Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस 2024: थीम और महत्व

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस 2024
2026-06-25
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस हर साल जुलाई के पहले शनिवार को मनाया जाता है। यह सहकारी समितियों की उपलब्धियों और विश्व स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके योगदान को स्वीकार करने का दिन है। वर्तमान संदर्भ: 2024 में, यह दिन 6 जुलाई को पड़ता है। इस वर्ष की थीम 'सहकारी समितियाँ: एक स्थायी भविष्य के लिए कार्य करने की शक्ति' है। यह थीम सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने और स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देने में सहकारी समितियों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालती है। प्रभाव: सहकारी समितियाँ आवश्यक सेवाओं तक पहुँच प्रदान करके, रोजगार के अवसर पैदा करके और समान आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर समुदायों को सशक्त बनाती हैं। वे लचीला समाज बनाने और सभी के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने में सहायक हैं।
विदर्भ क्षेत्र में पुरातात्विक खोज
2026-06-25
पृष्ठभूमि: विदर्भ क्षेत्र अपनी समृद्ध महापाषाण संस्कृति और प्राचीन बस्तियों के लिए जाना जाता है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाल ही में विदर्भ क्षेत्र में खुदाई के दौरान प्रारंभिक ऐतिहासिक काल की टेराकोटा मूर्तियों और मिट्टी के बर्तनों के टुकड़ों का एक संग्रह खोजा है। प्रभाव: ये निष्कर्ष मध्य भारत में प्राचीन समुदायों के सामाजिक-आर्थिक जीवन और व्यापार प्रथाओं में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। यह खोज क्षेत्र के सांस्कृतिक विकास को मैप करने में मदद करती है और प्राचीन शहरी नियोजन और कलात्मक शिल्प कौशल की समझ को मजबूत करती है।
लुप्तप्राय लोक कला दस्तावेजीकरण के लिए डिजिटल पहल
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारत में विविध लोक कलाओं का एक विशाल भंडार है जो आधुनिकीकरण के कारण विलुप्त होने के कगार पर है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन फोटोग्राफी और मौखिक इतिहास रिकॉर्डिंग के माध्यम से इन लुप्तप्राय कला रूपों को संग्रहीत करने के लिए एक व्यापक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। प्रभाव: यह पहल शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए एक महत्वपूर्ण भंडार के रूप में कार्य करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहें। यह ग्रामीण कारीगरों को डिजिटल पहुंच के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान और आर्थिक सहायता प्राप्त करने का मंच भी प्रदान करता है।
लीना पेट्रोवा ने तोड़ा महिलाओं का 100 मीटर विश्व रिकॉर्ड
2026-06-25
पृष्ठभूमि: 100 मीटर स्प्रिंट एथलेटिक्स में एक प्रमुख स्पर्धा है, जिसमें विश्व रिकॉर्ड मानवीय गति और एथलेटिक कौशल के शिखर का प्रतीक है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 के अंत में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान, रूसी धाविका लीना पेट्रोवा ने महिलाओं की 100 मीटर फाइनल में 10.45 सेकंड का अविश्वसनीय समय निकालकर एक शानदार प्रदर्शन किया। इस अद्भुत उपलब्धि ने लंबे समय से चले आ रहे विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जिससे वह इतिहास की सबसे तेज महिला बन गईं। उनका प्रभावशाली प्रदर्शन चैंपियनशिप का एक प्रमुख आकर्षण था। प्रभाव: पेट्रोवा का नया विश्व रिकॉर्ड स्प्रिंटिंग में मानवीय प्रदर्शन की सीमाओं को फिर से परिभाषित करता है, जिससे विश्व स्तर पर जबरदस्त उत्साह पैदा हुआ है। यह निस्संदेह अनगिनत महत्वाकांक्षी एथलीटों को प्रेरित करेगा और एथलेटिक्स के खेल और पेट्रोवा के उल्लेखनीय समर्पण पर महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करेगा।
आर्यन शर्मा ने जीता विंबलडन 2026 पुरुष एकल खिताब
2026-06-25
पृष्ठभूमि: विंबलडन, टेनिस के चार ग्रैंड स्लैम में से एक, अपने घास के कोर्ट और समृद्ध इतिहास के लिए प्रसिद्ध है, जो सालाना शीर्ष वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करता है। वर्तमान संदर्भ: विंबलडन 2026 के एक रोमांचक पांच-सेट के फाइनल में, उभरते हुए भारतीय टेनिस सनसनी आर्यन शर्मा ने अनुभवी चैंपियन राफेल नडाल को हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। यह जीत शर्मा के बढ़ते करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो सबसे बड़े मंच पर उनके असाधारण कौशल और लचीलेपन को प्रदर्शित करती है। प्रभाव: इस ऐतिहासिक जीत से आर्यन शर्मा के पुरुष टेनिस की शीर्ष रैंकिंग में पहुंचने की उम्मीद है, जिससे भारतीय एथलीटों की एक नई पीढ़ी प्रेरित होगी। यह भारत में टेनिस की लोकप्रियता को भी काफी बढ़ावा देगा और वैश्विक पुरुष टेनिस के बदलते परिदृश्य को उजागर करेगा।
वयोवृद्ध लोक कलाकार श्रीमती मीना देवी को संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार मिला
2026-06-25
पृष्ठभूमि: श्रीमती मीना देवी, पारंपरिक राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य की एक प्रसिद्ध प्रतिपादक, ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार के लिए पाँच दशकों से अधिक समर्पित किए हैं। उनके प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है, जो लोक परंपराओं की जीवंतता को प्रदर्शित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 25 जून, 2026 को, उन्हें संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो 75 वर्ष से अधिक आयु के उन कलाकारों के लिए एक विशेष सम्मान है जिन्हें पहले राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित नहीं किया गया है। यह पुरस्कार लोक कलाओं में उनके अपार, आजीवन योगदान को स्वीकार करता है। प्रभाव: यह पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता और समर्पण को मान्यता देता है, बल्कि पारंपरिक कला रूपों की सुरक्षा और वयोवृद्ध कलाकारों के समर्थन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। यह युवा पीढ़ियों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
डॉ. अन्या शर्मा को AI नैतिकता अनुसंधान के लिए 'ग्लोबल इनोवेशन प्राइज' से सम्मानित किया गया
2026-06-25
पृष्ठभूमि: डॉ. अन्या शर्मा दो दशकों से अधिक समय से नैतिक AI विकास में एक अग्रणी आवाज़ रही हैं, जो जिम्मेदार प्रौद्योगिकी और इसके सामाजिक प्रभावों की वकालत करती हैं। उनके शोध ने AI प्रणालियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मजबूत ढाँचे बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: उन्हें हाल ही में 24 जून को जिनेवा में नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए प्रतिष्ठित 'ग्लोबल इनोवेशन प्राइज' 2026 से सम्मानित किया गया। AI एल्गोरिदम में पूर्वाग्रह को कम करने और पारदर्शिता प्रोटोकॉल विकसित करने में उनके योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। प्रभाव: यह अंतर्राष्ट्रीय मान्यता उन्नत तकनीकी अनुसंधान और नैतिक शासन में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती है। यह भारतीय वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और तकनीकी नवाचार में नैतिकता को एकीकृत करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पुष्ट करती है।
'ग्रीन सिटीज मिशन' का दूसरा चरण शहरी हरियाली के लिए शुरू
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारत में तेजी से शहरीकरण के कारण शहरी हरित स्थानों में कमी आई है, जिससे वायु प्रदूषण, हीट आइलैंड प्रभाव और जैव विविधता में कमी आई है। इसे पहचानते हुए, सरकार ने सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने और पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए 'ग्रीन सिटीज मिशन' शुरू किया था। वर्तमान संदर्भ: 25 जून, 2026 को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 'ग्रीन सिटीज मिशन' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। यह चरण 50 अतिरिक्त शहरों तक विस्तारित होगा, जिसमें व्यापक शहरी वन विकसित करने, हरित गलियारे बनाने और 5,000 करोड़ रुपये के पर्याप्त बजट के साथ सतत भू-दृश्य को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रभाव: इस विस्तार से शहरी वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, शहरी हीट आइलैंड प्रभाव कम होगा और शहरी जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। यह महत्वपूर्ण मनोरंजक स्थान भी प्रदान करेगा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देगा, और देश भर में पर्यावरण के प्रति जागरूक शहरी नियोजन के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा।
भारत ने महत्वाकांक्षी मैंग्रोव संरक्षण योजना शुरू की
2026-06-25
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र तटीय सुरक्षा, कार्बन पृथक्करण और विविध समुद्री जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत में विशेष रूप से पूर्वी और पश्चिमी तटों पर महत्वपूर्ण मैंग्रोव आवरण है, लेकिन ये महत्वपूर्ण आवास जलवायु परिवर्तन, तटीय विकास और प्रदूषण से तेजी से खतरे में हैं। वर्तमान संदर्भ: 24 जून, 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने "राष्ट्रीय मैंग्रोव संरक्षण और बहाली योजना 2026-2030" का अनावरण किया। यह महत्वाकांक्षी पांच वर्षीय योजना व्यापक वनीकरण, समुदाय-नेतृत्व वाले संरक्षण और उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भारत के मैंग्रोव आवरण में 15% वृद्धि का लक्ष्य रखती है। प्रभाव: इस योजना से चरम मौसमी घटनाओं के खिलाफ तटीय लचीलेपन में उल्लेखनीय वृद्धि होने, जैव विविधता की रक्षा करने और इन पारिस्थितिकी तंत्रों पर निर्भर लाखों लोगों की आजीविका में सुधार होने की उम्मीद है। यह जलवायु कार्रवाई और अपने पारिस्थितिक बहाली लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
DRDO ने उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल 'प्रलय-II' का सफल परीक्षण किया
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारत अपनी स्वदेशी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने पर लगातार काम कर रहा है, जिसमें DRDO सबसे आगे है। 'प्रलय' श्रृंखला सामरिक युद्धक्षेत्र उपयोग के लिए डिज़ाइन की गई पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 23 जून, 2026 को ओडिशा तट से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल 'प्रलय-II' का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। परीक्षण ने सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया, जिससे बढ़ी हुई सटीकता और गतिशीलता का प्रदर्शन हुआ। प्रभाव: यह सफल परीक्षण भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमताओं, विशेष रूप से पारंपरिक प्रतिरोध में एक महत्वपूर्ण छलांग को दर्शाता है। 'प्रलय-II' भारतीय सशस्त्र बलों की उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों पर अधिक सटीकता और गति के साथ हमला करने की क्षमता को मजबूत करेगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests