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राष्ट्रीय मामले: स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यावरण अपडेट

मातृ देखभाल में सुधार हेतु स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'मातृ सुरक्षा अभियान' शुरू किया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: भारत विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से मातृ मृत्यु दर को कम करने का प्रयास कर रहा है। मातृ स्वास्थ्य से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचा और आउटरीच सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल 'मातृ सुरक्षा अभियान' के शुभारंभ की घोषणा की है। यह कार्यक्रम माताओं और नवजात शिशुओं के लिए प्रसव पूर्व देखभाल, सुरक्षित प्रसव प्रथाओं और प्रसवोत्तर देखभाल में सुधार पर केंद्रित है। इसमें स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए उन्नत प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की बेहतर उपलब्धता, और एक मजबूत रेफरल प्रणाली शामिल है। प्रभाव: इस पहल से रोके जा सकने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आने, प्रजनन आयु की महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान मिलने की उम्मीद है। यह स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सशक्त भी करेगा और सुरक्षित मातृत्व प्रथाओं के बारे में सामुदायिक जागरूकता बढ़ाएगा।
शिक्षा मंत्रालय ने मूलभूत चरण के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा का अनावरण किया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 शिक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव पर जोर देती है, जो कम उम्र से ही समग्र विकास और कौशल-आधारित शिक्षा पर केंद्रित है। मूलभूत चरण, जिसमें 3-8 वर्ष की आयु शामिल है, संज्ञानात्मक और सामाजिक-भावनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: शिक्षा मंत्रालय ने एनईपी 2020 के अनुरूप, मूलभूत चरण (एनसीएफएफएस) के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा आधिकारिक तौर पर जारी की है। यह रूपरेखा 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम, शिक्षणशास्त्र और मूल्यांकन के लिए दिशानिर्देश प्रदान करती है। यह खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित सीखने, भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एकीकरण, और आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता के विकास पर जोर देती है। इसमें बहुभाषावाद और प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रावधान भी शामिल हैं। प्रभाव: एनसीएफएफएस का उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए अधिक आकर्षक और प्रभावी सीखने का माहौल बनाना है, जिससे उनके समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके। यह पाठ्यपुस्तकों, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) केंद्रों के विकास का मार्गदर्शन करेगा, जिससे अंततः सीखने के परिणामों में सुधार होगा और भविष्य की शिक्षा के लिए एक मजबूत नींव तैयार होगी।
ग्रामीण सड़क संपर्क का विस्तार करने के लिए पीएमजीएसवाई चरण IV शुरू किया गया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की शुरुआत वर्ष 2000 में ग्रामीण क्षेत्रों में असंबद्ध बसाहटों को हर मौसम में चलने वाली सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए की गई थी। बेहतर सड़क अवसंरचना आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बाजारों तक पहुंच के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मौजूदा सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और उसकी गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण IV की शुरुआत की है। यह चरण वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों में नई सड़कों के निर्माण और उन्नत प्रौद्योगिकी और टिकाऊ सामग्री के माध्यम से ग्रामीण सड़कों के उन्नयन को प्राथमिकता देगा। योजना में मौजूदा ग्रामीण सड़कों को उच्च मानकों तक उन्नत करना और कृषि बाजारों और सामाजिक बुनियादी ढांचे तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना शामिल है। प्रभाव: पीएमजीएसवाई के चरण IV से बाजारों तक पहुंच में सुधार और परिवहन लागत को कम करके ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार और निर्माण गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करके ग्रामीण आबादी के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। एलडब्ल्यूई क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास में सुधार करना है।
