Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

पर्यावरण और पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स: मैंग्रोव और ई-कचरा नीति

भारत ने राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल शुरू की
2026-06-28
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं, जो तूफानों से सुरक्षा, जैव विविधता और कार्बन पृथक्करण प्रदान करते हैं। भारत के मैंग्रोव वन मानवीय गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन से क्षरण का सामना कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: 27 जून, 2026 को पर्यावरण मंत्रालय ने "राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल 2026" (NMRI-2026) शुरू की। यह कार्यक्रम 10 तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मैंग्रोव आवरण को पांच वर्षों में बहाल और विस्तारित करेगा, जिसमें उपग्रह मानचित्रण और सामुदायिक भागीदारी शामिल है। प्रभाव: यह पहल तटीय लचीलेपन को बढ़ाएगी, समुदायों को अत्यधिक मौसम से बचाएगी और समुद्री जैव विविधता को बढ़ावा देगी। यह जलवायु लक्ष्यों में योगदान देगी और स्थानीय मछली पकड़ने वालों के लिए स्थायी आजीविका को प्रोत्साहित करेगी।
ई-कचरा प्रबंधन नीति ढांचा 2.0
2026-06-28
पृष्ठभूमि: इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-कचरा) खतरनाक घटकों और बढ़ती मात्रा के कारण एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती है। भारत के पिछले ई-कचरा नियमों को लागू करने में बाधाएं थीं, जिससे अनौपचारिक क्षेत्र का प्रभुत्व रहा। वर्तमान संदर्भ: 26 जून, 2026 को पर्यावरण मंत्रालय ने "ई-कचरा प्रबंधन नीति ढांचा 2.0" का अनावरण किया। यह नीति सख्त विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) लक्ष्य, उन्नत रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियों और ई-कचरा प्रवाह के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली पेश करती है। प्रभाव: नए ढांचे से ई-कचरा रीसाइक्लिंग क्षेत्र औपचारिक होगा, अनुचित निपटान से प्रदूषण कम होगा और संसाधन पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा मिलेगा। यह हरित रोजगार भी पैदा करेगा और भारत की ई-कचरा प्रथाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाएगा।
डॉ. देवी शेट्टी को प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कार्डियोलॉजी पुरस्कार से सम्मानित किया गया
2026-06-28
पृष्ठभूमि: डॉ. देवी शेट्टी एक प्रसिद्ध भारतीय हृदय सर्जन और भारत में एक प्रमुख अस्पताल नेटवर्क, नारायण हेल्थ के संस्थापक हैं। उन्हें उन्नत हृदय देखभाल को सुलभ और किफायती बनाने में उनके योगदान के लिए व्यापक रूप से पहचाना जाता है। वर्तमान संदर्भ: एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मान्यता में, डॉ. देवी शेट्टी को जिनेवा में आयोजित विश्व कार्डियोलॉजी कांग्रेस में 'ग्लोबल हार्ट एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार न्यूनतम इनवेसिव कार्डियक सर्जरी में उनके अग्रणी कार्य और कम लागत वाले कार्डियक केयर मॉडल स्थापित करने के उनके प्रयासों को स्वीकार करता है। प्रभाव: यह सम्मान न केवल डॉ. शेट्टी की व्यक्तिगत उपलब्धियों पर प्रकाश डालता है, बल्कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा वितरण में भारत की प्रगति पर वैश्विक ध्यान भी आकर्षित करता है। यह दुनिया भर के चिकित्सा पेशेवरों को प्रेरित करता है और सुलभ स्वास्थ्य सेवा के महत्व को पुष्ट करता है।
भारतीय लेखक 'आनंद नीलकंठन' ने जीता अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार
2026-06-28
पृष्ठभूमि: आनंद नीलकंठन एक प्रशंसित भारतीय लेखक हैं जो महाकाव्यों और ऐतिहासिक घटनाओं को अपरंपरागत दृष्टिकोण से बताने वाली अपनी बेस्टसेलिंग पुस्तकों के लिए जाने जाते हैं, जो अक्सर हाशिए पर पड़े पात्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: श्री नीलकंठन को फ्रैंकफर्ट बुक फेयर में उनके उपन्यास 'द सर्पेंट्स रिवेंज' के लिए 'इंटरनेशनल बेस्टसेलिंग ऑथर अवार्ड' से सम्मानित किया गया है, जो महाभारत की एक अनोखी पुनर्कल्पना राक्षस राजा घटोत्कच के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। यह पुरस्कार उन साहित्यिक कृतियों का सम्मान करता है जो महत्वपूर्ण वैश्विक पाठक वर्ग और आलोचनात्मक प्रशंसा प्राप्त करती हैं। प्रभाव: यह पुरस्कार भारतीय साहित्य को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है, जो भारतीय कहानी कहने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है। यह अधिक लेखकों को अनूठी कथाओं का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है और साहित्य के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देता है, जिससे दुनिया भर में भारतीय महाकाव्यों और इतिहास के प्रति अधिक प्रशंसा बढ़ती है।
नीरज चोपड़ा पेरिस ओलंपिक 2024 की तैयारी में जुटे
2026-06-28
पृष्ठभूमि: नीरज चोपड़ा, भाला फेंक में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन, ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को अपार गौरव दिलाया है। वह अपने निरंतर प्रदर्शन और समर्पण के लिए जाने जाने वाले एक प्रशंसित एथलीट हैं। वर्तमान संदर्भ: पेरिस ओलंपिक 2024 नजदीक आने के साथ, नीरज चोपड़ा अपने खिताब की रक्षा के लिए कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं। वह अपनी तकनीक को बेहतर बनाने और मैच फिटनेस बनाने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं। उनका वर्तमान ध्यान ओलंपिक कार्यक्रम के लिए सही समय पर अपने चरम पर पहुंचने पर है। प्रभाव: चोपड़ा का प्रदर्शन एथलेटिक्स में भारत की पदक की उम्मीदों के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी सफलता लाखों युवा भारतीयों को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करती है और भारतीय एथलेटिक्स पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करती है।
पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भारत का दल अंतिम रूप ले रहा है
2026-06-28
पृष्ठभूमि: भारत पिछले कुछ संस्करणों में ओलंपिक खेलों में अपने पदकों की संख्या को लगातार बढ़ा रहा है, जो देश में खेलों के विकास को दर्शाता है। निशानेबाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी और एथलेटिक्स जैसे विभिन्न विषयों के एथलीटों ने गौरव प्राप्त किया है। वर्तमान संदर्भ: पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भारतीय दल के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एथलीट विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और राष्ट्रीय चैंपियनशिप के माध्यम से क्वालीफाई कर रहे हैं। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) एक अच्छी तरह से तैयार और मजबूत दल सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न खेल महासंघों के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रभाव: पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल के मजबूत प्रदर्शन से भारत में खेल पारिस्थितिकी तंत्र को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे जमीनी स्तर पर खेलों में अधिक निवेश और भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।
लुप्तप्राय लोक कलाओं के लिए डिजिटल पहल
2026-06-28
पृष्ठभूमि: भारत में विविध लोक कला रूपों का एक विशाल भंडार है, जिनमें से कई दस्तावेजीकरण की कमी के कारण विलुप्त होने की कगार पर हैं। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने इन पारंपरिक कला रूपों, मौखिक परंपराओं और शिल्पों को संग्रहीत करने के लिए एक व्यापक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। प्रभाव: यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सुनिश्चित करेगी। यह शोधकर्ताओं और उत्साही लोगों के लिए क्षेत्रीय कलाओं का अध्ययन और प्रचार करने के लिए एक केंद्रीकृत मंच प्रदान करता है, जिससे देश भर के हाशिए पर रहने वाले कारीगर समुदायों की दृश्यता बढ़ती है।
ASI ने विदर्भ में प्राचीन टेराकोटा कलाकृतियों की खोज की
2026-06-28
पृष्ठभूमि: विदर्भ क्षेत्र अपने समृद्ध पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है, जो अक्सर वाकाटक राजवंश से जुड़ा होता है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाल ही में विदर्भ क्षेत्र में खुदाई के दौरान टेराकोटा की मूर्तियों और मिट्टी के बर्तनों के टुकड़ों का एक संग्रह खोजा है। ये कलाकृतियां प्रारंभिक ऐतिहासिक काल की हैं। प्रभाव: यह खोज प्राचीन मध्य भारत के सामाजिक-आर्थिक जीवन और कलात्मक शिल्प कौशल में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। यह इतिहासकारों को उस युग के व्यापार मार्गों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को समझने में मदद करती है, जिससे भारत के प्राचीन विकास की समझ और समृद्ध होती है।
अंतर्राष्ट्रीय नशा दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस 2026 मनाया गया
2026-06-28
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1987 में 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के रूप में स्थापित किया था, ताकि अवैध दवाओं से समाज को होने वाली गंभीर समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। इसका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मुक्त दुनिया प्राप्त करने के लिए कार्रवाई और सहयोग को मजबूत करना है। वर्तमान संदर्भ: 26 जून 2026 को, इस दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाया गया, जिसमें सिंथेटिक दवाओं के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और राष्ट्रीय रणनीतियों के लिए नए सिरे से आह्वान किया गया। भारत ने युवाओं और पुनर्वास पर केंद्रित एक नया जागरूकता अभियान शुरू किया, जिसमें "सबूत स्पष्ट है: रोकथाम में निवेश करें" विषय पर जोर दिया गया। प्रभाव: यह अवलोकन नशीली दवाओं से संबंधित चुनौतियों से निपटने, साक्ष्य-आधारित रोकथाम, उपचार और देखभाल को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यह सरकारों, नागरिक समाज और व्यक्तियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग को संबोधित करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित करता है।
एमएसएमई दिवस 2026: भारत ने छोटे व्यवसायों के लिए बढ़ाया समर्थन
2026-06-28
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 27 जून को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस के रूप में घोषित किया ताकि सतत विकास और गरीबी उन्मूलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को पहचाना जा सके। एमएसएमई दुनिया भर में रोजगार सृजन, नवाचार और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: एमएसएमई दिवस 2026 पर, भारत ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, नई नीतिगत प्रोत्साहन और ऋण सुविधा योजनाओं की घोषणा की। एमएसएमई मंत्रालय ने इस क्षेत्र के लचीलेपन और भारत के सकल घरेलू उत्पाद और निर्यात में इसके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला, जिसमें डिजिटल परिवर्तन और कौशल विकास पहलों पर जोर दिया गया। प्रभाव: इन उपायों से भारतीय एमएसएमई को और सशक्त बनाने की उम्मीद है, जिससे वे चुनौतियों का सामना कर सकें, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकें और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत हो सकें। बढ़ा हुआ समर्थन उद्यमिता को बढ़ावा देगा, अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेगा और पूरे देश में समावेशी आर्थिक विकास को गति देगा।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests