LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

आयुष्मान भव अभियान: भारत में स्वास्थ्य कवरेज का विस्तार

व्यापक स्वास्थ्य कवरेज के लिए 'आयुष्मान भव' अभियान शुरू
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारत सरकार ने लगातार अपने नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा पहुंच और परिणामों में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'आयुष्मान भव' अभियान शुरू किया है, जो एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र लाभार्थी विभिन्न स्वास्थ्य आश्वासन योजनाओं के तहत कवर हों। यह अभियान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और लाभों के साथ सभी गांवों और शहरी वार्डों को संतृप्त करने का प्रयास करता है, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा अधिक सुलभ हो सके। प्रभाव: 'आयुष्मान भव' अभियान से सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पहुंच में काफी वृद्धि होने, स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार होने और यह सुनिश्चित होने की उम्मीद है कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और वित्तीय सुरक्षा तक पहुंचने में कोई भी पात्र नागरिक पीछे न छूटे।
इटली में जी7 शिखर सम्मेलन संपन्न: यूक्रेन सहायता और एआई शासन पर केंद्रित
2026-06-13
पृष्ठभूमि: ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका से बना एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। यह वैश्विक आर्थिक शासन, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा नीति पर चर्चा के लिए सालाना मिलता है। वर्तमान संदर्भ: इटली द्वारा आयोजित 2026 जी7 शिखर सम्मेलन 13 जून को संपन्न हुआ। एक महत्वपूर्ण परिणाम जमे हुए रूसी संपत्तियों द्वारा समर्थित यूक्रेन को अतिरिक्त $50 बिलियन ऋण प्रदान करने का समझौता था। नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास और परिनियोजन के लिए वैश्विक मानदंड स्थापित करने पर भी चर्चा की, जिसका उद्देश्य जिम्मेदार नवाचार सुनिश्चित करना और जोखिमों को कम करना है। प्रभाव: इस वित्तीय पैकेज से यूक्रेन के रक्षा और आर्थिक सुधार के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एआई शासन ढांचे का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना, दुरुपयोग को रोकना और नैतिक एआई को बढ़ावा देना है, जो तकनीकी प्रगति और वैश्विक डिजिटल नीतियों को प्रभावित करेगा।
इटली और जर्मनी ने आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर द्विपक्षीय संबंधों को गहरा किया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: इटली और जर्मनी यूरोपीय संघ और नाटो के प्रमुख सदस्य हैं, जिनके मजबूत आर्थिक और राजनीतिक संबंध हैं। दोनों राष्ट्र विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों और द्विपक्षीय पहलों पर सहयोग करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 12 जून, 2026 को, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रोम में जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। चर्चाओं का मुख्य ध्यान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर था, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन के क्षेत्र में। उन्होंने पूर्वी यूरोप में चल रहे संघर्ष और यूरोपीय रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की रणनीतियों सहित साझा सुरक्षा चिंताओं को भी संबोधित किया। प्रभाव: बढ़ी हुई सहयोग से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता में योगदान देगा। सुरक्षा में संयुक्त प्रयास यूरोपीय संघ की सामूहिक रक्षा मुद्रा और भू-राजनीतिक चुनौतियों का जवाब देने की उसकी क्षमता को मजबूत करने की संभावना है।
RBI ने मजबूत घरेलू मांग के बीच वित्त वर्ष 25 के लिए 7.2% जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारत की अर्थव्यवस्था ने लचीलापन दिखाया है, जिसमें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लगातार विकास और मुद्रास्फीति की गतिशीलता की निगरानी कर रहा है। केंद्रीय बैंक मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और आर्थिक विस्तार का समर्थन करने के लिए मौद्रिक नीति निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी हालिया समीक्षा में, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि के अनुमान को 7.2% पर बरकरार रखा है। यह आशावादी दृष्टिकोण निरंतर घरेलू मांग, बेहतर ग्रामीण खपत और मजबूत निवेश गतिविधि की अपेक्षाओं पर आधारित है। समिति ने उल्लेख किया कि अर्थव्यवस्था स्थिर विस्तार का अनुभव कर रही है। प्रभाव: यह अनुमान निरंतर आर्थिक गति का संकेत देता है, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि और समग्र जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। 7.2% की विकास दर भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाएगी, जिससे और अधिक विदेशी निवेश आकर्षित होगा और वैश्विक आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
वित्त वर्ष 25 में मुद्रास्फीति के 4.5% तक कम होने की उम्मीद, RBI ने रेपो दर अपरिवर्तित रखी
2026-06-13
पृष्ठभूमि: मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता बनाए रखने का आरबीआई का प्राथमिक उद्देश्य है। केंद्रीय बैंक तरलता का प्रबंधन करने और मुद्रास्फीति के स्तर को प्रभावित करने के लिए रेपो दर जैसे उपकरणों का उपयोग करता है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई की नवीनतम रिपोर्ट में वित्त वर्ष 25 के लिए मुद्रास्फीति के 4.5% तक कम होने का अनुमान लगाया गया है। यह पूर्वानुमान खाद्य मूल्य दबाव में नरमी और स्थिर वैश्विक कमोडिटी कीमतों की धारणा पर आधारित है। नतीजतन, मौद्रिक नीति समिति ने मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए 'वापसी की गुंजाइश' की स्थिति बनाए रखते हुए नीतिगत रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। प्रभाव: रेपो दर को स्थिर रखने का उद्देश्य मूल्य स्थिरता की आवश्यकता को आर्थिक विकास का समर्थन करने के साथ संतुलित करना है। कम मुद्रास्फीति उपभोक्ताओं को क्रय शक्ति बढ़ाकर लाभ पहुंचाती है और व्यवसायों के लिए अनिश्चितता को कम करती है, जिससे संभावित रूप से निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, आरबीआई मुद्रास्फीति के संभावित ऊपरी जोखिमों के प्रति सतर्क है।
डिजिटल भुगतानों में उछाल जारी: यूपीआई लेनदेन नए मील के पत्थर पर पहुंचे
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारत वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और नकदी के उपयोग को कम करने के लिए डिजिटल भुगतानों को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रहा है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी पहलों ने भुगतान परिदृश्य में क्रांति ला दी है। वर्तमान संदर्भ: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़े डिजिटल भुगतान की मात्रा में निरंतर वृद्धि का खुलासा करते हैं, जिसमें यूपीआई लेनदेन लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म ने उपयोगकर्ता अपनाने और लेनदेन की आवृत्ति में घातीय वृद्धि देखी है, जो देश भर के लाखों लोगों के लिए दैनिक वित्तीय गतिविधियों का एक अभिन्न अंग बन गया है। प्रभाव: डिजिटल भुगतानों, विशेष रूप से यूपीआई को व्यापक रूप से अपनाने से वित्तीय लेनदेन में सुविधा, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है। यह अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने, रिसाव को कम करने और आर्थिक विश्लेषण के लिए मूल्यवान डेटा प्रदान करने में योगदान देता है। यह प्रवृत्ति फिनटेक कंपनियों के विकास और वित्तीय क्षेत्र के भीतर डिजिटल नवाचार का भी समर्थन करती है।
इसरो ने गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण परीक्षण किए
2026-06-13
पृष्ठभूमि: गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन करना है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, इसरो ने क्रू मॉड्यूल के लिए उच्च-ऊंचाई वाले एबॉर्ट परीक्षणों और पैराशूट परिनियोजन सिमुलेशन की एक श्रृंखला सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। ये परीक्षण लॉन्च और री-एंट्री चरणों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रभाव: ये सफल परीक्षण भारत को मानवयुक्त मिशन लॉन्च करने के अपने लक्ष्य के करीब लाते हैं, जिससे देश वैश्विक मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित होता है।
भारत ने राष्ट्रीय एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना का विस्तार किया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन शुरू किया। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 में, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने प्रमुख अनुसंधान केंद्रों में नए जीपीयू-आधारित सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर की तैनाती की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को बड़े पैमाने पर एआई मॉडल प्रशिक्षण के लिए आवश्यक प्रसंस्करण शक्ति प्रदान करना है। प्रभाव: यह अवसंरचनात्मक बढ़ावा स्वदेशी एआई विकास में तेजी लाएगा, विदेशी क्लाउड प्रदाताओं पर निर्भरता कम करेगा और भारत को एआई अनुसंधान के लिए वैश्विक केंद्र बनाएगा।
भारत-फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास 'शक्ति VI' संपन्न
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारत और फ्रांस के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास की 'शक्ति' श्रृंखला का उद्देश्य सैन्य सहयोग और अंतरसंचालनीयता को बढ़ाना है। ये अभ्यास अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित होते हैं। वर्तमान संदर्भ: छठा संस्करण, 'शक्ति VI', 12 जून, 2026 को जोधपुर, राजस्थान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोनों सेनाओं के सैनिकों ने उच्च-तीव्रता वाले सामरिक अभ्यास, विशेष हेलीबोर्न संचालन और खुफिया जानकारी जुटाने में भाग लिया। प्रभाव: इस अभ्यास ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया, जिससे समकालीन सुरक्षा चुनौतियों, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक आतंकवाद विरोधी प्रयास शामिल हैं, से निपटने के लिए संयुक्त परिचालन क्षमताओं को परिष्कृत किया गया।
DRDO ने उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल 'प्रलय-II' का सफल परीक्षण किया
2026-06-13
पृष्ठभूमि: भारत राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपनी स्वदेशी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। 'प्रलय' श्रृंखला उन्नत पारंपरिक अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने के भारत के प्रयासों का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान संदर्भ: 10 जून, 2026 को, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से 'प्रलय-II', एक उन्नत हाइपरसोनिक पारंपरिक मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। मिसाइल ने असाधारण गतिशीलता और सटीकता का प्रदर्शन किया। प्रभाव: यह सफल परीक्षण भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो एक दुर्जेय पारंपरिक स्ट्राइक क्षमता प्रदान करता है। यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करता है और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप विदेशी रक्षा आयात पर निर्भरता कम करता है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests