित परिणाम सामने आए हैं, जिससे परिष्कृत रणनीतियों की आवश्यकता महसूस हुई। वर्तमान संदर्भ: 27 जुलाई, 2026 को, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने "वैश्विक बाजार पहुंच पहल" (GMAI) का अनावरण किया, जो निर्यात विविधीकरण के लिए एमएसएमई और उभरते क्षेत्रों को लक्षित सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई एक नई योजना है। इसमें बढ़ी हुई ऋण सुविधाएं, बाजार अनुसंधान सहायता और सरलीकृत अनुपालन प्रक्रियाएं शामिल हैं। प्रभाव: GMAI से भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए। इसका उद्देश्य भारतीय उत्पादों को नई वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और देश को एक प्रमुख निर्यात केंद्र बनाने के लक्ष्य में योगदान करना है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests