Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

अंतर्राष्ट्रीय मामले: G7 खाद्य सुरक्षा, आसियान-भारत समुद्री संवाद

आसियान-भारत संवाद ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया
2026-06-26
पृष्ठभूमि: हिंद-प्रशांत क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जो क्षेत्रीय विवादों, समुद्री डकैती और पर्यावरणीय गिरावट जैसी जटिल समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। भारत और आसियान सदस्य देश एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी समुद्री क्षेत्र के लिए एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं। वर्तमान संदर्भ: 25-26 जून, 2026 को जकार्ता, इंडोनेशिया में एक उच्च-स्तरीय आसियान-भारत समुद्री सुरक्षा संवाद आयोजित किया गया। चर्चाओं में नौसैनिक सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने तथा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून को बनाए रखने के लिए संयुक्त गश्त आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रभाव: इस संवाद से रणनीतिक साझेदारियों को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने की उम्मीद है, जिससे नौसैनिक बलों के बीच अधिक अंतर-संचालनीयता और बेहतर सामूहिक प्रतिक्रिया तंत्र बनेंगे। यह क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देगा, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की रक्षा करेगा और हिंद-प्रशांत में समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देगा।
G7 शिखर सम्मेलन ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा चुनौतियों का समाधान किया
2026-06-26
पृष्ठभूमि: वैश्विक खाद्य सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जो जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भू-राजनीतिक संघर्षों से और बढ़ गई है। पिछले G7 पहलों ने कमजोर राष्ट्रों के लिए कृषि विकास और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: G7 नेता अपनी वार्षिक शिखर बैठक के लिए 24-26 जून, 2026 तक रोम, इटली में एकत्रित हुए। प्रमुख एजेंडा मदों में वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है, जिसमें स्थायी कृषि पद्धतियों, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण और भविष्य के संकटों को रोकने के लिए आपातकालीन खाद्य भंडार स्थापित करने पर चर्चा केंद्रित है। प्रभाव: शिखर सम्मेलन से महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं की उम्मीद है, जिसमें विकासशील देशों को बढ़ी हुई वित्तीय सहायता और तकनीकी हस्तांतरण शामिल हैं। इन उपायों का उद्देश्य खाद्य उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाना और पोषण तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है, जिससे दुनिया भर में भूख कम होगी और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
जल शक्ति मंत्रालय ने जल संचय अभियान शुरू किया
2026-06-26
पृष्ठभूमि: अत्यधिक दोहन और जलवायु परिवर्तनशीलता के कारण भारत के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में भारी गिरावट देखी जा रही है। वर्तमान संदर्भ: जल शक्ति मंत्रालय ने जल संकट से निपटने के लिए 'जल संचय अभियान' शुरू किया है। यह पहल चेक डैम के निर्माण, पारंपरिक जल निकायों के कायाकल्प और 100 जल-तनाव वाले जिलों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह जलभृतों की वैज्ञानिक मैपिंग के साथ सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत करता है। प्रभाव: इस अभियान का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में भूजल स्तर को 15% तक बढ़ाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और घरेलू उपयोग के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शहरी शासन सुधार नीति को मंजूरी दी
2026-06-26
पृष्ठभूमि: शहरी स्थानीय निकाय दशकों से वित्तीय स्वायत्तता और प्रशासनिक दक्षता की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय शहरी शासन सुधार' नीति को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य नगरपालिका रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना और शहरों के लिए प्रदर्शन-आधारित फंडिंग लागू करना है। यह नीति सभी टियर-1 और टियर-2 शहरों में ई-गवर्नेंस मॉड्यूल को अपनाना अनिवार्य बनाती है। प्रभाव: इस सुधार से नगरपालिका कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने, कर संग्रह दक्षता में सुधार और नागरिकों को बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जिससे अंततः सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
वैश्विक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भारतीय क्षेत्रीय सामग्री में बड़े निवेश की घोषणा की
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारतीय ओटीटी बाजार विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है, जिसमें क्षेत्रीय भाषा की सामग्री को अपार लोकप्रियता मिल रही है। प्लेटफॉर्म विविध दर्शकों को आकर्षित करने के लिए स्थानीयकृत रणनीतियों पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: एक प्रमुख वैश्विक ओटीटी प्लेटफॉर्म 'स्ट्रीमवर्स' ने अगले दो वर्षों में विभिन्न भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं, जिनमें तमिल, तेलुगु, मलयालम और बंगाली शामिल हैं, में 20 से अधिक मूल श्रृंखलाओं और फिल्मों का निर्माण करने के लिए एक बहु-मिलियन डॉलर की निवेश योजना की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक कथाओं का लाभ उठाना है। प्रभाव: इस रणनीतिक कदम से क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने, स्थानीय प्रतिभाओं के लिए कई रोजगार के अवसर पैदा होने और भारतीय क्षेत्रीय कहानियों की वैश्विक दृश्यता बढ़ने की उम्मीद है। यह ओटीटी खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा को तेज करेगा, जिससे ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता और अधिक विविध सामग्री की पेशकश होगी।
ब्लॉकबस्टर फिल्म 'विरासत' ने बनाए नए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारतीय सिनेमा ने महामारी के बाद एक पुनरुत्थान देखा है, जिसमें कई फिल्मों ने महत्वपूर्ण व्यावसायिक सफलता हासिल की है। उद्योग लगातार राजस्व और दर्शकों की सहभागिता के लिए नए मानदंड तलाश रहा है। वर्तमान संदर्भ: हाल ही में रिलीज हुई हिंदी फिल्म 'विरासत', जिसमें प्रमुख कलाकार शामिल हैं, ने अपनी रिलीज के पहले सप्ताह के भीतर विश्व स्तर पर ₹500 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, जो गैर-छुट्टी रिलीज के लिए नए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। इसकी सम्मोहक कहानी और शानदार प्रदर्शन ने व्यापक आलोचनात्मक प्रशंसा और दर्शकों की सराहना बटोरी है। प्रभाव: यह सफलता भारतीय सामग्री की बढ़ती वैश्विक अपील और उच्च गुणवत्ता वाले सिनेमाई अनुभवों की मजबूत मांग को रेखांकित करती है। इससे बड़े पैमाने के निर्माणों में निवेशकों का विश्वास बढ़ने और फिल्म निर्माताओं को विविध कथाओं का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित होने की उम्मीद है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन परिदृश्य में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
आरबीआई ने उपभोक्ता संरक्षण के लिए सख्त डिजिटल ऋण दिशानिर्देश जारी किए
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारत में डिजिटल ऋण ऐप्स के तेजी से प्रसार ने शिकारी प्रथाओं, अत्यधिक ब्याज दरों, डेटा गोपनीयता उल्लंघनों और पारदर्शिता की कमी के संबंध में महत्वपूर्ण चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन जोखिमों को पहचानते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पूरे क्षेत्र में जिम्मेदार ऋण प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा विकसित करने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 22 जून, 2026 को, आरबीआई ने डिजिटल ऋण प्लेटफार्मों के लिए अपने व्यापक अंतिम दिशानिर्देशों का अनावरण किया। ये नए नियम सख्त 'अपने ग्राहक को जानें' (KYC) मानदंडों, ब्याज दरों और सभी