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विज्ञान और प्रौद्योगिकी: ISRO गगनयान, AI निदान, स्वदेशी ट्रक लॉन्च

डायबिटिक रेटिनोपैथी के शीघ्र निदान के लिए AI टूल विकसित
2026-06-29
पृष्ठभूमि: डायबिटिक रेटिनोपैथी मधुमेह रोगियों में अंधापन का एक प्रमुख कारण है, जिसका अक्सर देर से पता चलता है। दृष्टि हानि को रोकने के लिए शीघ्र निदान और उपचार महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: शोधकर्ताओं ने एक नवीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डायग्नोस्टिक टूल विकसित किया है जो डायबिटिक रेटिनोपैथी के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए रेटिनल छवियों का विश्लेषण कर सकता है। यह प्रणाली मानव आंख के लिए अदृश्य सूक्ष्म परिवर्तनों की पहचान करने के लिए डीप लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करती है। प्रभाव: इस AI टूल में स्क्रीनिंग दक्षता में काफी सुधार करने, नेत्र रोग विशेषज्ञों पर बोझ कम करने और समय पर हस्तक्षेप को सक्षम करने की क्षमता है, जिससे दुनिया भर में लाखों मधुमेह रोगियों के लिए अपरिवर्तनीय दृष्टि हानि को रोका जा सके।
ISRO ने गगनयान सर्विस मॉड्यूल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, गगनयान का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना है। मिशन में क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के विकास सहित जटिल चरण शामिल हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन के सर्विस मॉड्यूल के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया है। यह मॉड्यूल यात्रा के दौरान क्रू कैप्सूल को प्रणोदन, शक्ति और जीवन समर्थन प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। प्रभाव: यह सफल परीक्षण एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो भारत को स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष उड़ान के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के करीब लाता है और उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों में ISRO की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करता है।
जून 2026 में भारत का विनिर्माण पीएमआई कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा
2026-06-29
पृष्ठभूमि: परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) एक प्रमुख आर्थिक संकेतक है, जो विनिर्माण क्षेत्र के स्वास्थ्य को दर्शाता है। 50 से ऊपर की रीडिंग विस्तार का संकेत देती है, जबकि 50 से नीचे संकुचन का सुझाव देती है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 में भारत का विनिर्माण पीएमआई बढ़कर 58.3 हो गया, जो पांच वर्षों में इसका उच्चतम स्तर है। यह मजबूत नए ऑर्डर, बढ़े हुए उत्पादन और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला दक्षता से प्रेरित है। यह मजबूत प्रदर्शन देश भर में औद्योगिक गतिविधि और व्यावसायिक विश्वास में महत्वपूर्ण उछाल का संकेत देता है। प्रभाव: उच्च पीएमआई विनिर्माण क्षेत्र के लिए मजबूत अंतर्निहित मांग और सकारात्मक दृष्टिकोण का सुझाव देता है, जिससे संभावित रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि हो सकती है। यह वृद्धि समग्र जीडीपी विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है और भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत कर सकती है, जिससे आगे विदेशी निवेश आकर्षित होगा।
आरबीआई ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रेपो दर को अपरिवर्तित रखा, जीडीपी अनुमान संशोधित किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए नियमित रूप से अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें, घरेलू खाद्य मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन जैसे कारक अक्सर इन निर्णयों को प्रभावित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 की अपनी समीक्षा में, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रखने की आवश्यकता का हवाला देते हुए रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखने का फैसला किया। हालांकि, इसने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने जीडीपी विकास अनुमान को थोड़ा बढ़ाकर 7.1% कर दिया। प्रभाव: यह निर्णय आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो बढ़ती विकास संभावनाओं को स्वीकार करते हुए मूल्य स्थिरता को प्राथमिकता देता है। यह वित्तीय बाजारों और व्यवसायों के लिए निरंतरता प्रदान करता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों ने ऋण मांग को बढ़ावा देने के लिए दर में कटौती की उम्मीद की होगी। विकास अनुमान में ऊपर की ओर संशोधन निवेशकों का विश्वास बढ़ा सकता है।
जी7 शिखर सम्मेलन से पहले इटली और जापान ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: इटली और जापान के बीच मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं, जो अक्सर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग करते हैं और साझा वैश्विक चुनौतियों का समाधान करते हैं। वर्तमान संदर्भ: इटली में जी7 शिखर सम्मेलन से पहले, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने उन्नत प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और एक स्वतंत्र तथा खुले इंडो-पैसिफिक के महत्व पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रभाव: इस मजबूत द्विपक्षीय जुड़ाव से जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान चर्चा किए गए प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर ठोस संयुक्त परियोजनाओं और इटली तथा जापान के अधिक एकीकृत रुख की उम्मीद है, जो उनकी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगा।
इटली में जी7 शिखर सम्मेलन संपन्न, वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा पर रहा ध्यान
2026-06-29
पृष्ठभूमि: ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका से मिलकर बना एक अंतर-सरकारी राजनीतिक और आर्थिक मंच है। वर्तमान संदर्भ: 25-27 जून, 2026 तक इटली में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें नेताओं ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की पुष्टि की। चर्चाओं का मुख्य केंद्र आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना, मुद्रास्फीति से लड़ना और भू-राजनीतिक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाना रहा। नेताओं ने जलवायु कार्रवाई और सतत विकास लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया। प्रभाव: शिखर सम्मेलन के परिणामों से आर्थिक नीतियों और सुरक्षा मामलों पर अधिक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे संभावित रूप से अधिक लचीले वैश्विक बाजार और उभरते खतरों के प्रति समन्वित दृष्टिकोण विकसित हो सकता है।
कौशल विकास मंत्रालय ने 'भारत कौशल विकास पहल 2.0' का शुभारंभ किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: भारत अपनी विशाल युवा आबादी की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल भारत मिशन जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'भारत कौशल विकास पहल 2.0' नामक एक नया राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। यह पहल कार्यबल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, स्थायी हरित नौकरियों और उन्नत विनिर्माण तकनीकों जैसे भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने पर केंद्रित है। यह प्रासंगिकता और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मजबूत उद्योग सहयोग, शिक्षुता मॉडल और डिजिटल शिक्षण प्लेटफार्मों पर जोर देता है। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य मौजूदा कौशल अंतर को पाटना, युवा रोजगार क्षमता को बढ़ावा देना और भारत के कार्यबल को वैश्विक उद्योग की मांगों के साथ संरेखित करना है। यह नवाचार को बढ़ावा देगा, उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करेगा और भारत के आर्थिक विकास तथा जनसांख्यिकीय लाभांश के उपयोग में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के प्रमुख प्रावधानों को स्पष्ट किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: भारत ने व्यक्तिगत गोपनीयता अधिकारों को सुनिश्चित करते हुए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित करने हेतु डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 लागू किया था। वर्तमान संदर्भ: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें अधिनियम के कई विवादास्पद प्रावधानों पर महत्वपूर्ण स्पष्टता प्रदान की गई। इस फैसले में विशेष रूप से महत्वपूर्ण व्यक्तिगत डेटा के लिए डेटा स्थानीयकरण आवश्यकताओं को संबोधित किया गया और नवगठित डेटा संरक्षण बोर्ड की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट किया गया। इस निर्णय से विभिन्न हितधारकों की चिंताओं का समाधान हुआ है। प्रभाव: यह न्यायिक घोषणा भारत में डेटा के संग्रह, प्रसंस्करण और भंडारण के तरीके को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगी, नागरिकों के लिए मजबूत गोपनीयता सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, जबकि तकनीकी कंपनियों और डेटा न्यासी के लिए एक स्पष्ट नियामक ढांचा प्रदान करेगी, जिससे डिजिटल विश्वास और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन का 90% आबादी तक कवरेज विस्तार
2026-06-29
पृष्ठभूमि: भारत ने डिजिटल माध्यमों से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य के साथ एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) शुरू किया था। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ABDM के एक महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक अद्वितीय स्वास्थ्य आईडी के साथ 90% आबादी को कवर करना है। इस पहल में सभी सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को डिजिटल नेटवर्क में एकीकृत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही ग्रामीण डॉक्टरों के लिए एआई-संचालित नैदानिक सहायता का परीक्षण भी किया जा रहा है। प्रभाव: यह विस्तार स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सुव्यवस्थित करेगा, डेटा-संचालित नीति-निर्माण में सुधार करेगा, चिकित्सा त्रुटियों को कम करेगा और विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण दक्षता को बढ़ाएगा, जिससे भारत के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
वैश्विक ओटीटी दिग्गज 'स्ट्रीमवर्स' ने क्षेत्रीय भारतीय सामग्री में बड़े विस्तार की घोषणा की
2026-06-28
पृष्ठभूमि: भारतीय ओटीटी बाजार वैश्विक और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए एक युद्ध का मैदान बन गया है, जिसमें क्षेत्रीय भाषा की सामग्री को महत्वपूर्ण लोकप्रियता मिल रही है। वर्तमान संदर्भ: एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म 'स्ट्रीमवर्स' ने 27 जून, 2026 को विभिन्न भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं, जैसे तमिल, तेलुगु, मराठी और बंगाली में 50 से अधिक नई मूल श्रृंखलाओं और फिल्मों को कमीशन करने के लिए एक बहु-वर्षीय रणनीतिक निवेश की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य विविध भाषाई बाजारों में अपनी पैठ गहरी करना है। प्रभाव: इस विस्तार से स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलने, कई रोजगार के अवसर पैदा होने और ओटीटी प्लेटफॉर्मों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है, जिससे अंततः भारतीय दर्शकों के लिए सामग्री परिदृश्य समृद्ध होगा और डिजिटल मनोरंजन में सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
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