इटली में जी7 शिखर सम्मेलन संपन्न: यूक्रेन और एआई पर रहा मुख्य फोकस
2026-06-08
पृष्ठभूमि: ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका का एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। यह वैश्विक आर्थिक शासन, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा नीति पर चर्चा के लिए सालाना मिलता है। वर्तमान संदर्भ: इटली द्वारा आयोजित 2026 जी7 शिखर सम्मेलन 7 जून, 2026 को संपन्न हुआ। प्रमुख निष्कर्षों में यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहायता प्रदान करने की नवीनीकृत प्रतिबद्धता शामिल थी, जिसमें नेताओं ने यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए जमे हुए रूसी संपत्तियों का उपयोग करने के लिए एक ढांचे पर सहमति व्यक्त की। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नैतिक विकास और शासन पर भी भारी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मानदंड स्थापित करना था। प्रभाव: शिखर सम्मेलन के निर्णयों ने यूक्रेन के साथ अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत किया है और जमे हुए संपत्तियों का लाभ उठाने के लिए एक मिसाल कायम की है। एआई शासन पर ध्यान केंद्रित करना परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी के प्रबंधन के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण का संकेत देता है, जो संभावित रूप से वैश्विक नियामक ढांचे को प्रभावित कर सकता है और जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा दे सकता है।
जी7 में इटली और अमेरिका ने आर्थिक सुरक्षा सहयोग को गहरा किया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: आर्थिक सुरक्षा राष्ट्रों के लिए एक बढ़ती चिंता का विषय है, जिसमें महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, तकनीकी बुनियादी ढांचे और वित्तीय प्रणालियों को अनुचित विदेशी प्रभाव या व्यवधान से बचाना शामिल है। जी7 राष्ट्र अक्सर इन कमजोरियों को दूर करने के लिए नीतियों का समन्वय करते हैं। वर्तमान संदर्भ: इटली में 2026 जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इटली ने द्विपक्षीय चर्चाएं कीं जिन्होंने आर्थिक सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। दोनों देशों ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए संभावित खतरों पर खुफिया जानकारी साझा करने और आर्थिक जबरदस्ती की प्रतिक्रियाओं का समन्वय करने पर सहमति व्यक्त की। इसमें आवश्यक वस्तुओं और सेमीकंडक्टर के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के संयुक्त प्रयास शामिल हैं। प्रभाव: जी7 ढांचे के भीतर इस मजबूत द्विपक्षीय सहयोग से आर्थिक झटकों और भू-राजनीतिक दबावों के खिलाफ लचीलापन बढ़ने की उम्मीद है। यह राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं की सुरक्षा और एक स्थिर वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को बढ़ावा देने में प्रमुख सहयोगियों के बीच एक एकीकृत मोर्चा का संकेत देता है, जो निरंतर विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
RBI ने FY25 के लिए GDP विकास अनुमान 7.2% पर बरकरार रखा
2026-06-08
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आर्थिक विकास का पूर्वानुमान लगाने के लिए नियमित रूप से मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतकों की समीक्षा करता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए, केंद्रीय बैंक ने पहले विभिन्न आर्थिक कारकों के आधार पर 7.2% की GDP विकास दर का अनुमान लगाया था। वर्तमान संदर्भ: अपने नवीनतम मूल्यांकन में, RBI ने FY25 के लिए वास्तविक GDP विकास अनुमान को 7.2% पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय घरेलू मांग के लचीलेपन, ग्रामीण खपत में संभावित वृद्धि और विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रों में निरंतर गति से प्रेरित है। केंद्रीय बैंक ने नोट किया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन भारत के घरेलू आर्थिक चालक मजबूत बने हुए हैं। प्रभाव: विकास अनुमान को बनाए रखने से निवेशकों और व्यवसायों को एक सकारात्मक संकेत मिलता है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ता है। यह बताता है कि अंतर्निहित आर्थिक मौलिकता बाहरी झटकों का सामना करने और उच्च विकास पथ पर जारी रहने के लिए पर्याप्त मजबूत है, जो रोजगार सृजन और समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
RBI ने FY25 में मुद्रास्फीति के 4.5% तक कम होने का अनुमान लगाया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: मुद्रास्फीति प्रबंधन भारतीय रिज़र्व बैंक का एक प्रमुख कार्य है। केंद्रीय बैंक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की बारीकी से निगरानी करता है और मुद्रास्फीति को एक निर्दिष्ट सीमा के भीतर रखने के लिए लक्ष्य निर्धारित करता है, जो आमतौर पर लगभग 4% होता है जिसमें +/- 2% की सहनशीलता होती है। वर्तमान संदर्भ: RBI ने अनुमान लगाया है कि खुदरा मुद्रास्फीति, जिसे CPI द्वारा मापा जाता है, वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में 4.5% तक कम होने की संभावना है। यह अनुमान अनाज और दालों की स्थिर खाद्य कीमतों और आपूर्ति-पक्ष दक्षता में सुधार के सरकारी निरंतर प्रयासों पर आधारित है। हालांकि वैश्विक कमोडिटी की कीमतें जोखिम पैदा करती हैं, RBI को उम्मीद है कि घरेलू कारक मुद्रास्फीति की अपेक्षाओं को काफी हद तक नियंत्रित करेंगे। प्रभाव: मुद्रास्फीति में 4.5% तक की अनुमानित गिरावट उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह क्रय शक्ति को बढ़ाती है और जीवन यापन की लागत को कम करती है। अर्थव्यवस्था के लिए, यह RBI को आवश्यकता पड़ने पर एक उदार मौद्रिक नीति रुख बनाए रखने के लिए गुंजाइश प्रदान करता है, जिससे मूल्य दबावों को बढ़ाए बिना विकास का समर्थन होता है। यह मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता बनाए रखने में भी सहायता करता है।
इसरो ने सफलतापूर्वक INSAT-4DS उपग्रह का प्रक्षेपण किया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: भारत की INSAT उपग्रह श्रृंखला संचार, प्रसारण और मौसम संबंधी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पास सफल उपग्रह प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष मिशनों का एक लंबा इतिहास है। वर्तमान संदर्भ: 7 जून 2026 को, इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से INSAT-4DS उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह उन्नत उपग्रह INSAT प्रणाली की मौजूदा संचार और प्रसारण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें। प्रभाव: INSAT-4DS उपग्रह पूरे भारत में टेलीविजन प्रसारण, दूरसंचार और डेटा सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में काफी सुधार करेगा। यह आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सूचना प्रसार में भी योगदान देगा, जिससे राष्ट्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
भारतीय नौसेना ने उन्नत स्वदेशी सोनार प्रणालियों को शामिल किया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना लगातार अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास करती है, विशेष रूप से पानी के नीचे युद्ध और निगरानी में। महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों का स्वदेशी विकास आत्मनिर्भरता के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 के पहले सप्ताह में, भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में उन्नत स्वदेशी सोनार प्रणालियों को शामिल किया। इन अत्याधुनिक प्रणालियों को भारतीय अनुसंधान संस्थानों और रक्षा निर्माताओं द्वारा विकसित किया गया है, जो नौसैनिक प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रभाव: इन उन्नत सोनार प्रणालियों को शामिल करने से भारतीय नौसेना की पानी के नीचे पता लगाने और ट्रैक करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी। यह पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) की क्षमता को बढ़ाएगा, जटिल समुद्री वातावरण में स्थितिजन्य जागरूकता में सुधार करेगा, और राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा।
भारत ने अग्नि-V बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-06-08
पृष्ठभूमि: भारत अपनी रक्षा मुद्रा को मजबूत करने के लिए लगातार अपनी रणनीतिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहा है। अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें भारत के परमाणु निवारण का एक आधार स्तंभ हैं। वर्तमान संदर्भ: 7 जून, 2026 को, भारत ने इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर से अपनी अग्नि-V अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का एक विकासात्मक परीक्षण सफलतापूर्वक किया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने और 5,000 किलोमीटर से अधिक दूर के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। प्रभाव: इस सफल परीक्षण से भारत की रणनीतिक निवारण क्षमताएं काफी मजबूत हुई हैं, जो विरोधियों को उसकी जवाबी कार्रवाई की क्षमता का आश्वासन देती हैं और विश्वसनीय निवारण के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान करती हैं।
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