Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

रक्षा और सुरक्षा समाचार: अग्नि-V परीक्षण, नौसेना प्रेरण, ड्रोन तकनीक

भारतीय नौसेना पी-15बी स्टील्थ विध्वंसक जहाजों को शामिल करेगी
2026-06-20
पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना समुद्री खतरों का मुकाबला करने और हिंद महासागर क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए अपने बेड़े का आधुनिकीकरण कर रही है। आधुनिक युद्धपोतों के लिए पता लगाने से बचने हेतु स्टील्थ तकनीक महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय नौसेना अपने पी-15बी श्रेणी के गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाजों में से पहले, आईएनएस इम्फाल को शामिल करने के कगार पर है। ये अत्याधुनिक युद्धपोत भारतीय नौसेना के वारशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए हैं और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किए गए हैं। इनमें उन्नत स्टील्थ क्षमताएं, बढ़ी हुई उत्तरजीविता और एक शक्तिशाली हथियार और सेंसर सूट शामिल हैं। प्रभाव: पी-15बी विध्वंसक जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की युद्ध प्रभावशीलता और शक्ति प्रक्षेपण क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। उनकी स्टील्थ विशेषताएं एक सामरिक लाभ प्रदान करेंगी, जबकि उनके उन्नत हथियार उन्हें हवाई-रोधी युद्ध से लेकर पनडुब्बी-रोधी अभियानों तक की एक विस्तृत श्रृंखला को अंजाम देने में सक्षम बनाएंगे।
डीआरडीओ ने उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणालियाँ विकसित कीं
2026-06-20
पृष्ठभूमि: मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) का प्रसार, जिसमें हथियारबंद ड्रोन भी शामिल हैं, सैन्य प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती पेश करता है। वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शत्रुतापूर्ण ड्रोनों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणालियाँ विकसित और तैनात की हैं। ये प्रणालियाँ ड्रोन खतरों के खिलाफ एक व्यापक रक्षा प्रदान करने के लिए रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक जैमर के संयोजन का उपयोग करती हैं। वे स्टैंडअलोन और एकीकृत दोनों मोड में काम कर सकती हैं। प्रभाव: इन उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणालियों की तैनाती हवाई खतरों के खिलाफ भारत के सुरक्षा तंत्र को काफी मजबूत करती है। यह जासूसी, तस्करी या आतंकवादी गतिविधियों के लिए ड्रोनों के दुरुपयोग का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत समाधान प्रदान करता है, जिससे संवेदनशील स्थानों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा होती है।
2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लिए भारत की प्रतिबद्धता
2026-06-20
पृष्ठभूमि: भारत, एक प्रमुख विकासशील अर्थव्यवस्था, आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन शमन की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। अपनी वैश्विक जिम्मेदारी को पहचानते हुए, भारत ने महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वर्तमान संदर्भ: COP26 में, भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने का संकल्प लिया। इस प्रतिबद्धता में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर एक महत्वपूर्ण परिवर्तन, ऊर्जा दक्षता में सुधार और टिकाऊ औद्योगिक प्रथाओं को अपनाना शामिल है। सरकार सक्रिय रूप से सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा दे रही है। प्रभाव: इस दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों, तकनीकी प्रगति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। इसका उद्देश्य भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना और वैश्विक जलवायु स्थिरता में योगदान देना है, साथ ही हरित क्षेत्रों में नए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देना है।
हरित हाइड्रोजन के लिए राष्ट्रीय मिशन से नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा
2026-06-20
पृष्ठभूमि: जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य स्वच्छ विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। हरित हाइड्रोजन, जो नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके उत्पादित की जाती है, को एक प्रमुख समाधान के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान संदर्भ: भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, जिसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिव्यय के साथ लॉन्च किया गया है, का उद्देश्य देश को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है। यह स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइज़र विनिर्माण क्षमता विकसित करने, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने और रिफाइनिंग, उर्वरक और परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन की मांग पैदा करने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस मिशन से भारत की आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता काफी कम होने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आने और पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह भारत के शुद्ध-शून्य लक्ष्यों के अनुरूप है और देश को उभरती हुई हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में एक अग्रणी के रूप में स्थापित करता है।
बाघ जनगणना से संरक्षित क्षेत्रों में आबादी में वृद्धि का खुलासा
2026-06-20
पृष्ठभूमि: बाघ शीर्ष शिकारी हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनका संरक्षण भारत के लिए प्राथमिकता है, जो दुनिया की बाघ आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के भीतर विभिन्न संरक्षण प्रयास किए जाते हैं। वर्तमान संदर्भ: नवीनतम अखिल भारतीय बाघ अनुमान रिपोर्ट भारत के संरक्षित क्षेत्रों में बाघों की आबादी में लगातार वृद्धि का संकेत देती है। इस वृद्धि का श्रेय प्रभावी संरक्षण रणनीतियों, बढ़ी हुई गश्त, आवास सुधार और अवैध शिकार विरोधी प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को दिया जाता है। विशिष्ट आरक्षित वनों ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया है। प्रभाव: बाघों की बढ़ती संख्या सफल संरक्षण पहलों और बेहतर आवास स्थितियों का प्रतीक है। यह जैव विविधता संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और वन्यजीव संरक्षण में एक वैश्विक नेता के रूप में उसकी स्थिति को पुष्ट करता है। हालांकि, यह आवास विखंडन और मानव-वन्यजीव संघर्ष के खिलाफ निरंतर सतर्कता की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्रपति ने सार्वजनिक सेवा के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए
2026-06-20
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार प्रतिवर्ष लोक प्रशासन और सामाजिक कल्याण में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए प्रदान किए जाते हैं। वर्तमान संदर्भ: 19 जून 2026 को, भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में 15 प्रतिष्ठित सिविल सेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को ये पुरस्कार प्रदान किए। चयन का आधार अभिनव शासन मॉडल और जमीनी स्तर पर प्रभाव था। प्रभाव: ये पुरस्कार प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मनोबल बढ़ाने का कार्य करते हैं, जो उन्हें नागरिक-केंद्रित नीतियों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यह जवाबदेही और दक्षता की संस्कृति को बढ़ावा देता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में राष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार 2026
2026-06-20
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार उन अभूतपूर्व शोधों को मान्यता देता है जो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 20 जून 2026 को, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 2026 संस्करण के विजेताओं की घोषणा की। डॉ. अनन्या राव को टिकाऊ ऊर्जा भंडारण समाधानों में उनके काम के लिए शीर्ष सम्मान मिला। पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र और उनके प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए शोध अनुदान शामिल है। प्रभाव: यह मान्यता वैज्ञानिक अनुसंधान में भारत की बढ़ती क्षमता को उजागर करती है। यह युवा वैज्ञानिकों को जलवायु परिवर्तन के लिए स्वदेशी समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करती है।
आईपीएल 2026: रणनीतिक योजना के बीच फ्रेंचाइजी आगामी सीजन के लिए तैयार
2026-06-20
पृष्ठभूमि: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भारत में सालाना आयोजित होने वाला एक प्रमुख ट्वेंटी20 क्रिकेट टूर्नामेंट है, जिसमें शहर-आधारित फ्रेंचाइजी भाग लेती हैं। यह विश्व स्तर पर सबसे अधिक लाभदायक और लोकप्रिय खेल लीगों में से एक बन गया है। वर्तमान संदर्भ: जैसे-जैसे आईपीएल 2026 सीज़न नज़दीक आ रहा है, सभी दस फ्रेंचाइजी सक्रिय रूप से रणनीतिक योजना में जुटी हुई हैं। इसमें खिलाड़ी प्रतिधारण नीतियों का विश्लेषण करना, संभावित प्रतिधारण और रिलीज की पहचान करना, और 2025 के अंत में निर्धारित मेगा नीलामी की तैयारी करना शामिल है। टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम संतुलित स्क्वाड बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। प्रभाव: फ्रेंचाइजी द्वारा यह सक्रिय दृष्टिकोण एक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक आईपीएल 2026 सीज़न सुनिश्चित करता है। यह टीमों को अपने कोर को मजबूत करने और कमजोरियों को दूर करने की अनुमति देता है, अंततः क्रिकेट की समग्र गुणवत्ता और प्रशंसक जुड़ाव को बढ़ाता है।
आईपीएल 2026: खिलाड़ी नीलामी और स्क्वाड रीवैम्प्स के लिए प्रत्याशा बढ़ी
2026-06-20
पृष्ठभूमि: आईपीएल खिलाड़ी नीलामी एक महत्वपूर्ण आयोजन है जहां टीमें खिलाड़ियों के लिए बोली लगाकर अपने स्क्वाड का पुनर्निर्माण करती हैं, जिसका आगामी सीजन में उनके प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यह रणनीतिक बोली और टीम प्रबंधन से जुड़ा एक उच्च-दांव वाला मामला है। वर्तमान संदर्भ: आईपीएल 2026 सीज़न के क्षितिज पर होने के साथ, मेगा खिलाड़ी नीलामी के लिए प्रत्याशा बढ़ रही है। टीमें महत्वपूर्ण भूमिकाओं को भरने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की प्रतिभाओं की सावधानीपूर्वक खोज कर रही हैं। कई फ्रेंचाइजी से महत्वपूर्ण स्क्वाड रीवैम्प्स से गुजरने की उम्मीद है, जिसका लक्ष्य अपनी लाइनअप में नई ऊर्जा और सामरिक लचीलापन लाना है। प्रभाव: खिलाड़ी नीलामी और उसके बाद के स्क्वाड परिवर्तन आईपीएल 2026 के प्रतिस्पर्धी परिदृश्य को परिभाषित करेंगे। यह उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और स्थापित सितारों को नई टीमें खोजने के अवसर प्रदान करता है, जिससे अप्रत्याशित मैच परिणाम और प्रशंसकों की रुचि बढ़ती है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने प्राचीन स्मारकों की डिजिटल मैपिंग शुरू की
2026-06-20
पृष्ठभूमि: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) 3,600 से अधिक केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों का प्रबंधन करता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, ASI ने स्मारकों की संरचनात्मक अखंडता और ऐतिहासिक विवरणों को प्रलेखित करने के लिए LiDAR तकनीक का उपयोग करके एक व्यापक डिजिटल मैपिंग परियोजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य भारत की स्थापत्य विरासत का 3D भंडार बनाना है। प्रभाव: यह डिजिटल परिवर्तन संरक्षण प्रयासों को काफी बढ़ाएगा, आपदा प्रबंधन योजना में सुधार करेगा और शोधकर्ताओं को सटीक डेटा प्रदान करेगा, जिससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests