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कला एवं संस्कृति करेंट अफेयर्स: जीआई टैग, शास्त्रीय कलाएँ

कच्छ रोगन कला को मिला नया जीआई टैग
2026-06-04
पृष्ठभूमि: रोगन कला, कच्छ, गुजरात की एक अनूठी वस्त्र चित्रकला शिल्प है, जिसमें अरंडी के तेल आधारित पेंट का उपयोग किया जाता है। यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसका अभ्यास मुख्य रूप से खत्री परिवार द्वारा किया जाता है, जो अपनी जटिल बनावट और जीवंत रंगों के लिए जाना जाता है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री के सहयोग से 'कच्छ रोगन कला' के लिए एक नए जीआई टैग की घोषणा की है, ताकि इसकी प्रामाणिकता की रक्षा की जा सके और इसके कारीगरों को बढ़ावा दिया जा सके। यह कदम व्यापक दस्तावेजीकरण और सामुदायिक जुड़ाव प्रयासों के बाद उठाया गया है। प्रभाव: यह जीआई टैग नकल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, प्रामाणिक रोगन कला के बाजार मूल्य को बढ़ाएगा और कारीगर समुदाय को सशक्त करेगा। यह कच्छ में सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और इस जटिल कला रूप के अंतर-पीढ़ीगत हस्तांतरण को सुनिश्चित करेगा, जिससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की रक्षा होगी।
वाराणसी में राष्ट्रीय शास्त्रीय कला केंद्र का उद्घाटन
2026-06-04
पृष्ठभूमि: भारत में शास्त्रीय प्रदर्शन कलाओं की एक समृद्ध विरासत है, जिसके लिए अक्सर प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्रदर्शन हेतु समर्पित बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। वाराणसी, एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र, ऐतिहासिक रूप से ऐसी परंपराओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने वाराणसी में 'राष्ट्रीय शास्त्रीय कला केंद्र' का उद्घाटन किया है। इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्देश्य भारत के विविध शास्त्रीय नृत्य, संगीत और रंगमंच रूपों के संवर्धन, संरक्षण और अनुसंधान के लिए एक प्रमुख संस्थान बनना है। इसमें आधुनिक प्रदर्शन हॉल, व्यापक अभिलेखागार और विशेष प्रशिक्षण अकादमियां शामिल हैं। प्रभाव: यह केंद्र कलाकारों, विद्वानों और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा, पारंपरिक रूपों को सावधानीपूर्वक संरक्षित करते हुए नवाचार को बढ़ावा देगा। इससे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग आकर्षित होने, वाराणसी में सांस्कृतिक पर्यटन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने और भारतीय शास्त्रीय कलाओं की निरंतर जीवंतता और वैश्विक पहचान सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
आक्रामकता के शिकार हुए मासूम बच्चों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
2026-06-04
पृष्ठभूमि: आक्रामकता के शिकार हुए मासूम बच्चों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, प्रतिवर्ष 4 जून को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1982 में स्थापित किया था। यह दिन दुनिया भर में संघर्षों और हिंसा के कारण शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण के शिकार बच्चों की पीड़ा को स्वीकार करता है। यह बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। वर्तमान संदर्भ: 2026 में, संयुक्त राष्ट्र और मानवीय संगठन इस दिन को वैश्विक संघर्षों और संकटों में बच्चों की दुर्दशा को उजागर करके मनाएंगे। चर्चाएँ अंतरराष्ट्रीय कानूनों को मजबूत करने, संघर्ष क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार करने और बाल संरक्षण रणनीतियों पर केंद्रित हो सकती हैं। प्रभाव: यह observance बच्चों पर आक्रामकता के असमान प्रभाव के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाता है, सरकारों और अंतरराष्ट्रीय निकायों से कानूनी ढाँचे को मजबूत करने और मानवीय सहायता प्रदान करने का आग्रह करता है। यह भावी पीढ़ियों के लिए शांति और सुरक्षा के महत्व को पुष्ट करता है, बाल कल्याण कार्यक्रमों के लिए नीति-निर्माण और संसाधन आवंटन को प्रभावित करता है।
विश्व पर्यावरण दिवस
2026-06-04
पृष्ठभूमि: विश्व पर्यावरण दिवस, प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा 1973 में शुरू किया गया था। यह पर्यावरणीय जन जागरूकता के लिए सबसे बड़ा वैश्विक मंच है, जिसका उद्देश्य हमारे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए दुनिया भर में जागरूकता और कार्रवाई को प्रेरित करना है। प्रत्येक वर्ष, एक विशिष्ट विषय और मेजबान देश वैश्विक समारोहों का नेतृत्व करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 2026 के लिए, विश्व पर्यावरण दिवस संभवतः प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता हानि, या जलवायु कार्रवाई जैसी किसी महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौती पर केंद्रित होगा, जिसमें एक नामित मेजबान देश वैश्विक कार्यक्रमों का नेतृत्व करेगा। समारोहों में उच्च-स्तरीय नीतिगत चर्चाएँ, जन जागरूकता अभियान, सामुदायिक सफाई अभियान और दुनिया भर में शैक्षिक पहल शामिल होंगी। प्रभाव: यह दिन लाखों लोगों को पर्यावरण संरक्षण प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित करता है, जिससे स्थिरता की दिशा में व्यक्तिगत व्यवहार और सरकारी नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यह दबाव वाले पर्यावरणीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है, सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और सभी के लिए एक हरित, स्वस्थ भविष्य को बढ़ावा देने की दिशा में प्रगति करता है।
पीएम-किसान योजना किसानों को वित्तीय सहायता से सशक्त बनाना जारी रखे हुए है
2026-06-04
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना 24 फरवरी 2019 को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी भूमि-धारक किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करना है। योजना का उद्देश्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित विभिन्न आदानों की खरीद और अन्य खर्चों के साथ-साथ घरेलू जरूरतों के लिए उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। वर्तमान संदर्भ: हाल के अपडेट के अनुसार, सरकार पीएम-किसान योजना के तहत किस्तों का वितरण जारी रखे हुए है, जिससे पात्र किसानों तक समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित हो रही है। यह योजना किसानों को सालाना 6,000 रुपये प्रदान करती है, जिसका भुगतान 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किया जाता है। लाभार्थियों की पहचान भूमि-धारण मानदंडों के आधार पर की जाती है, और धन सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) मोड के माध्यम से उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है। प्रभाव: पीएम-किसान योजना ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा जाल प्रदान करके कृषि क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। यह वित्तीय संकट को कम करने में मदद करती है, खेती कार्यों में समय पर निवेश को सक्षम बनाती है, और कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आर्थिक स्थिरता में सुधार में योगदान करती है। प्रत्यक्ष हस्तांतरण तंत्र धन वितरण में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करता है।
RBI ने डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए विनियामक ढांचे को मजबूत किया
2026-06-04
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उधारकर्ताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल लेंडिंग की विनियामक निगरानी को लगातार मजबूत किया है। यह शिकारी ऋण और डेटा गोपनीयता संबंधी चिंताओं के बाद आया है। वर्तमान संदर्भ: RBI ने डिजिटल लेंडिंग ऐप्स (DLAs) के लिए सख्त अनुपालन अनिवार्य करते हुए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें बढ़ी हुई ग्राहक पहचान (KYC) मानदंड, वार्षिक प्रतिशत दर (APR) का पारदर्शी प्रकटीकरण और स्पष्ट शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं। ऋणदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऋण-संबंधी सभी डेटा केवल भारत में संग्रहीत हों। प्रभाव: इन उपायों का उद्देश्य अवैध ऋण ऐप्स पर अंकुश लगाना, डेटा के दुरुपयोग को रोकना और अधिक जिम्मेदार डिजिटल लेंडिंग पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है। उधारकर्ताओं को बढ़ी हुई पारदर्शिता और अनुचित शुल्कों और प्रथाओं के खिलाफ सुरक्षा से लाभ होगा, जिससे डिजिटल वित्तीय सेवाओं में अधिक विश्वास पैदा होगा।
RBI ने प्रमुख नीतिगत दरों पर यथास्थिति बनाए रखी
2026-06-04
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए प्रमुख ब्याज दरों की नियमित रूप से समीक्षा करती है। निर्णय मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतकों और मुद्रास्फीति लक्ष्यों पर आधारित होते हैं। वर्तमान संदर्भ: अपनी नवीनतम समीक्षा में, RBI की MPC ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। समिति ने विकास का समर्थन करते हुए मुद्रास्फीति को धीरे-धीरे लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए 'वापसी की व्यवस्था' (withdrawal of accommodation) पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए भी मतदान किया है। यह निर्णय वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रभाव: रेपो दर को अपरिवर्तित रखने से अल्पावधि में उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए उधार लेने की लागत स्थिर रहने की उम्मीद है। इस रुख का उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की आवश्यकता को सतत आर्थिक विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ संतुलित करना है, जिससे निवेश और उपभोग के लिए एक अनुमानित वातावरण प्रदान किया जा सके।
भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में मिली वैश्विक पहचान
2026-06-04
पृष्ठभूमि: भारतीय सिनेमा अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने के लिए वैश्विक कहानी कहने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, कई स्वतंत्र भारतीय फिल्मों ने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रशंसा प्राप्त की है, जो विविध कथाओं की ओर बदलाव को उजागर करती है। इन फिल्मों को उनकी अनूठी सांस्कृतिक प्रस्तुति और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए पहचाना जा रहा है। प्रभाव: यह वैश्विक पहचान भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ावा देती है, अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण को प्रोत्साहित करती है, और क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती है।
2026 के मध्य में रिलीज होने वाली प्रमुख बड़ी बजट की फिल्में
2026-06-04
पृष्ठभूमि: भारतीय फिल्म उद्योग एक मौसमी रिलीज पैटर्न का पालन करता है, जिसमें मध्य-वर्ष की रिलीज अक्सर छुट्टियों की अवधि को लक्षित करती है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 में कई उच्च-बजट वाली अखिल भारतीय परियोजनाओं के रिलीज होने की उम्मीद है। ये फिल्में उन्नत वीएफएक्स और क्षेत्रीय उद्योगों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों का उपयोग करती हैं, जो एकीकृत उत्पादन मॉडल के रुझान को दर्शाती हैं। प्रभाव: इन रिलीज से बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में काफी वृद्धि होने, मनोरंजन अर्थव्यवस्था को गति मिलने और भारतीय फिल्म बाजार में उत्पादन गुणवत्ता और विपणन रणनीतियों के लिए नए मानक स्थापित होने की उम्मीद है।
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