Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

कला एवं संस्कृति करेंट अफेयर्स: जीआई टैग, लद्दाख खोज

कच्छी रोगन कला को मिला प्रतिष्ठित जीआई टैग
2026-06-29
पृष्ठभूमि: कच्छी रोगन कला गुजरात के कच्छ क्षेत्र की एक अनूठी 400 साल पुरानी हस्तकला है, जिसमें अरंडी के तेल और प्राकृतिक रंगों से बने गाढ़े पेस्ट का उपयोग करके कपड़े पर चित्रकारी की जाती है। खत्री समुदाय द्वारा पारंपरिक रूप से अभ्यास की जाने वाली यह कला अपने जटिल पैटर्न और जीवंत, टिकाऊ रंगों के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान संदर्भ: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर "कच्छी रोगन कला" को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया है। यह मान्यता इस विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों को सुरक्षित करने के स्थानीय कारीगर समूहों के व्यापक प्रयासों के बाद मिली है, जिससे इसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी। प्रभाव: जीआई टैग कच्छी रोगन कला को नकल से कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे इसके अभ्यासकर्ताओं की आजीविका सुरक्षित होगी। इससे कला के बाजार मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि होने, इसकी वैश्विक पहचान बढ़ने और इस उत्कृष्ट पारंपरिक शिल्प को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
लद्दाख में प्राचीन बौद्ध मठ के अवशेषों की खोज
2026-06-29
पृष्ठभूमि: लद्दाख, अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत के लिए जाना जाने वाला क्षेत्र है, जिसमें सदियों के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास को दर्शाते हुए कई प्राचीन मठ और स्तूप हैं। पुरातात्विक अन्वेषण अक्सर ऐसे स्थल उजागर करते हैं जो हिमालय में बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक प्रसार में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लेह, लद्दाख के पास एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज की गई है, जहाँ पहले से अज्ञात प्राचीन बौद्ध मठ परिसर के अवशेष मिले हैं। प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि यह स्थल 8वीं-9वीं शताब्दी ईस्वी का है, जिसमें अच्छी तरह से संरक्षित स्तूप और मठवासी कक्ष शामिल हैं। प्रभाव: यह खोज ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में प्रारंभिक बौद्ध स्थापत्य शैली और मठवासी जीवन को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह भारत के पुरातात्विक आख्यान में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है, सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर नए दृष्टिकोण प्रदान करता है और संभावित रूप से विरासत पर्यटन को बढ़ावा देता है, जिससे स्थानीय आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में योगदान मिलता है।
अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस 2026
2026-06-29
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस हर साल 30 जून को मनाया जाता है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2018 में राष्ट्रीय शासन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में संसदों की मौलिक भूमिका को पहचानने के लिए की गई थी। वर्तमान संदर्भ: 30 जून, 2026 के करीब आते ही, दुनिया इस दिन को मनाएगी, जो लोकतंत्र, शांति और सतत विकास को बढ़ावा देने में संसदीय प्रणालियों के महत्व पर विचार करेगी। यह इस बात का आकलन करने का अवसर है कि संसदें तकनीकी प्रगति और वैश्विक संकटों सहित समकालीन चुनौतियों के अनुकूल कैसे बन रही हैं। प्रभाव: यह उत्सव प्रतिनिधि लोकतंत्र के सिद्धांतों को मजबूत करता है और दुनिया भर की संसदों को अपने विधायी, निगरानी और प्रतिनिधि कार्यों को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह संसदीय सर्वोत्तम प्रथाओं और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में उनके योगदान पर संवाद को बढ़ावा देता है।
पीएम-किसान योजना वित्तीय सहायता से किसानों को सशक्त बनाना जारी रखे हुए है
2026-06-29
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को 24 फरवरी 2019 को देश के सभी भूमि-धारक किसान परिवारों को आय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों के साथ-साथ घरेलू जरूरतों के लिए उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। वर्तमान संदर्भ: यह योजना पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रदान करती है, जिसका भुगतान 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किया जाता है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने लाखों किसानों के लिए निरंतर वित्तीय प्रवाह सुनिश्चित करते हुए कई किस्तों का सफलतापूर्वक वितरण किया है। शेष पात्र लाभार्थियों को शामिल करने और डेटाबेस में किसी भी विसंगति को दूर करने के प्रयास जारी हैं। प्रभाव: पीएम-किसान ने छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय स्थिरता में काफी सुधार किया है, जिससे उन्हें बेहतर बीज, उर्वरक और उपकरण में निवेश करने में मदद मिली है। इसने संकटग्रस्त प्रवासन को कम करने और ग्रामीण आजीविका में सुधार करने में भी मदद की है, जिससे समग्र कृषि अर्थव्यवस्था में योगदान मिला है।
आरबीआई ने एनबीएफसी के लिए तरलता कवरेज अनुपात (LCR) नियमों को कड़ा किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) प्रणालीगत जोखिमों को रोकने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की निगरानी करता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, आरबीआई ने ऊपरी परत वाली एनबीएफसी के लिए सख्त तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) आवश्यकताओं को अनिवार्य कर दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास पर्याप्त उच्च गुणवत्ता वाली तरल संपत्ति है। यह कदम बाजार की अस्थिरता के दौरान संभावित तरलता तनाव को कम करने के लिए है। प्रभाव: यह विनियमन एनबीएफसी को एक मजबूत बफर बनाए रखने के लिए मजबूर करेगा, जिससे उनकी लचीलापन बढ़ेगी।
सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान सुरक्षा के लिए नए दिशानिर्देश जारी
2026-06-29
पृष्ठभूमि: यूपीआई और डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि के साथ, वित्तीय धोखाधड़ी वित्त मंत्रालय के लिए एक बड़ी चिंता बन गई है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 के अंत में, सरकार ने भुगतान एग्रीगेटर्स और गेटवे के लिए व्यापक सुरक्षा दिशानिर्देश पेश किए। ये नियम सभी उच्च-मूल्य वाले डिजिटल लेनदेन के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और रीयल-टाइम धोखाधड़ी पहचान प्रणाली को अनिवार्य करते हैं। प्रभाव: इन उपायों का उद्देश्य डिजिटल बुनियादी ढांचे में उपभोक्ता विश्वास बनाना, साइबर-वित्तीय अपराधों की घटनाओं को कम करना और भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करना है।
महाकाव्य 'इटरनल इकोज़' ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड
2026-06-29
पृष्ठभूमि: 28 जून 2026 को रिलीज़ हुई बहुप्रतीक्षित भारतीय फिल्म "इटरनल इकोज़" से बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी। वर्तमान संदर्भ: फिल्म ने अपने शुरुआती सप्ताहांत में ही वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो एक महत्वपूर्ण राजस्व मील का पत्थर पार करने वाली सबसे तेज़ भारतीय फिल्म बन गई है। इसकी सफलता का श्रेय इसकी सम्मोहक कहानी, उत्कृष्ट प्रदर्शन और उन्नत दृश्य प्रभावों को दिया जाता है, जिसने अपार आलोचनात्मक प्रशंसा और दर्शकों का प्यार प्राप्त किया है। प्रभाव: यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक अपील और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की इसकी क्षमता को उजागर करती है। इससे भविष्य की प्रस्तुतियों के लिए नए मानक स्थापित होने और उद्योग में अधिक महत्वाकांक्षी तथा तकनीकी रूप से उन्नत परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
स्ट्रीमवर्स ने बहुप्रतीक्षित साइंस-फाई सीरीज़ 'नेक्सस पॉइंट' का अनावरण किया
2026-06-29
पृष्ठभूमि: प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म स्ट्रीमवर्स महीनों से अपनी महत्वाकांक्षी मूल साइंस-फाई सीरीज़ 'नेक्सस पॉइंट' का प्रचार कर रहा था, जिससे दर्शकों में काफी उत्सुकता थी। वर्तमान संदर्भ: यह सीरीज़ आधिकारिक तौर पर 27 जून 2026 को लॉन्च हुई, जिसे अपनी जटिल कहानी, नवीन कथावाचन और अत्याधुनिक निर्माण गुणवत्ता के लिए तुरंत प्रशंसा मिली। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता और समानांतर ब्रह्मांडों के जटिल विषयों की पड़ताल करती है, जिससे विविध दर्शक वर्ग आकर्षित हुआ है। प्रभाव: यह रिलीज़ स्ट्रीमवर्स के लिए अपनी मूल सामग्री लाइब्रेरी को मजबूत करने और विशेष रूप से प्रतिस्पर्धी साइंस-फाई शैली में व्यापक वैश्विक दर्शकों को आकर्षित करने की एक रणनीतिक पहल है। इसके मजबूत स्वागत से प्रीमियम, शैली-परिभाषित डिजिटल मनोरंजन के केंद्र के रूप में स्ट्रीमवर्स की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests