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भारत के राष्ट्रीय मामले: डिजिटल स्वास्थ्य, शहरी हरित नीति, SC फैसला

राष्ट्रीय शहरी हरित अवसंरचना नीति 2026 का अनावरण
2026-05-18
पृष्ठभूमि: भारत में तेजी से शहरीकरण के कारण हरित स्थानों में कमी आई है और शहरी बाढ़ तथा लू जैसी जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी है। सतत शहरी नियोजन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। वर्तमान संदर्भ: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक व्यापक "राष्ट्रीय शहरी हरित अवसंरचना नीति 2026" का अनावरण किया है। यह नीति सभी टियर-1 और टियर-2 शहरों में शहरी वनों, आर्द्रभूमि और पार्कों के निर्माण व संरक्षण को अनिवार्य करती है, साथ ही हरित भवन संहिता और जल संचयन प्रणालियों को बढ़ावा देती है। प्रभाव: इस नीति का उद्देश्य शहरी जैव विविधता को बढ़ाना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना, शहरी ताप द्वीप प्रभावों को कम करना और अत्यधिक मौसम की घटनाओं के खिलाफ शहरों के लचीलेपन को मजबूत करना है। यह नागरिकों के लिए स्वस्थ रहने वाले वातावरण को बढ़ावा देगा और देश भर में सतत शहरी विकास प्रथाओं को प्रोत्साहित करेगा।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) का राष्ट्रव्यापी विस्तार
2026-05-18
पृष्ठभूमि: भारत ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन - ABDM) शुरू किया था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को अद्वितीय स्वास्थ्य आईडी प्रदान करना, स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को जोड़ना है। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ABDM ढांचे में सभी प्रमुख सार्वजनिक और बड़ी संख्या में निजी स्वास्थ्य सुविधाओं के सफल एकीकरण की घोषणा की है। यह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डिजिटल स्वास्थ्य अपनाने में एक नया मील का पत्थर है। AI-संचालित नैदानिक ​​सहायता जैसी नई सुविधाओं का परीक्षण किया जा रहा है। प्रभाव: यह विस्तार स्वास्थ्य सेवा पहुंच, दक्षता और डेटा-संचालित नीति-निर्माण में उल्लेखनीय सुधार करता है। यह नागरिकों को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर नियंत्रण देता है, चिकित्सा त्रुटियों को कम करता है, और दूरदराज के क्षेत्रों में भी निर्बाध स्वास्थ्य सेवा वितरण को सुगम बनाता है, जिससे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज लक्ष्यों में योगदान मिलता है।
कान्स 2024: प्रमुख पुरस्कार विजेता और भारतीय उपस्थिति
2026-05-17
पृष्ठभूमि: कान्स फिल्म फेस्टिवल वैश्विक फिल्म कैलेंडर में एक प्रमुख आयोजन है, जो दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं और उद्योग पेशेवरों को आकर्षित करता है। इसमें विभिन्न प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी खंड शामिल हैं। वर्तमान संदर्भ: पाल्मे डी'ओर के अलावा, 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अन्य महत्वपूर्ण पुरस्कार भी देखे गए। जैक्स ऑडियार्ड की 'एमिलिया पेरेज़' ने जूरी पुरस्कार जीता, और इसकी मुख्य अभिनेत्रियों ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार साझा किया। इस महोत्सव में एक मजबूत भारतीय उपस्थिति भी देखी गई, जिसमें पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट' जैसी फिल्मों ने मुख्य प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा की और ग्रैंड प्रिक्स जीता, और अन्य भारतीय प्रस्तुतियों और प्रतिनिधियों ने मार्चे डू फिल्म में भाग लिया। प्रभाव: कान्स में 'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट' जैसी फिल्मों की पहचान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की दृश्यता और विश्वसनीयता को बढ़ाती है। महोत्सव के विविध पुरस्कार सिनेमाई उत्कृष्टता के व्यापक स्पेक्ट्रम को दर्शाते हैं, जो विभिन्न कहानी कहने को प्रोत्साहित करते हैं।
77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में सीन बेकर की 'एनोरा' ने जीता पाल्मे डी'ओर
2026-05-17
पृष्ठभूमि: कान्स फिल्म फेस्टिवल विश्व स्तर पर सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में से एक है, जो सर्वश्रेष्ठ फिल्म को पाल्मे डी'ओर से सम्मानित करता है। 77वां संस्करण 14-25 मई, 2024 तक आयोजित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: अमेरिकी निर्देशक सीन बेकर की फिल्म 'एनोरा', जो लास वेगास में एक सेक्स वर्कर के बारे में एक मार्मिक ड्रामा है, जो एक रूसी ओलीगार्क के बेटे से प्यार करती है, ने 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रतिष्ठित पाल्मे डी'ओर जीता है। यह बेकर और स्वतंत्र सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रभाव: 'एनोरा' की जीत स्वतंत्र फिल्म निर्माण और सम्मोहक, वास्तविक कहानियों को बताने की इसकी क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करती है। यह कान्स में मनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के आख्यानों को भी उजागर करता है, जो वैश्विक सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करता है।
बैंकिंग सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन के लिए आरबीआई का जोर
2026-05-17
