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अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस 2026: थीम, इतिहास और महत्व

अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस 2026 का आगमन
2026-07-20
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र ने लोगों, देशों, संस्कृतियों और व्यक्तियों के बीच दोस्ती को बढ़ावा देने के लिए 30 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस के रूप में नामित किया। इस पहल का उद्देश्य विविध समुदायों के बीच शांति और समझ को बढ़ावा देना है। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 के आगे बढ़ने के साथ, दुनिया 30 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रही है। जबकि 2026 के लिए विशिष्ट थीम की घोषणा अभी संयुक्त राष्ट्र द्वारा की जानी बाकी है, यह वैश्विक एकजुटता को मजबूत करने और अंतर-सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के इर्द-गिर्द केंद्रित होने की उम्मीद है। प्रभाव: यह दिन विभाजन को पाटने और अधिक सामंजस्यपूर्ण दुनिया बनाने में मानवीय जुड़ाव की शक्ति के एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है। यह सहयोगात्मक प्रयासों और आपसी सम्मान को प्रोत्साहित करता है, जो वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक हैं।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमजीएवाई) का तीसरा चरण शुरू
2026-07-20
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राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (एनएसडीएम) का हरित नौकरियों के लिए विस्तार
2026-07-20
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RBI ने डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-07-20
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, विशेष रूप से डिजिटल क्षेत्र में, अपने नियामक ढांचे को लगातार मजबूत कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 18 जुलाई, 2026 तक, RBI ने भारत में संचालित होने वाले सभी डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए सख्त साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य करते हुए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों में उन्नत डेटा एन्क्रिप्शन, सभी लेनदेन के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और मजबूत घटना प्रतिक्रिया तंत्र पर जोर दिया गया है। प्रभाव: इस कदम से डिजिटल लेंडिंग स्पेस में साइबर धोखाधड़ी और डेटा उल्लंघनों के जोखिम को काफी कम करने की उम्मीद है, जिससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा और एक अधिक सुरक्षित डिजिटल लेंडिंग पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा।
RBI ने MSMEs में तनावग्रस्त संपत्तियों के समाधान के लिए नया ढांचा पेश किया
2026-07-20
पृष्ठभूमि: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) भारत के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विभिन्न आर्थिक कारकों के कारण अक्सर तनावग्रस्त संपत्तियों के साथ चुनौतियों का सामना करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 19 जुलाई, 2026 को, RBI ने विशेष रूप से MSME क्षेत्र के लिए तनावग्रस्त संपत्तियों के समाधान हेतु एक नया, सुव्यवस्थित ढांचा पेश किया। इस ढांचे का उद्देश्य इन व्यवसायों की जरूरतों के अनुरूप, एकमुश्त समाधान और ऋण संशोधनों सहित तेज और अधिक कुशल पुनर्गठन विकल्प प्रदान करना है। प्रभाव: इस पहल से MSMEs के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार, NPA को रोकने और अधिक लचीला कारोबारी माहौल बनाने की उम्मीद है, जिससे रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक स्थिरता का समर्थन होगा।
RBI ने NBFCs के लिए बढ़ी हुई प्रकटीकरण मानदंडों को अनिवार्य किया
2026-07-20
पृष्ठभूमि: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) क्रेडिट मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, और उनके संचालन में पारदर्शिता वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: 20 जुलाई, 2026 से प्रभावी, RBI ने NBFCs के लिए बढ़ी हुई प्रकटीकरण मानदंडों को अनिवार्य कर दिया है। इन नए नियमों के तहत NBFCs को अपने वित्तीय विवरणों में अपनी संपत्ति की गुणवत्ता, जोखिम एक्सपोजर और शासन प्रथाओं पर अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता होगी। प्रभाव: इस उपाय से बाजार अनुशासन में सुधार, निवेशकों और नियामकों द्वारा बेहतर जोखिम मूल्यांकन को सक्षम करने और अंततः एक अधिक मजबूत और पारदर्शी NBFC क्षेत्र में योगदान करने की उम्मीद है।
प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म ने नई मूल सीरीज की घोषणा की
2026-07-20
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अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पुरस्कार समारोह के साथ संपन्न
2026-07-20
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