संबंधित शुल्कों के प्रकटीकरण में पूर्ण पारदर्शिता, और ऋण रद्द करने के लिए अनिवार्य कूलिंग-ऑफ अवधि की शुरुआत को अनिवार्य करते हैं। महत्वपूर्ण रूप से, सभी ऋण संवितरण और पुनर्भुगतान अब सीधे उधारकर्ता और विनियमित इकाई के बैंक खाते के बीच होने चाहिए, जिससे तीसरे पक्ष के मध्यस्थ समाप्त हो जाएंगे। प्रभाव: इस ऐतिहासिक ढांचे से बढ़ते डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र में बहुत आवश्यक अनुशासन और जवाबदेही आने, उपभोक्ता संरक्षण में उल्लेखनीय वृद्धि और धोखाधड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है। जबकि इससे फिनटेक कंपनियों के लिए अनुपालन लागत बढ़ सकती है, यह क्षेत्र के भीतर अधिक विश्वास और टिकाऊ, नैतिक विकास को बढ़ावा देने की उम्मीद है। फिनटेक भागीदारों के साथ सहयोग करने वाले पारंपरिक बैंकों को भी इन नए नियामक मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
आरबीआई ने रेपो दर 6.5% पर बरकरार रखी, सख्त रुख का संकेत दिया
2026-06-25
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से मौद्रिक नीति समीक्षा करता है। ये समीक्षाएं रेपो दर जैसी प्रमुख ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो पूरे भारतीय अर्थव्यवस्था में उधार लेने और देने की लागत को सीधे प्रभावित करती हैं। आरबीआई के निर्णयों पर बाजारों और व्यवसायों की कड़ी नजर रहती है। वर्तमान संदर्भ: 24 जून, 2026 को अपनी मध्य-तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में, आरबीआई ने बेंचमार्क रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखने का विकल्प चुना। यह निर्णय मुख्य रूप से लगातार घरेलू मुद्रास्फीति दबावों और मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण लिया गया था। दरों को अपरिवर्तित रखते हुए, मौद्रिक नीति समिति ने एक सख्त रुख अपनाया, जो मुद्रास्फीति के लक्ष्य सीमा से अधिक रहने पर भविष्य में दर समायोजन के लिए तत्परता का संकेत देता है। प्रभाव: इस नीति का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को मजबूती से स्थिर करना और मूल्य स्थिरता को सुदृढ़ करना है, जो सतत दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए मौलिक है। वाणिज्यिक बैंकों के लिए, अपरिवर्तित दरें उनके उधार और जमा पोर्टफोलियो में अस्थायी स्थिरता प्रदान करती हैं। हालांकि, आरबीआई की सख्त टिप्पणी सक्रिय जोखिम प्रबंधन और रणनीतिक योजना की आवश्यकता का सुझाव देती है, क्योंकि भविष्य में दर वृद्धि से ऋण मांग और समग्र बाजार तरलता प्रभावित हो सकती है।
नमो ड्रोन दीदी योजना का विस्तार
2026-06-25
पृष्ठभूमि: नमो ड्रोन दीदी योजना को ड्रोन तकनीक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 25 जून 2026 तक, सरकार ने देश भर में 50,000 अतिरिक्त स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को शामिल करने के लिए योजना के विस्तार की घोषणा की है। यह पहल महिलाओं को कृषि छिड़काव और निगरानी के लिए प्रशिक्षण और ड्रोन किट प्रदान करती है। प्रभाव: इस विस्तार से भारत में सटीक खेती (प्रिसिजन फार्मिंग) में क्रांति आने की उम्मीद है। महिलाओं को कृषि आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करके, यह योजना श्रम लागत को कम करती है।
पीएम-विकास कौशल विकास पहल का शुभारंभ
2026-06-25
पृष्ठभूमि: सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल अंतर को पाटने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। वर्तमान संदर्भ: 25 जून 2026 को, कौशल विकास मंत्रालय ने ग्रामीण कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 'पीएम-विकास' (विकसित कौशल) पहल शुरू की। यह कार्यक्रम डिजिटल साक्षरता को पारंपरिक शिल्प कौशल के साथ जोड़ता है। प्रभाव: इस पहल का लक्ष्य 2027 तक 10 लाख से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को सशक्त बनाना है, जिससे उनकी बाजार पहुंच और आय के स्तर में सुधार हो सके। यह स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देकर 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests