LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

इसरो का चंद्रयान-4 मिशन: चंद्र अन्वेषण और नमूना वापसी

इसरो चंद्रयान-4 चंद्र नमूना वापसी मिशन के लिए तैयार
2026-06-02
पृष्ठभूमि: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी, इसरो ने चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 जैसे पिछले चंद्र मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जिसने अंतरिक्ष अन्वेषण में अपनी बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग और रोवर की तैनाती ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया। वर्तमान संदर्भ: इसरो अब चंद्रयान-4 की योजना बना रहा है, जो विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए चंद्र नमूनों को पृथ्वी पर वापस लाने पर केंद्रित एक अधिक महत्वाकांक्षी मिशन है। इस मिशन का उद्देश्य अपने पूर्ववर्तियों से तकनीकी प्रगति और सीख पर निर्माण करना है, जिसमें संभवतः एक परिष्कृत लैंडर और आरोहण मॉड्यूल शामिल होगा। प्रभाव: चंद्रयान-4 मिशन, यदि सफल होता है, तो भारत को नमूना वापसी मिशन में सक्षम राष्ट्रों के एक चुनिंदा समूह में शामिल कर देगा। यह चंद्र भूविज्ञान, चंद्रमा की उत्पत्ति और भविष्य के संसाधन उपयोग की क्षमता को समझने के लिए अमूल्य डेटा प्रदान करेगा, जिससे वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की स्थिति में काफी वृद्धि होगी।
MPC ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने के पक्ष में मतदान किया
2026-06-02
पृष्ठभूमि: रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को धन उधार देता है। रेपो दर में परिवर्तन अर्थव्यवस्था में ऋण लेने और देने की लागत को प्रभावित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार आठवीं बैठक है जहाँ MPC ने दर को स्थिर रखा है, जो मौद्रिक सख्ती चक्र में एक ठहराव का संकेत देता है। प्रभाव: रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखने से वित्तीय बाजारों और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता और पूर्वानुमेयता मिलती है। यह बताता है कि MPC का मानना है कि वर्तमान मौद्रिक नीति मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने के साथ-साथ विकास का समर्थन करने के लिए उपयुक्त है। इससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए ऋण ईएमआई में निरंतर स्थिरता आ सकती है।
RBI का अनुमान, वित्तीय वर्ष 2025 में मुद्रास्फीति घटकर 4.5% हो जाएगी
2026-06-02
पृष्ठभूमि: मूल्य स्थिरता बनाए रखने और सतत आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना RBI का प्राथमिक उद्देश्य है। मुद्रास्फीति लक्ष्य सरकार द्वारा RBI के परामर्श से निर्धारित किए जाते हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अनुमान लगाया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा मापी गई खुदरा मुद्रास्फीति के वित्तीय वर्ष 2024-25 में घटकर 4.5% होने की संभावना है। यह अनुमान पिछली अनुमानों से एक संशोधन है, जो मूल्य स्थिरता पर अधिक आशावादी दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रभाव: कम मुद्रास्फीति दर उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह क्रय शक्ति को बढ़ाती है और जीवन यापन की लागत को कम करती है। अर्थव्यवस्था के लिए, यह लंबी अवधि में ब्याज दरों को कम कर सकता है, जिससे निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिलता है, और समग्र आर्थिक स्थिरता में योगदान होता है।
RBI ने वित्तीय वर्ष 2025 के लिए GDP विकास अनुमान 7% पर बरकरार रखा
2026-06-02
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश की आर्थिक सेहत का आकलन करने के लिए नियमित रूप से मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतकों की समीक्षा करता है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ब्याज दरों को निर्धारित करने और मौद्रिक नीति का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्तमान संदर्भ: अपने नवीनतम मौद्रिक नीति वक्तव्य में, RBI की MPC ने नीतिगत रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान 7.0% पर बनाए रखा। यह चल रही आर्थिक सुधार और लचीलेपन में विश्वास को दर्शाता है। प्रभाव: यह निर्णय मौद्रिक नीति में स्थिरता का संकेत देता है, जो व्यवसायों और निवेशकों के लिए एक अनुमानित वातावरण प्रदान करता है। निरंतर विकास का अनुमान बताता है कि RBI घरेलू मांग और वैश्विक आर्थिक स्थितियों में सुधार से समर्थित निरंतर आर्थिक विस्तार की उम्मीद करता है।
आसियान विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए मुलाकात की
2026-06-02
पृष्ठभूमि: दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संघ (आसियान) एक प्रमुख क्षेत्रीय गुट है जो अपने सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है। यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान संदर्भ: आसियान सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए अपनी वार्षिक बैठक की। चर्चाओं में संभवतः समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध और इंडो-पैसिफिक के भू-राजनीतिक परिदृश्य शामिल थे, जिसमें आसियान की केंद्रीयता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रभाव: बैठक का उद्देश्य महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों पर सदस्य देशों के बीच आम सहमति को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय सहयोग तंत्र को मजबूत करना और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को आकार देने में आसियान की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करना है, जिससे एक अधिक स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक में योगदान मिलेगा।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षण मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया
2026-06-02
पृष्ठभूमि: भारत ऐतिहासिक रूप से संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षण अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ता देशों में से एक रहा है, जो वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये मिशन संघर्ष समाधान और स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान संदर्भ: भारत ने हाल ही में वर्चुअली आयोजित संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षण मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शांतिरक्षण अभियानों को मजबूत करना, शांति सैनिकों की सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ाना, और इस क्षेत्र में नई चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करना था। प्रभाव: भारत की सक्रिय भागीदारी बहुपक्षवाद के प्रति उसकी निष्ठा और एक जिम्मेदार वैश्विक कर्ता के रूप में उसकी भूमिका को मजबूत करती है। यह सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, आवश्यक सुधारों की वकालत करने और संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षण को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने में योगदान करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता वार्ता तेज
2026-06-02
पृष्ठभूमि: भारत और यूरोपीय संघ ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए चर्चा की है। वार्ता के पिछले दौरों में टैरिफ में कमी और बाजार पहुंच पर ध्यान केंद्रित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: भारत-यूरोपीय संघ व्यापक व्यापार समझौते (बीटीआईए) के लिए बातचीत में तेजी लाने हेतु दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में मुलाकात की। चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में माल, सेवाएं, निवेश और बौद्धिक संपदा अधिकार शामिल थे। दोनों पक्षों ने आम सहमति खोजने पर आशावाद व्यक्त किया। प्रभाव: बीटीआईए के सफल समापन से आर्थिक संबंधों में काफी वृद्धि होने, भारतीय व्यवसायों के लिए नए बाजार के अवसर पैदा होने और विभिन्न क्षेत्रों में अधिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे संभावित रूप से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास हो सकता है।
राष्ट्रीय AI रणनीति नैतिक विकास और अपनाने पर केंद्रित
2026-06-02
पृष्ठभूमि: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक परिवर्तनकारी तकनीक के रूप में मान्यता प्राप्त है जिसमें स्वास्थ्य सेवा से लेकर कृषि तक विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति लाने की क्षमता है। भारत सक्रिय रूप से AI के अनुप्रयोगों की खोज कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: सरकार की राष्ट्रीय AI रणनीति तेजी से अपनाने के साथ-साथ नैतिक विचारों और जिम्मेदार विकास पर जोर दे रही है। फोकस क्षेत्रों में AI प्रतिभा का निर्माण, AI में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना, और AI स्टार्टअप के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाना शामिल है। यह सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश विकसित किए जा रहे हैं कि AI प्रणालियाँ निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह हों। प्रभाव: इस संतुलित दृष्टिकोण का उद्देश्य संभावित जोखिमों को कम करते हुए राष्ट्रीय विकास के लिए AI की पूरी क्षमता का उपयोग करना है। यह नवाचार को बढ़ावा देगा, सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ाएगा, और भारत को विश्व स्तर पर जिम्मेदार AI परिनियोजन में एक नेता के रूप में स्थापित करेगा।
भारत नई नीति निर्देशों के साथ साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करता है
2026-06-02
पृष्ठभूमि: तेजी से डिजिटल होती दुनिया में, राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे, संवेदनशील डेटा और नागरिक गोपनीयता की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा सर्वोपरि है। भारत लगातार अपनी साइबर सुरक्षा स्थिति को मजबूत कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: सरकार, संबंधित एजेंसियों के माध्यम से, महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा लचीलापन बढ़ाने के उद्देश्य से अद्यतन नीति निर्देश जारी कर रही है। ये निर्देश घटना प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने, सुरक्षित कोडिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने और संवेदनशील जानकारी को संभालने वाले सरकारी और निजी संस्थाओं के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। प्रभाव: मजबूत ढांचे से साइबर खतरों के खिलाफ अधिक मजबूत बचाव होगा, डेटा उल्लंघनों के जोखिम को कम किया जाएगा, और भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक विश्वास पैदा होगा। यह नवाचार को बढ़ावा देने और डिजिटल अर्थव्यवस्था के सुरक्षित विकास को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
MeitY द्वारा राष्ट्रव्यापी डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को बढ़ावा
2026-06-02
पृष्ठभूमि: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) भारत के डिजिटल परिवर्तन एजेंडे को चलाने में महत्वपूर्ण रहा है। डिजिटल साक्षरता इस मिशन का एक आधारशिला है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को आवश्यक डिजिटल कौशल से सशक्त बनाना है। वर्तमान संदर्भ: MeitY कथित तौर पर ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों का विस्तार कर रहा है। उभरती डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन सुरक्षा और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को कवर करने के लिए नए मॉड्यूल पेश किए जा रहे हैं। मंत्रालय व्यापक पहुंच और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के साथ सहयोग कर रहा है। प्रभाव: इन उन्नत कार्यक्रमों से डिजिटल खाई को पाटने, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और वित्तीय उपकरणों तक पहुंच में सुधार करने और अधिक सूचित और डिजिटल रूप से सशक्त नागरिकों को बढ़ावा देने की उम्मीद है, जो समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगा।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests