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राष्ट्रीय मामले: स्वास्थ्य, डिजिटल ऋण, शिक्षा में AI, नवीकरणीय ऊर्जा

RBI ने उधारकर्ताओं की सुरक्षा के लिए नए डिजिटल ऋण दिशानिर्देश जारी किए
2026-06-10
पृष्ठभूमि: भारत में डिजिटल ऋण देने वाले प्लेटफार्मों के तेजी से विकास ने पारदर्शिता, निष्पक्षता और उपभोक्ता संरक्षण के संबंध में चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जिम्मेदार ऋण प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र की निगरानी कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई ने डिजिटल ऋण देने के लिए व्यापक संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश ऋण मूल्य निर्धारण में अधिक पारदर्शिता अनिवार्य करते हैं, अत्यधिक ब्याज दरों या छिपी हुई फीस वसूलने जैसी अनुचित प्रथाओं को प्रतिबंधित करते हैं, और ऋणदाताओं को स्पष्ट ऋण समझौते प्रदान करने की आवश्यकता होती है। वे उधारकर्ताओं के लिए मजबूत डेटा सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र की आवश्यकता पर भी जोर देते हैं। प्रभाव: इन नए नियमों को उधारकर्ताओं को शिकारी ऋण प्रथाओं से बचाने, डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास को बढ़ावा देने और भारत में काम करने वाली वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए अधिक विनियमित और नैतिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए 'मातृसुरक्षा' पहल शुरू की
2026-06-10
पृष्ठभूमि: भारत विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने का प्रयास कर रहा है। गर्भावस्था और प्रसव के दौरान गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करना एक प्राथमिकता बनी हुई है। वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'मातृसुरक्षा' नामक एक नई राष्ट्रव्यापी पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत नैदानिक ​​उपकरणों को एकीकृत करके और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करके मौजूदा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। यह उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का शीघ्र पता लगाने और समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। प्रभाव: 'मातृसुरक्षा' पहल से मातृ एवं नवजात परिणामों में काफी सुधार होने, रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने और पूरे भारत में महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की समग्र पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने की उम्मीद है।
एआई और स्ट्रीमिंग ने कान्स उद्योग चर्चाओं पर किया प्रभुत्व
2026-06-09
पृष्ठभूमि: फिल्म उद्योग तकनीकी प्रगति के साथ लगातार विकसित हो रहा है, जो फिल्मों के निर्माण, वितरण और उपभोग को प्रभावित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 2026 के कान्स फिल्म फेस्टिवल के उद्योग साइडबार, मार्चे डू फिल्म, में फिल्म निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर व्यापक चर्चाएं देखी गईं, जो स्क्रिप्ट लेखन से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक फैली हुई थीं। पारंपरिक सिनेमा वितरण मॉडल पर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के प्रभाव और भविष्य भी एक प्रमुख फोकस थे। प्रभाव: ये चर्चाएं नई तकनीकों और व्यावसायिक मॉडलों के प्रति उद्योग के अनुकूलन को रेखांकित करती हैं। मनोरंजन के भविष्य के परिदृश्य को नेविगेट करने और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए एआई और स्ट्रीमिंग के निहितार्थों को समझना फिल्म निर्माताओं, वितरकों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
कान्स 2026 में भारतीय फिल्मों का जलवा
2026-06-09
पृष्ठभूमि: भारतीय सिनेमा की कान्स फिल्म फेस्टिवल में एक लंबी उपस्थिति रही है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की फिल्मों को वर्षों से प्रदर्शित और मान्यता दी गई है। वर्तमान संदर्भ: 2026 में 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में, कई भारतीय फिल्मों और सह-उत्पादों ने महत्वपूर्ण छाप छोड़ी। हालांकि किसी भी भारतीय फिल्म ने शीर्ष पाल्मे डी'ओर नहीं जीता, भारत की वृत्तचित्रों और फीचर फिल्मों को उनके संबंधित वर्गों में आलोचनात्मक प्रशंसा मिली। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चाएं हुईं। प्रभाव: कान्स में भारतीय सिनेमा की मजबूत उपस्थिति इसकी वैश्विक दृश्यता को बढ़ाती है, अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करती है, और भारतीय फिल्म निर्माताओं को अपनी अनूठी कहानियों को व्यापक दर्शकों के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करती है, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का समापन, वैश्विक सिनेमा का उत्सव
2026-06-09
पृष्ठभूमि: कान्स फिल्म फेस्टिवल दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में से एक है, जो हर साल फ्रांस के कान्स में आयोजित होता है। यह सभी देशों की सभी शैलियों, वृत्तचित्रों सहित, की नई फिल्मों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। वर्तमान संदर्भ: 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का समापन 8 जून, 2026 को हुआ। फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की एक विविध श्रृंखला दिखाई गई, जिसमें सीन बेकर द्वारा निर्देशित 'एनोरा' को पाल्मे डी'ओर से सम्मानित किया गया। फिल्म निर्माण में उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देते हुए विभिन्न श्रेणियों में कई अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए गए। प्रभाव: यह फेस्टिवल न केवल सिनेमाई कला का जश्न मनाता है, बल्कि उद्योग के संबंधों को भी बढ़ावा देता है, फिल्म बिक्री की सुविधा प्रदान करता है, और वैश्विक सिनेमा में आने वाले वर्ष के लिए रुझान निर्धारित करता है। यह फिल्म निर्माताओं और उनके कार्यों के लिए महत्वपूर्ण एक्सपोजर प्रदान करता है।
आरबीआई ने डिजिटल लेंडिंग के लिए नया ढांचा पेश किया
2026-06-09
पृष्ठभूमि: डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्मों के तेजी से विकास ने पारदर्शिता, डेटा गोपनीयता और निष्पक्ष ऋण प्रथाओं के संबंध में चिंताएं बढ़ा दी हैं। आरबीआई इन परिचालनों को नियंत्रित करने के लिए एक नियामक ढांचा स्थापित करने पर काम कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल लेंडिंग के लिए एक व्यापक ढांचा जारी किया है, जिसमें डिजिटल लेंडिंग गतिविधियों में शामिल संस्थाओं के लिए दिशानिर्देश बताए गए हैं। इसमें सभी शुल्कों का अग्रिम प्रकटीकरण, स्पष्ट नियम और शर्तें, और मजबूत डेटा सुरक्षा उपाय शामिल हैं। यह यह भी निर्दिष्ट करता है कि ऋण राशि सीधे उधारकर्ता के बैंक खाते में वितरित की जानी चाहिए। प्रभाव: इस ढांचे का उद्देश्य उधारकर्ताओं को अनुचित ऋण प्रथाओं से बचाना, डिजिटल लेंडिंग परिचालनों में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना और फिनटेक क्षेत्र में जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देना है, जिससे डिजिटल वित्तीय सेवाओं में विश्वास और सुरक्षा बढ़े।
आरबीआई ने ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को बढ़ाया
2026-06-09
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार वित्तीय क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसमें बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों का कुशल और समय पर समाधान सुनिश्चित करना शामिल है। वर्तमान संदर्भ: हाल के एक निर्देश में, आरबीआई ने बैंकों को अपने आंतरिक ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को बढ़ाने का आदेश दिया है। इसमें शिकायतों के समाधान के लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित करना, प्रक्रिया की पारदर्शिता में सुधार करना और शिकायत अधिकारियों के लिए पर्याप्त स्टाफिंग और प्रशिक्षण सुनिश्चित करना शामिल है। प्रभाव: इस कदम से बैंकिंग प्रणाली में ग्राहकों का विश्वास बढ़ने, आरबीआई के लोकपाल योजना पर बोझ कम होने और वित्तीय संस्थानों द्वारा अधिक निष्पक्ष प्रथाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे अधिक ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग वातावरण तैयार होगा।
'युवा कौशल विकास अभियान' का शुभारंभ: भविष्य के लिए तैयार कौशल पर जोर
2026-06-09
पृष्ठभूमि: भारत में एक विशाल युवा आबादी है, जिसे उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए निरंतर कौशल विकास की आवश्यकता है। तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रासंगिक बने रहने के लिए मौजूदा कौशल कार्यक्रमों को नियमित अपडेट की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'युवा कौशल विकास अभियान' (वाईकेवीए) नामक एक नया राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया है। वाईकेवीए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसी महत्वपूर्ण भविष्य-तैयार प्रौद्योगिकियों में युवाओं को कौशल प्रदान करने और पुनः कौशल प्रदान करने पर केंद्रित है, जिसमें उद्योग भागीदारी और प्रमाणन शामिल हैं। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य मौजूदा कौशल अंतर को पाटना, उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में युवाओं की रोजगार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। यह नवाचार को बढ़ावा देगा, उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल बनाकर भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का सततता पर केंद्रित विस्तार
2026-06-09
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण गरीबों को किफायती आवास प्रदान करने में महत्वपूर्ण रही है। इसका उद्देश्य घर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके 'सभी के लिए आवास' सुनिश्चित करना है। वर्तमान संदर्भ: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हाल ही में पीएमएवाई-जी के एक महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य 2028 तक अतिरिक्त 5 मिलियन घरों का निर्माण करना है। इस नए चरण में टिकाऊ निर्माण सामग्री और जलवायु-लचीले डिजाइनों को एकीकृत करने पर जोर दिया गया है, जिससे पर्यावरण-अनुकूल निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा। प्रभाव: यह विस्तार न केवल आवास की कमी को दूर करेगा बल्कि स्थानीय सामग्री खरीद के माध्यम से ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा देगा। यह भारत की सतत विकास लक्ष्यों और जलवायु कार्रवाई के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे के पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करते हुए जीवन स्तर में सुधार होगा।
अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस 2026 समारोह
2026-06-09
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस प्रतिवर्ष 9 जून को मनाया जाता है, जो 1948 में अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार परिषद (ICA) की स्थापना की तारीख को चिह्नित करता है। इसका उद्देश्य स्मृति, पहचान और सुशासन के लिए अभिलेखागार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। वर्तमान संदर्भ: 9 जून, 2026 को, अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस विश्व स्तर पर "डिजिटल अभिलेखागार और सार्वजनिक पहुंच" पर ध्यान केंद्रित करते हुए मनाया गया। दुनिया भर के संस्थानों ने अपने संग्रहों को प्रदर्शित करने और डिजिटल संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और ऑनलाइन अभियानों का आयोजन किया। भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार ने अपनी चल रही डिजिटलीकरण परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। प्रभाव: यह दिन ऐतिहासिक अभिलेखों को संरक्षित करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनुसंधान का समर्थन करने में अभिलेखागार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। डिजिटल पहुंच पर जोर देने से जानकारी का लोकतंत्रीकरण होता है, जिससे सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक रिकॉर्ड व्यापक दर्शकों के लिए उपलब्ध होते हैं, जिससे ऐतिहासिक समझ और नागरिक जुड़ाव मजबूत होता है।
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