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बैंकिंग और वित्त समाचार: आरबीआई, पीएसबी पुनर्पूंजीकरण, यूपीआई वैश्विक विस्तार

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए बड़े पुनर्पूंजीकरण की घोषणा की
2026-06-12
पृष्ठभूमि: भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को मजबूत पूंजी पर्याप्तता अनुपात बनाए रखने, ऋण वृद्धि का समर्थन करने और संभावित परिसंपत्ति गुणवत्ता झटकों को अवशोषित करने के लिए सरकार से समय-समय पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है। यह रणनीति उनकी स्थिरता और आर्थिक विकास को वित्तपोषित करने की क्षमता सुनिश्चित करती है। वर्तमान संदर्भ: 11 जून, 2026 को, वित्त मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पुनर्पूंजीकरण योजना का अनावरण किया, जिसमें चुनिंदा पीएसबी को 30,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इस रणनीतिक निवेश का उद्देश्य उनकी बैलेंस शीट को मजबूत करना, उन्हें विकसित बेसल III मानदंडों को पूरा करने में सक्षम बनाना और उनकी ऋण देने की क्षमताओं को बढ़ाना है, विशेष रूप से एमएसएमई और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में। प्रभाव: पुनर्पूंजीकरण से लाभार्थी बैंकों के वित्तीय स्वास्थ्य और साख में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे अर्थव्यवस्था में ऋण प्रवाह बढ़ेगा। यह निवेशक विश्वास को भी बढ़ावा देगा और एक मजबूत और लचीले बैंकिंग क्षेत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
आरबीआई ने उन्नत डिजिटल ऋण दिशानिर्देशों का अनावरण किया
2026-06-12
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ता हितों की रक्षा और निष्पक्ष प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए बढ़ते डिजिटल ऋण क्षेत्र को विनियमित करने का लगातार प्रयास किया है। पिछले ढाँचों ने विनियमित संस्थाओं और उनके भागीदारों के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए आधार तैयार किया था। वर्तमान संदर्भ: 10 जून, 2026 को, आरबीआई ने अपने डिजिटल ऋण दिशानिर्देशों का एक व्यापक अद्यतन जारी किया। ये नए नियम विशेष रूप से अनियमित फिनटेक खिलाड़ियों को लक्षित करते हैं, सख्त डेटा गोपनीयता मानदंड पेश करते हैं, और बढ़ी हुई प्रकटीकरण आवश्यकताओं को अनिवार्य करते हैं, जिसका उद्देश्य शिकारी ऋण प्रथाओं पर अंकुश लगाना और शिकायत निवारण तंत्र में सुधार करना है। प्रभाव: इस कदम से एक अधिक सुरक्षित और पारदर्शी डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलने और उपभोक्ता विश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। जबकि यह कुछ फिनटेक के लिए अनुपालन बोझ बढ़ा सकता है, यह अंततः क्षेत्र के लिए एक स्वस्थ और अधिक टिकाऊ विकास पथ का मार्ग प्रशस्त करेगा।
नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता पहल का शुभारंभ
2026-06-12
पृष्ठभूमि: डिजिटल इंडिया कार्यक्रम डिजिटल अंतर को पाटने में सहायक रहा है। वर्तमान संदर्भ: 12 जून 2026 को, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 'नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता' पहल शुरू की। यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण भारत की महिलाओं को लक्षित करता है, उन्हें डिजिटल वित्तीय सेवाओं, ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सुरक्षा में प्रशिक्षण प्रदान करता है। प्रभाव: ग्रामीण महिलाओं को आवश्यक डिजिटल कौशल से लैस करके, यह पहल वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है, जिससे जमीनी स्तर पर लैंगिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का विस्तार
2026-06-12
पृष्ठभूमि: 2024 की शुरुआत में शुरू की गई, पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के माध्यम से घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए 20 लाख अतिरिक्त घरों को कवर करने के लिए योजना के विस्तार की घोषणा की है। प्रभाव: इस विस्तार से कम आय वाले परिवारों पर बिजली बिलों का वित्तीय बोझ कम होने की उम्मीद है, साथ ही भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य में योगदान मिलेगा।
2026 उत्सव के लिए योग के मानसिक स्वास्थ्य लाभों पर वैश्विक ध्यान
2026-06-12
पृष्ठभूमि: योग, एक प्राचीन भारतीय अभ्यास, शारीरिक मुद्राओं, श्वास तकनीकों और ध्यान को शामिल करता है, जो कल्याण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। इसके लाभ शारीरिक फिटनेस से परे मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी शामिल करते हैं। वर्तमान संदर्भ: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की ओर बढ़ते हुए, मानसिक स्वास्थ्य पर योग के गहरे प्रभाव को उजागर करने पर जोर बढ़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन और योग चिकित्सक मानसिक कल्याण कार्यक्रमों में योग को शामिल करने की वकालत कर रहे हैं। 2026 के लिए थीम 'मानसिक लचीलेपन के लिए योग' या इसी तरह की अवधारणा के इर्द-गिर्द केंद्रित होने की उम्मीद है, जो व्यक्तियों को तनाव, चिंता और अवसाद से निपटने के लिए योग का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करती है। प्रभाव: इस फोकस से योग में वैश्विक भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है, विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने वाली आबादी के बीच। यह योग के चिकित्सीय अनुप्रयोगों में और अधिक शोध को भी प्रोत्साहित करेगा और इसे मुख्यधारा की स्वास्थ्य प्रणालियों में एकीकृत करने को बढ़ावा देगा, जिससे मानसिक कल्याण अधिक सुलभ हो सकेगा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियां जोरों पर
2026-06-12
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में भारत के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। यह दिन योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर मनाया जाता है। वर्तमान संदर्भ: 21 जून 2026 नजदीक आने के साथ, भारत में विभिन्न मंत्रालय और संगठन, अंतरराष्ट्रीय निकायों के साथ, वार्षिक उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। आयुष मंत्रालय से साल के लिए एक विशिष्ट थीम पर ध्यान केंद्रित करते हुए राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों का नेतृत्व करने की उम्मीद है, जिसकी घोषणा तारीख के करीब की जाएगी। तैयारियों में सामूहिक योग सत्र और जागरूकता अभियान आयोजित करने के लिए राज्य सरकारों और योग संस्थानों के साथ समन्वय शामिल है। प्रभाव: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वैश्विक स्वास्थ्य चेतना को बढ़ावा देता है, एक समग्र जीवन शैली को प्रोत्साहित करता है, और शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए एक अभ्यास के रूप में योग को बढ़ावा देता है। यह भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और दुनिया भर में पारंपरिक प्रथाओं को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका को भी मजबूत करता है।
यूनेस्को ने 'रण उत्सव' को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मान्यता दी
2026-06-12
पृष्ठभूमि: यूनेस्को, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन, विश्व धरोहर और सांस्कृतिक विविधता की रक्षा और संवर्धन के लिए काम करता है। सांस्कृतिक उत्सवों को मान्यता देना उनके संरक्षण और वैश्विक पहुंच में मदद करता है। वर्तमान संदर्भ: गुजरात के कच्छ के रण में मनाया जाने वाला जीवंत 'रण उत्सव' को इसकी अनूठी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में योगदान के लिए यूनेस्को से विशेष मान्यता मिली है। यह उत्सव कच्छ क्षेत्र की लोक कला, संगीत, नृत्य और शिल्प का प्रदर्शन करता है। प्रभाव: यह यूनेस्को मान्यता वैश्विक स्तर पर रण उत्सव की दृश्यता और सांस्कृतिक महत्व को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी। यह सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा, स्थानीय कारीगरों और कलाकारों के शिल्प और प्रदर्शनों की मांग बढ़ाकर उनका समर्थन करेगा, और कच्छ क्षेत्र की अनूठी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में सहायता करेगा।
राष्ट्रीय संग्रहालय ने दुर्लभ पांडुलिपियों को व्यापक पहुंच के लिए डिजिटाइज़ किया
2026-06-12
पृष्ठभूमि: संग्रहालय ऐतिहासिक कलाकृतियों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डिजिटलीकरण इन मूल्यवान संपत्तियों को सुरक्षित रखने और उन्हें वैश्विक दर्शकों के लिए सुलभ बनाने का एक आधुनिक तरीका है। वर्तमान संदर्भ: नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय ने दुर्लभ और प्राचीन पांडुलिपियों के अपने संग्रह को डिजिटाइज़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य इन नाजुक दस्तावेजों की उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल प्रतियां बनाना है, जिससे उन्हें क्षरण और संभावित क्षति से बचाया जा सके। प्रभाव: यह डिजिटलीकरण प्रयास न केवल अमूल्य ऐतिहासिक ग्रंथों के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करेगा, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से दुनिया भर के शोधकर्ताओं, विद्वानों और आम जनता के लिए उन्हें सुलभ भी बनाएगा। यह भारत की साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत की गहरी समझ और प्रशंसा को बढ़ावा देते हुए, आसान अध्ययन और अनुसंधान की सुविधा प्रदान करता है।
'कांचीपुरम सिल्क साड़ियों' को जीआई टैग मिला, बुनकरों की आजीविका बढ़ी
2026-06-12
पृष्ठभूमि: भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग उत्पत्ति का एक चिह्न है, जो यह सुनिश्चित करता है कि उत्पादों में कुछ गुण हों या उनकी भौगोलिक उत्पत्ति के कारण प्रतिष्ठा हो। भारत में अद्वितीय उत्पादों की एक समृद्ध परंपरा है जिन्हें जीआई संरक्षण से लाभ होता है। वर्तमान संदर्भ: प्रतिष्ठित 'कांचीपुरम सिल्क साड़ियां', जो अपने जटिल डिजाइनों और जीवंत रंगों के लिए प्रसिद्ध हैं, को हाल ही में जीआई टैग प्रदान किया गया है। यह मान्यता इन साड़ियों की प्रामाणिकता और पारंपरिक बुनाई तकनीकों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनका उत्पादन मुख्य रूप से तमिलनाडु के कांचीपुरम में होता है। प्रभाव: जीआई टैग नकली उत्पादों के उत्पादन को रोकने में मदद करेगा, यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता असली कांचीपुरम साड़ियां खरीदें। यह स्थानीय बुनकरों को उनके प्रामाणिक उत्पादों के बाजार मूल्य को बढ़ाकर सशक्त करेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और इस शिल्प से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा।
भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार जीता एशिया कप T20 खिताब
2026-06-12
पृष्ठभूमि: महिला एशिया कप T20 एशियाई महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों द्वारा खेला जाने वाला एक द्विवार्षिक टूर्नामेंट है। भारत ऐतिहासिक रूप से इस प्रतियोगिता में एक मजबूत शक्ति रहा है। वर्तमान संदर्भ: 15 अक्टूबर, 2023 को खेले गए एक रोमांचक फाइनल मैच में, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को हराकर अपना रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप T20 खिताब जीता। टीम ने टूर्नामेंट के दौरान उल्लेखनीय लचीलापन और कौशल का प्रदर्शन किया, मजबूत चुनौतियों पर विजय प्राप्त की। प्रभाव: इस जीत ने एशिया में भारत की अग्रणी क्रिकेटिंग राष्ट्र के रूप में स्थिति को और मजबूत किया है। यह टीम के लिए एक महत्वपूर्ण मनोबल बढ़ाने वाले के रूप में कार्य करता है, युवा महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों को प्रेरित करता है और देश में महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को मजबूत करता है।
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