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बैंकिंग और वित्त अपडेट: आरबीआई नीति और डिजिटल रुपया रुझान

आरबीआई ने जून 2026 की नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-06-05
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति और तरलता को नियंत्रित करने के लिए रेपो दर का उपयोग एक प्राथमिक उपकरण के रूप में करता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय मुद्रास्फीति को 4% के लक्ष्य के अनुरूप लाने के लिए केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रभाव: यथास्थिति बनाए रखकर, आरबीआई का लक्ष्य टिकाऊ आर्थिक विकास का समर्थन करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि मूल्य स्थिरता बनी रहे, जिससे बैंकिंग क्षेत्र और उधारकर्ताओं को स्थिरता मिले।
पीएम-किसान योजना: किसानों के लिए प्रत्यक्ष आय सहायता
2026-06-05
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना भारत सरकार द्वारा उन परिवारों के प्रयासों को पूरक बनाने के लिए शुरू की गई थी जो कृषि और संबद्ध गतिविधियों के साथ-साथ घरेलू जरूरतों को पूरा करते हैं। वर्तमान संदर्भ: यह योजना पात्र भूमि-धारक किसान परिवारों को 6,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसका भुगतान 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किया जाता है। सरकार नियमित रूप से लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करती है और धन के समय पर वितरण को सुनिश्चित करती है। प्रभाव: इस प्रत्यक्ष आय सहायता का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनकी वित्तीय स्थिरता में सुधार करना और उन्हें अपने कृषि इनपुट लागतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में सक्षम बनाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जलवायु परिवर्तन शमन के लिए वैश्विक पहलों पर प्रकाश डाला गया
2026-06-05
पृष्ठभूमि: जलवायु परिवर्तन वैश्विक पारिस्थितिक तंत्र और मानव समाजों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करता है, जिसके लिए तत्काल शमन और अनुकूलन रणनीतियों की आवश्यकता होती है। वर्तमान संदर्भ: 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से जलवायु कार्रवाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने की उम्मीद है। इसमें सफल नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का प्रदर्शन, कार्बन कैप्चर प्रौद्योगिकियों में प्रगति पर चर्चा और राष्ट्रों से निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर अपने संक्रमण को तेज करने का आग्रह शामिल हो सकता है। प्रभाव: इस तरह के वैश्विक संवाद और प्रदर्शित पहलें अधिक राजनीतिक इच्छाशक्ति को प्रेरित कर सकती हैं, तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित कर सकती हैं, और जलवायु संकट से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दे सकती हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के लिए जैव विविधता संरक्षण पर ध्यान
2026-06-05
पृष्ठभूमि: जैव विविधता, पृथ्वी पर जीवन की विविधता, ग्रह के स्वास्थ्य और मानव कल्याण के लिए मौलिक है। इसका संरक्षण एक वैश्विक प्राथमिकता है। वर्तमान संदर्भ: 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस से पहले, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और पर्यावरण निकाय जैव विविधता संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। चर्चाओं में लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा, खराब पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करना और स्थायी भूमि उपयोग को बढ़ावा देना शामिल होने की संभावना है। प्रभाव: बढ़ी हुई जागरूकता और ठोस प्रयास मजबूत संरक्षण नीतियों, पारिस्थितिक बहाली परियोजनाओं में अधिक निवेश और पर्यावरणीय दबावों का सामना करने में सक्षम एक अधिक लचीला ग्रह का कारण बन सकते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026: पर्यावरण कार्रवाई के लिए वैश्विक आह्वान
2026-06-05
पृष्ठभूमि: विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को हमारे ग्रह की रक्षा के लिए विश्व स्तर पर कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी। वर्तमान संदर्भ: जैसे-जैसे 5 जून 2026 नजदीक आ रहा है, वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित हो रहा है। इस वर्ष की थीम, जिसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, से जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन शमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश पड़ने की उम्मीद है। प्रभाव: इस दिन का उद्देश्य पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना, व्यक्तियों और राष्ट्रों के बीच स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देना और सरकारों को मजबूत पर्यावरण नीतियां लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
केरल में 'कथकली' प्रदर्शन का पुनरुद्धार
2026-06-05
पृष्ठभूमि: कथकली केरल से उत्पन्न एक शास्त्रीय भारतीय नृत्य-नाटिका रूप है, जो अपनी विस्तृत वेशभूषा, मेकअप और हावभाव व चेहरे की हरकतों के माध्यम से अभिव्यंजक कहानी कहने के लिए जाना जाता है। यह भारत की प्रदर्शन कला विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान संदर्भ: कई सांस्कृतिक संगठन और केरल सरकार कथकली प्रदर्शनों को पुनर्जीवित करने और बढ़ावा देने की पहलों पर सहयोग कर रहे हैं। इन प्रयासों में नए कलाकारों को प्रशिक्षित करना, पारंपरिक और आधुनिक दोनों स्थानों पर नियमित शो आयोजित करना और व्यापक दर्शकों तक पहुंचने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों का लाभ उठाना शामिल है। प्रभाव: पुनरुद्धार के प्रयासों का उद्देश्य इस प्राचीन कला रूप की निरंतरता सुनिश्चित करना है, इसे युवा पीढ़ी और पर्यटकों के लिए सुलभ बनाना है। प्रदर्शनों और आउटरीच में वृद्धि से कथकली के सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करने और इसके चिकित्सकों के लिए आर्थिक अवसर प्रदान करने की उम्मीद है।
'प्राचीन अयोध्या शहर' को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा
2026-06-05
पृष्ठभूमि: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल वे स्थान हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा उनके सांस्कृतिक, ऐतिहासिक या वैज्ञानिक महत्व के लिए चुना जाता है। इन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों द्वारा संरक्षित किया जाता है। वर्तमान संदर्भ: व्यापक पुरातात्विक निष्कर्षों और सांस्कृतिक महत्व के अध्ययनों के बाद, 'प्राचीन अयोध्या शहर' को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिलाने के लिए मजबूत सिफारिशें और चल रहे प्रयास हैं। इसमें इसके ऐतिहासिक मंदिर, प्राचीन खंडहर और सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं। प्रभाव: यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त करने से अयोध्या की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मान्यता मिलेगी। यह पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, संरक्षण प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा और इसके अमूल्य विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय धन आकर्षित करेगा।
'काशी जरदोजी' कढ़ाई के लिए नया जीआई टैग
2026-06-05
पृष्ठभूमि: भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग उन उत्पादों को दिए जाते हैं जिनमें उनके मूल स्थान के कारण अद्वितीय गुण होते हैं। यह मान्यता पारंपरिक शिल्पों की सुरक्षा और उनके बाजार मूल्य को बढ़ाने में मदद करती है। वर्तमान संदर्भ: वाराणसी में प्रचलित पारंपरिक शिल्प 'काशी जरदोजी' कढ़ाई को हाल ही में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। इस जटिल कला रूप में कपड़े पर विस्तृत डिजाइन बनाने के लिए सोने और चांदी के धागों का उपयोग किया जाता है। प्रभाव: जीआई टैग काशी जरदोजी को कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, नाम के अनधिकृत उपयोग को रोकेगा और इसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करेगा। इससे जुड़े कारीगरों के लिए आर्थिक संभावनाओं में वृद्धि होने और वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेल 2026 में भाला फेंक खिताब का बचाव किया
2026-06-05
पृष्ठभूमि: नीरज चोपड़ा एक सम्मानित एथलीट हैं जिन्होंने ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर भारत को अपार गौरव दिलाया है। एशियाई खेलों जैसे महाद्वीपीय आयोजनों में उनके प्रदर्शन की बहुत उम्मीद की जाती है। वर्तमान संदर्भ: स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेल 2026 में अपना स्वर्ण पदक सफलतापूर्वक बचाया है। उन्होंने प्रभावशाली थ्रो की एक श्रृंखला दी, प्रतियोगिता को पछाड़ दिया और एक बार फिर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया, जिससे इस अनुशासन में एक अग्रणी एथलीट के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई। प्रभाव: चोपड़ा की लगातार उत्कृष्टता राष्ट्र भर में महत्वाकांक्षी एथलीटों को प्रेरित करती है और वैश्विक मंच पर ट्रैक एंड फील्ड आयोजनों में भारत की बढ़ती ताकत को मजबूत करती है। उनकी जीत ने उनके शानदार करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेल 2026 में जीता स्वर्ण पदक
2026-06-05
पृष्ठभूमि: भारत में हॉकी की एक समृद्ध विरासत है, और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखी जाती है। भारतीय हॉकी के लिए एशियाई खेल ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेल 2026 में जीत हासिल की है, एक कड़े मुकाबले के बाद स्वर्ण पदक जीता। टूर्नामेंट के दौरान उनका प्रभावशाली प्रदर्शन, मजबूत रक्षा और प्रभावी आक्रमण रणनीतियों की विशेषता, उन्हें इस महत्वपूर्ण जीत की ओर ले गया। प्रभाव: यह स्वर्ण पदक जीत न केवल एशिया में भारत की शीर्ष हॉकी राष्ट्र के रूप में स्थिति की पुष्टि करती है, बल्कि टीम के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने का काम भी करती है, जो संभावित रूप से अंतरराष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में भविष्य की सफलताओं का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
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