Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

कला एवं संस्कृति करेंट अफेयर्स: वडनगर खोज, कच्छी रोगन GI टैग

कच्छी रोगन कला को मिला भौगोलिक संकेत (GI) टैग
2026-05-01
पृष्ठभूमि: भौगोलिक संकेत (GI) टैग विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों से उत्पन्न होने वाले अद्वितीय उत्पादों की रक्षा करते हैं, गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करते हैं। भारत इस तंत्र के माध्यम से अपने पारंपरिक शिल्पों और कृषि उत्पादों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है। वर्तमान संदर्भ: गुजरात की 'कच्छी रोगन कला' को आधिकारिक तौर पर भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त हुआ है। यह जटिल कला रूप, जिसे पारंपरिक रूप से कुछ ही परिवार अभ्यास करते हैं, अरंडी के तेल और प्राकृतिक रंगों से बने गाढ़े पेस्ट का उपयोग करके कपड़े पर चित्रकारी करना शामिल है। यह टैग इसकी अद्वितीय विरासत और इसके निर्माण में शामिल विशिष्ट कौशल को मान्यता देता है। प्रभाव: जीआई टैग नकल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, कारीगरों की आर्थिक संभावनाओं को बढ़ावा देगा और इस दुर्लभ शिल्प को संरक्षित करेगा। यह कच्छी रोगन कला की वैश्विक पहचान को बढ़ाएगा, पर्यटन और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को प्रोत्साहित करेगा, और इस पारंपरिक ज्ञान को भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करेगा।
गुजरात के वडनगर में प्राचीन बस्ती स्थल की महत्वपूर्ण खोज
2026-05-01
पृष्ठभूमि: भारत एक समृद्ध पुरातात्विक विरासत का धनी है, जहाँ लगातार नई खोजें प्राचीन सभ्यताओं पर प्रकाश डालती हैं। सर्वेक्षण तकनीकों में हालिया प्रगति अक्सर अज्ञात स्थलों या कलाकृतियों को उजागर करती है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने गुजरात के वडनगर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्राचीन बस्ती स्थल की खोज की घोषणा की है, जो प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से संबंधित है। प्रारंभिक निष्कर्षों में मिट्टी के बर्तन के टुकड़े, संरचनात्मक अवशेष और प्राचीन उपकरण शामिल हैं, जो एक संपन्न शहरी केंद्र का संकेत देते हैं। यह खोज एक चल रही उत्खनन परियोजना का हिस्सा है। प्रभाव: यह खोज प्रारंभिक ऐतिहासिक युग के दौरान पश्चिमी भारत में व्यापार मार्गों और शहरी विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह उस अवधि की सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक संरचनाओं में नई अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय इतिहास के कुछ हिस्सों को फिर से लिखा जा सकता है और आगे अनुसंधान व पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
तीरंदाजी विश्व कप 2026 चरण 2 में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन
2026-05-01
पृष्ठभूमि: पिछले एक दशक में केंद्रित प्रशिक्षण और सरकारी सहायता के कारण अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारतीय तीरंदाजी में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्तमान संदर्भ: तीरंदाजी विश्व कप 2026 चरण 2 में, भारतीय दल ने कंपाउंड और रिकर्व श्रेणियों में तीन स्वर्ण और दो रजत पदक सुरक्षित किए। ज्योति सुरेखा वेन्नम और धीरज बोम्मादेवर ने अपने-अपने फाइनल में शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ पदक तालिका का नेतृत्व किया। प्रभाव: इन जीतों ने भारत को विश्व तीरंदाजी रैंकिंग में शीर्ष तीन में पहुंचा दिया है। यह सफलता 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) का प्रत्यक्ष परिणाम है, जो आगामी एशियाई खेलों और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए भारत की संभावनाओं को और मजबूत करती है।
भारत 2026 थॉमस कप के सेमीफाइनल में पहुंचा
2026-05-01
पृष्ठभूमि: 2022 में भारत की ऐतिहासिक थॉमस कप जीत ने भारतीय बैडमिंटन में एक बड़ा बदलाव किया था, जिससे देश एक प्रमुख दावेदार के रूप में स्थापित हुआ। वर्तमान संदर्भ: मई की शुरुआत में आयोजित 2026 थॉमस और उबेर कप फाइनल में, भारतीय पुरुष टीम ने असाधारण लचीलापन दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क जैसी पारंपरिक शक्तियों को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की विश्व स्तरीय जोड़ी का प्रदर्शन इस सफलता में महत्वपूर्ण रहा। प्रभाव: उच्चतम स्तर पर यह निरंतर प्रदर्शन सुनिश्चित करता है कि भारत वैश्विक बैडमिंटन में एक शीर्ष दावेदार बना रहे, जिससे एथलीटों की नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और खेल में महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट प्रायोजन आकर्षित होगा।
IPL 2026: रिकॉर्ड व्यूअरशिप और घरेलू प्रतिभाओं का उदय
2026-05-01
पृष्ठभूमि: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से एक वैश्विक खेल घटना बन गई है, जिसने खेल अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। वर्तमान संदर्भ: 1 मई, 2026 तक, IPL के 19वें संस्करण में अभूतपूर्व व्यूअरशिप देखी गई है, जिसमें डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने पिछले सीजन की तुलना में समवर्ती दर्शकों में 30% की वृद्धि दर्ज की है। कई युवा अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों ने ऑरेंज और पर्पल कैप स्टैंडिंग में दबदबा बनाया है, जो एक मजबूत घरेलू प्रतिभा पाइपलाइन का संकेत देता है। प्रभाव: यह उछाल प्रति मैच दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान खेल लीग के रूप में IPL की स्थिति को पुख्ता करता है, जिससे BCCI के राजस्व और व्यापक भारतीय खेल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
एकल-उपयोग प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने की पहल
2026-05-01
पृष्ठभूमि: भारत प्लास्टिक प्रदूषण, विशेष रूप से एकल-उपयोग प्लास्टिक (SUPs) के उपयोग को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जो पर्यावरण और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करते हैं। वर्तमान संदर्भ: सरकार ने कुछ SUP वस्तुओं पर प्रतिबंध लागू किए हैं और विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में नागरिकों को शिक्षित करने और जिम्मेदार निपटान और रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रभाव: इन उपायों से लैंडफिल और जल निकायों में प्रवेश करने वाले प्लास्टिक कचरे की मात्रा में काफी कमी आने की उम्मीद है, जिससे वन्यजीवों की रक्षा होगी, मिट्टी और पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा, और एक स्वच्छ पर्यावरण में योगदान मिलेगा।
राष्ट्रीय वन्यजीव कार्य योजना प्रजातियों की रिकवरी पर केंद्रित
2026-05-01
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय वन्यजीव कार्य योजना (NWAP) भारत की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए एक व्यापक रणनीति है। यह आवास संरक्षण, प्रजाति प्रबंधन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों की रूपरेखा तैयार करती है। वर्तमान संदर्भ: NWAP के नवीनतम संस्करण में बाघों, हाथियों और गैंडों सहित गंभीर रूप से लुप्तप्राय जानवरों के लिए प्रजाति रिकवरी कार्यक्रमों पर जोर दिया गया है। यह संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन को मजबूत करने और संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों को शामिल करने पर भी केंद्रित है। प्रभाव: इस नवीनीकृत फोकस का उद्देश्य संकटग्रस्त प्रजातियों की आबादी की स्थिति में काफी सुधार करना, उनके आवासों का संरक्षण करना और भारत के प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र के दीर्घकालिक पारिस्थितिक संतुलन को सुनिश्चित करना है।
2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लिए भारत का जोर
2026-05-01
पृष्ठभूमि: भारत ने COP26 शिखर सम्मेलन में 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने का संकल्प लिया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए देश के ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक प्रथाओं में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: सरकार सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है, साथ ही भविष्य के ईंधन के रूप में हरित हाइड्रोजन की खोज भी कर रही है। उद्योगों को स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाने और ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नीतियां तैयार की जा रही हैं। प्रभाव: यह परिवर्तन जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह हरित क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन के अवसर भी प्रस्तुत करता है।
रुस्तम-2 MALE ड्रोन ने भरी पहली परीक्षण उड़ान
2026-05-01
पृष्ठभूमि: भारत विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) इस पहल में सबसे आगे रहा है। वर्तमान संदर्भ: रुस्तम-2, एक स्वदेशी मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) मानव रहित हवाई वाहन (UAV), ने हाल ही में अपनी पहली परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। यह ड्रोन निगरानी, टोही और लक्ष्य अधिग्रहण मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें सशस्त्र भूमिकाओं की भी क्षमता है। इसका पंख लगभग 9.5 मीटर है और यह 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है, जिसकी सहनशक्ति 24 घंटे से अधिक है। प्रभाव: रुस्तम-2 की सफल परीक्षण उड़ान भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो इसकी हवाई निगरानी क्षमताओं को बढ़ाती है और उन्नत ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता के करीब लाती है। यह वास्तविक समय की खुफिया जानकारी प्रदान करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की उम्मीद है।
अप्रैल 2026 में भारत का विनिर्माण PMI बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंचा
2026-05-01
पृष्ठभूमि: परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) एक महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक है, जो विनिर्माण क्षेत्र के स्वास्थ्य में समय पर अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। 50 से ऊपर की रीडिंग विस्तार को इंगित करती है, जबकि 50 से नीचे संकुचन का सुझाव देती है। यह व्यावसायिक स्थितियों और नए ऑर्डरों को दर्शाता है। वर्तमान संदर्भ: 1 मई, 2026 को जारी अप्रैल 2026 के लिए भारत का विनिर्माण PMI बढ़कर 58.9 हो गया, जो पांच वर्षों से अधिक समय में इसका उच्चतम स्तर है। यह मजबूत वृद्धि मुख्य रूप से नए ऑर्डरों में वृद्धि, उत्पादन मात्रा में वृद्धि और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला दक्षता से प्रेरित थी, जो विभिन्न उप-क्षेत्रों में व्यापक सुधार को दर्शाती है। प्रभाव: मजबूत PMI डेटा एक स्वस्थ और विस्तारशील विनिर्माण क्षेत्र को इंगित करता है, जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह निवेशक विश्वास को बढ़ाता है, जिससे अधिक विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षित हो सकता है। यह सकारात्मक गति सरकार के लिए उच्च कर राजस्व और बेहतर कॉर्पोरेट आय का कारण भी बन सकती है, जिससे समग्र आर्थिक लचीलापन मजबूत होगा।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests