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भारतीय अर्थव्यवस्था: आरबीआई नीति और हरित प्रौद्योगिकी पीएलआई योजना

आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति घोषणा
2026-05-29
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति प्रबंधन, वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास हेतु द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा करता है। इन समीक्षाओं में प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लिए जाते हैं। वर्तमान संदर्भ: 29 मई, 2026 को अपनी नवीनतम समीक्षा में, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति को लक्ष्य सीमा में रखने की आवश्यकता का हवाला देते हुए रेपो दर को लगातार सातवीं बार 6.5% पर अपरिवर्तित रखा। एमपीसी ने 'समायोजन वापसी' के अपने रुख को भी दोहराया। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना और आर्थिक सुधार को समर्थन देना है। यह उधारकर्ताओं और निवेशकों को स्थिरता प्रदान करता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों को ऋण वृद्धि के लिए दर में कटौती की उम्मीद थी। यह कदम आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का साहेल संकट पर प्रस्ताव
2026-05-29
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है, जो अक्सर संघर्षों को संबोधित करने और मानवीय प्रयासों को अधिकृत करने के लिए प्रस्ताव पारित करती है। वर्तमान संदर्भ: 27 मई, 2026 को, UNSC ने साहेल क्षेत्र में शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करते हुए सर्वसम्मति से संकल्प [काल्पनिक संख्या] अपनाया। इसने सभी पक्षों से शांति वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया और बढ़ी हुई मानवीय सहायता पहुंच तथा एक निगरानी तंत्र को अधिकृत किया। प्रभाव: यह दुर्लभ सर्वसम्मति तनाव कम करने और हस्तक्षेप के लिए एक महत्वपूर्ण ढांचा प्रदान करती है। इसके अपनाने से युद्धरत गुटों को एक मजबूत संदेश मिलता है, जिससे स्थिरता का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। प्रभावशीलता स्थानीय अभिनेताओं के पालन और प्रवर्तन के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी।
G7 नेताओं का वैश्विक आर्थिक लचीलेपन पर शिखर सम्मेलन
2026-05-29
पृष्ठभूमि: G7 राष्ट्र वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर नीतियों के समन्वय के लिए नियमित रूप से मिलते हैं, जिसका उद्देश्य बढ़ती चुनौतियों के बीच स्थिरता और सतत विकास को बढ़ावा देना है। वर्तमान संदर्भ: G7 नेताओं ने 28 मई, 2026 को अपना वार्षिक शिखर सम्मेलन संपन्न किया, जिसमें वैश्विक आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। चर्चाओं में बढ़ती ऊर्जा कीमतों और खाद्य असुरक्षा, विशेष रूप से विकासशील देशों को प्रभावित करने वाले मुद्दों से निपटने के लिए समन्वित प्रयास शामिल थे। उन्होंने दुनिया भर में सतत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए समर्थन बढ़ाने का संकल्प लिया। प्रभाव: शिखर सम्मेलन के परिणामों से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नीतियों और विकास सहायता पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। बढ़ा हुआ सहयोग वैश्विक बाजारों को स्थिर कर सकता है और सतत विकास को बढ़ावा दे सकता है, जिसमें विकासशील देशों को प्रतिज्ञाबद्ध निवेश से लाभ की उम्मीद है।
संसद ने 'डिजिटल इंडिया एक्सेस बिल 2026' को मंजूरी दी
2026-05-29
पृष्ठभूमि: भारत में तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण ने सभी नागरिकों, विशेषकर दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में, डिजिटल सेवाओं तक समान पहुंच और मजबूत डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचे की आवश्यकता को उजागर किया है। वर्तमान संदर्भ: 29 मई, 2026 को भारतीय संसद ने 'डिजिटल इंडिया एक्सेस बिल 2026' पारित किया। इस कानून का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को सार्वभौमिक रूप से सुलभ बनाना, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और डेटा गोपनीयता व साइबर सुरक्षा के लिए एक मजबूत नियामक निकाय स्थापित करना है, जो डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है। प्रभाव: यह विधेयक यह सुनिश्चित करके भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार है कि प्रत्येक नागरिक डिजिटल प्रगति से लाभान्वित हो सके। यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में विश्वास बढ़ाएगा, व्यक्तिगत डेटा अधिकारों की रक्षा करेगा और एक समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और शासन मजबूत होगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों को अपशिष्ट प्रबंधन अनुपालन पर निर्देश दिए
2026-05-29
पृष्ठभूमि: भारत बढ़ती अपशिष्ट उत्पादन से जूझ रहा है, जिससे पर्यावरणीय गिरावट और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ बढ़ रही हैं। मौजूदा अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को अक्सर राज्य और स्थानीय स्तरों पर कार्यान्वयन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान संदर्भ: 28 मई, 2026 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने समयबद्ध कार्यान्वयन योजनाओं और प्रगति पर नियमित रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभाव: इस ऐतिहासिक फैसले से देश भर में अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। यह राज्यों को पर्याप्त संसाधन आवंटित करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे अंततः स्वच्छ शहर, स्वस्थ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त होंगे।
सरकार ने 'ग्रामीण समृद्धि योजना' का दूसरा चरण शुरू किया
2026-05-29
पृष्ठभूमि: 'ग्रामीण समृद्धि योजना' ग्रामीण क्षेत्रों को बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से ऊपर उठाने के लिए शुरू की गई थी। इसके पहले चरण ने कई जिलों में बुनियादी सुविधाओं में सफलतापूर्वक सुधार किया था। वर्तमान संदर्भ: 27 मई, 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने योजना के दूसरे चरण का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। यह चरण उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचे को एकीकृत करने, स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ाने पर केंद्रित है, जिसका लक्ष्य समग्र विकास है। प्रभाव: इस विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने, शहरी प्रवासन कम होने और डिजिटल विभाजन को पाटने की उम्मीद है। यह नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और स्थानीय समुदायों को सशक्त करेगा, जिससे भारत के समग्र समावेशी विकास एजेंडे में योगदान मिलेगा।
कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 का समापन, 'द साइलेंट इको' को मिला पाल्मे डी'ओर
2026-05-26
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा का शिखर, 79वां कान फिल्म फेस्टिवल, 14 से 25 मई, 2026 तक चला, जिसमें दुनिया भर से विविध फिल्में प्रदर्शित की गईं। वर्तमान संदर्भ: समापन रात, 25 मई, 2026 को, फेस्टिवल का सर्वोच्च सम्मान, प्रतिष्ठित पाल्मे डी'ओर, उभरती हुई प्रतिभा अन्या शर्मा द्वारा निर्देशित एक मार्मिक ड्रामा 'द साइलेंट इको' को प्रदान किया गया। फिल्म को इसकी गहन भावनात्मक गहराई और नवीन कहानी कहने के लिए सराहा गया। प्रभाव: 'द साइलेंट इको' के लिए यह जीत इसके अंतर्राष्ट्रीय वितरण और आलोचनात्मक पहचान को बढ़ावा देगी, जिससे अन्या शर्मा के निर्देशन को वैश्विक ध्यान मिलेगा। यह विश्व सिनेमा में अभूतपूर्व कार्यों को बढ़ावा देने में फेस्टिवल की भूमिका को उजागर करता है।
नई भारतीय ओरिजिनल सीरीज़ 'शैडो प्ले' को मिली समीक्षकों की सराहना
2026-05-26
पृष्ठभूमि: 'शैडो प्ले', एक बहुप्रतीक्षित भारतीय ओरिजिनल मनोवैज्ञानिक थ्रिलर सीरीज़, को एक प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म द्वारा विकसित किया गया था, जिसमें एक शानदार कलाकारों की टुकड़ी और प्रसिद्ध शो-रनर शामिल थे। वर्तमान संदर्भ: 24 मई, 2026 को लॉन्च हुई इस सीरीज़ को अपनी रोमांचक कहानी, सूक्ष्म प्रदर्शन और उच्च उत्पादन मूल्यों के लिए तुरंत व्यापक आलोचनात्मक प्रशंसा मिली। दर्शक इसके अप्रत्याशित ट्विस्ट और गहन चरित्र विकास की सराहना कर रहे हैं। प्रभाव: यह सफलता वैश्विक स्ट्रीमिंग बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करती है। यह विविध, उच्च-गुणवत्ता वाले क्षेत्रीय प्रस्तुतियों में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करता है, भारतीय प्रतिभाओं के लिए नए अवसर प्रदान करता है और वैश्विक दर्शकों का विस्तार करता है।
ब्लॉकबस्टर 'कॉस्मिक ओडिसी' ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर किया राज
2026-05-26
पृष्ठभूमि: बहुप्रतीक्षित विज्ञान-फाई फिल्म 'कॉस्मिक ओडिसी' दो सप्ताह पहले वैश्विक स्तर पर रिलीज़ हुई थी। इसे बड़े मार्केटिंग और स्टूडियो निवेश का समर्थन मिला, जिसमें अभूतपूर्व दृश्य प्रभावों का वादा किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 26 मई, 2026 तक, फिल्म ने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर $750 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसे सबसे तेज़ फिल्मों में से एक बनाता है। समीक्षकों और दर्शकों ने इसकी immersive कहानी और शानदार सिनेमैटोग्राफी की सराहना की। प्रभाव: यह सफलता बड़े पैमाने के सिनेमाई अनुभवों की अपील को दर्शाती है। इससे भविष्य की स्टूडियो रणनीतियों पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में अधिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक नाट्य बाजार पुनर्जीवित होगा।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मजबूत वित्तीय स्थिति प्रदर्शित की
2026-05-26
पृष्ठभूमि: भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने पिछले कुछ वर्षों में विलय और पुनर्पूंजीकरण सहित महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार किए हैं। वर्तमान संदर्भ: मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए हालिया वित्तीय रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने रिकॉर्ड-उच्च लाभप्रदता और सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (GNPA) में पर्याप्त कमी हासिल की है। बेहतर ऋण वृद्धि और जोखिम प्रबंधन ढांचे ने इस स्थिरता में योगदान दिया है। प्रभाव: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट उनकी ऋण देने की क्षमता को बढ़ाएगी, एमएसएमई क्षेत्र की ऋण आवश्यकताओं का समर्थन करेगी और देश में समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
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