पृष्ठभूमि: डिजिटलीकरण आधुनिक बैंकिंग का एक आधार बन गया है, जो ग्राहकों को सुविधा और दक्षता प्रदान करता है। आरबीआई बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने और वित्तीय समावेशन का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों को अपनाने का समर्थक रहा है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा में तेजी लाने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है। इसमें बढ़ी हुई सुरक्षा, परिचालन दक्षता और व्यक्तिगत ग्राहक अनुभवों के लिए एआई, ब्लॉकचेन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा देना शामिल है। केंद्रीय बैंक इन प्रगति का समर्थन करने के लिए एक मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा विकसित करने पर भी काम कर रहा है। प्रभाव: इस डिजिटल जोर से सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और तेज बनाकर बैंकिंग क्षेत्र में क्रांति लाने की उम्मीद है। यह ग्राहकों को उनके वित्त पर अधिक नियंत्रण के साथ सशक्त करेगा और उद्योग के भीतर नवाचार को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, यह औपचारिक वित्तीय प्रणाली में बिना बैंक वाले और कम बैंक वाले आबादी को लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आरबीआई ने ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया
2026-05-17
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार वित्तीय क्षेत्र में ग्राहकों के हितों की रक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। इसमें शिकायतों के समाधान के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करना शामिल है। बैंकिंग लोकपाल योजना इस प्रयास का एक प्रमुख घटक रही है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई ने हाल ही में मौजूदा ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रस्तावों की घोषणा की है। इन प्रस्तावित परिवर्तनों का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक कुशल, पारदर्शी और ग्राहक-अनुकूल बनाना है, जिसमें संभावित रूप से विस्तारित दायरा और तेज समाधान समय-सीमा शामिल हो सकती है। बैंकों और एनबीएफसी के खिलाफ शिकायतों के समय पर और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित है। प्रभाव: इन सुधारों से बैंकिंग प्रणाली में ग्राहकों का विश्वास बढ़ने की उम्मीद है, जिससे विश्वास और संतुष्टि में वृद्धि होगी। यह वित्तीय संस्थानों को अधिक ग्राहक-केंद्रित प्रथाओं को अपनाने और अपने सेवा वितरण मानकों में सुधार करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा, जो अंततः एक स्वस्थ वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देगा।
नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता पहल की शुरुआत
2026-05-17
पृष्ठभूमि: स्किल इंडिया मिशन के तहत, सरकार ने लगातार लैंगिक डिजिटल अंतर को पाटने पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: 16 मई 2026 को, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता' पहल शुरू की। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं में प्रशिक्षण प्रदान करता है। प्रभाव: महिलाओं को डिजिटल कौशल से लैस करके, यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय स्वतंत्रता और उद्यमिता को बढ़ावा देना चाहती है। इससे लाखों महिलाओं के औपचारिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल होने और कार्यबल में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का विस्तार
2026-05-17
पृष्ठभूमि: 2024 की शुरुआत में शुरू की गई, पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के माध्यम से 1 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने आवासीय उपयोगकर्ताओं के लिए उच्च-क्षमता वाली बैटरी स्टोरेज सिस्टम को शामिल करने के लिए सब्सिडी ढांचे का विस्तार किया है। प्रभाव: यह अपडेट रात के समय ग्रिड पर निर्भरता को काफी कम करता है, जिससे लाभार्थियों के लिए 24/7 बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होती है। यह भारत के सतत ऊर्जा संक्रमण को गति देता है।
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 विश्व स्तर पर मनाया गया
2026-05-17
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस प्रतिवर्ष 18 मई को मनाया जाता है, जिसे 1977 में ICOM द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ में संग्रहालयों की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थापित किया गया था। 2026 के लिए, भारत सहित दुनिया भर के संग्रहालयों से "शिक्षा और अनुसंधान के लिए संग्रहालय" जैसे विषय पर विशेष प्रदर्शनियों और डिजिटल कार्यक्रमों का आयोजन करने की उम्मीद है। यह दिन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शिक्षा को बढ़ावा देने और संवाद को प्रोत्साहित करने में संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है। यह इतिहास, कला और विज्ञान के साथ सार्वजनिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करता है, सांस्कृतिक पर्यटन में योगदान देता है और डिजिटल युग में भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस 2026 मनाया गया
2026-05-17
विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस (WTISD) प्रतिवर्ष 17 मई को मनाया जाता है, जो 1865 में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर और ITU की स्थापना की याद दिलाता है। 2026 के लिए, ध्यान "सतत विकास के लिए डिजिटल नवाचार" पर केंद्रित होने की उम्मीद है, जिसमें बताया जाएगा कि AI और 5G जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियां संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को कैसे तेज कर सकती हैं। यह अवलोकन समावेशी डिजिटल समाजों को बढ़ावा देने में दूरसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है, डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और वैश्विक समुदाय सशक्तिकरण तथा आर्थिक विकास के लिए अभिनव समाधानों को प्रोत्साहित करता है।
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