LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

रक्षा और सुरक्षा करेंट अफेयर्स: शक्ति VI, प्रलय-II, आईएनएस विंध्यगिरि

भारतीय नौसेना में नए स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस विंध्यगिरि को शामिल किया गया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना एक महत्वपूर्ण आधुनिकीकरण अभियान से गुजर रही है, जो अपनी नीले-पानी की क्षमताओं को बढ़ाने और समुद्री हितों को सुरक्षित करने के लिए स्वदेशी जहाज निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट इस विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वर्तमान संदर्भ: 11 जून, 2026 को, भारतीय नौसेना ने मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में प्रोजेक्ट 17A वर्ग के पांचवें स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस विंध्यगिरि को शामिल किया। यह उन्नत युद्धपोत अत्याधुनिक सेंसर, हथियारों और स्टील्थ सुविधाओं से लैस है। प्रभाव: आईएनएस विंध्यगिरि का शामिल होना हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की परिचालन पहुंच और युद्ध क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है। यह समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, इसकी नौसेना उपस्थिति को मजबूत करता है, और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देता है, साथ ही स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को भी बढ़ावा देता है।
भारत ने राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल शुरू की
2026-06-13
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं, जो तूफानों से सुरक्षा प्रदान करते हैं, कटाव को रोकते हैं और समुद्री जीवन के लिए नर्सरी का काम करते हैं। भारत में महत्वपूर्ण मैंग्रोव आवरण है, लेकिन यह विकास और जलवायु परिवर्तन से खतरों का सामना करता है। वर्तमान संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 10 जून, 2026 को एक व्यापक "राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल" शुरू की है। इस बहु-राज्य कार्यक्रम का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी और उन्नत पारिस्थितिक तकनीकों के माध्यम से degraded मैंग्रोव वनों को बहाल करना और मौजूदा आवरण का विस्तार करना है। इसमें अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए धन शामिल है। प्रभाव: इस पहल से तटीय लचीलेपन में उल्लेखनीय वृद्धि, जैव विविधता की सुरक्षा और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर तटीय समुदायों की आजीविका में सुधार की उम्मीद है। यह भारत के जलवायु परिवर्तन अनुकूलन लक्ष्यों और कार्बन पृथक्करण प्रयासों में भी योगदान देगा, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
रिपोर्ट में हिमालयी ग्लेशियरों के alarming पिघलने और जल सुरक्षा खतरों पर प्रकाश डाला गया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: हिमालयी ग्लेशियर प्रमुख एशियाई नदियों के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत हैं, जो अरबों लोगों का समर्थन करते हैं। जलवायु परिवर्तन ने उनके पिघलने की गति को तेज कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय जल सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए दीर्घकालिक खतरे पैदा हो गए हैं। वर्तमान संदर्भ: वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (WIHG) द्वारा 12 जून, 2026 को जारी एक हालिया रिपोर्ट में कई प्रमुख हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने की alarming दर पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में 2050 तक निचले इलाकों के लिए पानी की उपलब्धता में महत्वपूर्ण कमी का अनुमान लगाया गया है, जो मजबूत जल प्रबंधन रणनीतियों और जलवायु कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर जोर देता है। प्रभाव: निष्कर्ष भारत और पड़ोसी देशों में कृषि, जलविद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति के लिए गंभीर प्रभावों को रेखांकित करते हैं। यह भविष्य की जल सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सीमा पार जल संसाधनों पर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन शमन और अनुकूलन में त्वरित प्रयासों का आह्वान करता है।
डॉ. एस. सोमनाथ को 'विज्ञान रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: 'विज्ञान रत्न' एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है जिसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने, भारत में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रतिष्ठित अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्वेषण में उनके दूरदर्शी नेतृत्व और महत्वपूर्ण प्रगति के लिए 'विज्ञान रत्न' पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में चुना गया है। प्रभाव: यह सम्मान इसरो के चंद्रयान और मंगलयान सहित सफल मिशनों में डॉ. सोमनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है, जो वैज्ञानिकों की भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करता है और वैश्विक अंतरिक्ष प्रयासों में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।
प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. अरुंधति रॉय को 'साहित्य गौरव' पुरस्कार प्राप्त हुआ
2026-06-13
पृष्ठभूमि: 'साहित्य गौरव' पुरस्कार एक वार्षिक सम्मान है जो उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने भारतीय साहित्य में असाधारण और स्थायी योगदान दिया है, इसकी विविध परंपराओं को समृद्ध किया है और साहित्यिक उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया है। वर्तमान संदर्भ: प्रसिद्ध उपन्यासकार और निबंधकार डॉ. अरुंधति रॉय, जो अपने सशक्त आख्यानों और आलोचनात्मक अंतर्दृष्टि के लिए जानी जाती हैं, को समकालीन भारतीय लेखन पर उनके गहरे प्रभाव और सामाजिक-राजनीतिक विषयों के उनके निडर अन्वेषण के लिए 'साहित्य गौरव' से सम्मानित किया गया है। प्रभाव: यह पुरस्कार डॉ. रॉय की महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धियों और भारत में साहित्यिक विमर्श को आकार देने में उनकी भूमिका को स्वीकार करता है, जो उनके प्रशंसित कार्यों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर सूक्ष्म दृष्टिकोण और आलोचनात्मक जुड़ाव को प्रोत्साहित करता है।
भारतीय फिल्म निर्देशक मीरा नायर को 'ग्लोबल सिनेमा आइकन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: 'ग्लोबल सिनेमा आइकन' पुरस्कार एक अंतर्राष्ट्रीय मान्यता है जो उन फिल्म निर्माताओं का जश्न मनाती है जिनके काम ने सीमाओं को पार किया है, वैश्विक सिनेमाई रुझानों को प्रभावित किया है, और अद्वितीय कहानी कहने की क्षमता का प्रदर्शन किया है। वर्तमान संदर्भ: प्रशंसित भारतीय फिल्म निर्देशक मीरा नायर, जिन्हें 'मानसून वेडिंग' और 'सलाम बॉम्बे!' जैसी समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों के लिए जाना जाता है, को विश्व सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में 'ग्लोबल सिनेमा आइकन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रभाव: यह प्रतिष्ठित सम्मान मीरा नायर की सार्वभौमिक मानवीय भावनाओं और सामाजिक वास्तविकताओं को पकड़ने की क्षमता को उजागर करता है, भारतीय आख्यानों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाता है और फिल्म निर्माताओं की एक नई पीढ़ी को विविध सांस्कृतिक दृष्टिकोणों का पता लगाने के लिए प्रेरित करता है।
आईपीएल 2026: आगामी सीज़न के लिए प्रत्याशा बढ़ी
2026-06-13
पृष्ठभूमि: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भारत में एक पेशेवर ट्वेंटी20 क्रिकेट लीग है, जिसकी स्थापना 2008 में हुई थी। इसमें फ्रेंचाइजी टीमें शामिल हैं और यह विश्व स्तर पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली क्रिकेट लीगों में से एक है। वर्तमान संदर्भ: 2026 सीज़न नजदीक आने के साथ, क्रिकेट प्रशंसक आधिकारिक शेड्यूल जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। टीमें रणनीति बना रही हैं, और स्क्वाड बनाने के लिए खिलाड़ी नीलामी एक प्रमुख फोकस है। लीग घरेलू सितारों के साथ-साथ शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को आकर्षित करना जारी रखती है। प्रभाव: आईपीएल मीडिया अधिकारों, प्रायोजनों और पर्यटन के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देता है। यह उभरते भारतीय क्रिकेटरों को खेल के उच्चतम स्तर पर अनुभव और एक्सपोजर प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान करता है।
आईपीएल 2026: खिलाड़ी विकास और जमीनी क्रिकेट पर ध्यान
2026-06-13
पृष्ठभूमि: आईपीएल अपनी स्थापना के बाद से भारत में युवा क्रिकेट प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें पोषित करने में सहायक रहा है। भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले कई खिलाड़ी आईपीएल से निकले हैं। वर्तमान संदर्भ: 2026 सीज़न के लिए, फ्रेंचाइजी के भीतर खिलाड़ी विकास कार्यक्रमों पर जोर बढ़ा है। महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) जैसी लीग भी गति पकड़ रही हैं, जो खेल में लैंगिक समानता को बढ़ावा दे रही हैं। देश भर में जमीनी क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभाव: विकास पर यह ध्यान भारतीय क्रिकेट की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय टीमों के लिए प्रतिभाओं की एक स्थिर पाइपलाइन सुनिश्चित करता है और क्रिकेट को समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ खेल के रूप में बढ़ावा देता है, जिससे एक स्वस्थ और अधिक प्रतिस्पर्धी खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होता है।
बिहार में पुरातात्विक सर्वेक्षण में प्राचीन बौद्ध मठ का पता चला
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) भारत के ऐतिहासिक अतीत को उजागर करने के लिए नियमित रूप से खुदाई करता है। ये निष्कर्ष अक्सर प्राचीन सभ्यताओं और धार्मिक प्रथाओं पर प्रकाश डालते हैं। वर्तमान संदर्भ: हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि बिहार क्षेत्र में एक खुदाई के दौरान एएसआई की एक टीम ने एक प्राचीन बौद्ध मठ के अवशेषों की खोज की है। प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि मठ गुप्त काल का है, जिसमें स्थल पर जटिल नक्काशी और कलाकृतियाँ मिली हैं। प्रभाव: यह खोज प्राचीन भारत में बौद्ध धर्म के प्रसार और गुप्त काल के दौरान प्रचलित वास्तुशिल्प शैलियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने और क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व पर आगे शोध होने की उम्मीद है।
काशी की 'गंगा आरती' और 'ठठेरा शिल्प' यूनेस्को अमूर्त विरासत सूची के लिए नामांकित
2026-06-13
पृष्ठभूमि: यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपराओं की जीवित अभिव्यक्तियों को मान्यता देती है। भारत की कई ऐसी परंपराएं पहले से ही सूचीबद्ध हैं। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से दो महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रथाओं को नामांकित किया है: पवित्र गंगा आरती समारोह और पारंपरिक ठठेरा शिल्प (धातु के बर्तन बनाने की कला)। इन नामांकनों का उद्देश्य उनके सांस्कृतिक मूल्य के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करना और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है। प्रभाव: यूनेस्को सूची में शामिल होने से इन प्रथाओं पर वैश्विक ध्यान आकर्षित होगा, उनकी निरंतरता को प्रोत्साहित मिलेगा और उनके अभ्यासकर्ताओं के लिए समर्थन प्रदान होगा। यह भारत की विविध अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests