LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

अंतर्राष्ट्रीय मामले: चाबहार बंदरगाह समझौता और विश्व स्वास्थ्य सभा

भारत और ईरान ने चाबहार बंदरगाह के लिए दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए
2026-05-19
पृष्ठभूमि: ईरान का चाबहार बंदरगाह भारत के लिए पाकिस्तान को दरकिनार कर मध्य एशियाई बाजारों तक पहुँचने के लिए एक रणनीतिक परियोजना रही है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, भारत और ईरान ने चाबहार में शहीद बेहेश्ती टर्मिनल के विकास और संचालन के लिए 10 साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रारंभिक अल्पकालिक समझौतों की जगह लेगा। प्रभाव: यह सौदा अफगानिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के साथ भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करता है। यह क्षेत्रीय भू-राजनीतिक बदलावों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संतुलन के रूप में कार्य करता है।
उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नई 'फ्यूचर स्किल्स इंडिया 2.0' नीति शुरू
2026-05-19
पृष्ठभूमि: भारत में एक विशाल युवा आबादी है, जिससे रोजगार के लिए कौशल विकास महत्वपूर्ण हो जाता है, खासकर एआई, रोबोटिक्स और डेटा साइंस जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने एक व्यापक "फ्यूचर स्किल्स इंडिया 2.0" नीति शुरू की है। यह पहल सार्वजनिक-निजी भागीदारी, उद्योग-संरेखित पाठ्यक्रम विकास और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में युवाओं के लिए रियायती प्रशिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस नीति का उद्देश्य मौजूदा कौशल अंतर को पाटना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों में कुशल प्रतिभा के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जिससे आर्थिक विकास और नवाचार में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने परियोजनाओं के लिए सख्त पर्यावरणीय मंजूरी अनिवार्य की
2026-05-19
पृष्ठभूमि: बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी अक्सर एक विवादास्पद मुद्दा रहा है, जिसमें आर्थिक विकास और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाना होता है। वर्तमान संदर्भ: सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें सभी प्रमुख परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) और सार्वजनिक परामर्श प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन अनिवार्य किया गया है। यह फैसला "प्रदूषक भुगतान सिद्धांत" पर जोर देता है और वास्तव में हरित परियोजनाओं के लिए एक फास्ट-ट्रैक तंत्र स्थापित करता है। प्रभाव: यह निर्णय अधिक टिकाऊ विकास प्रथाओं, परियोजना डेवलपर्स के लिए बढ़ी हुई जवाबदेही और भारत के प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर संरक्षण को बढ़ावा देगा, हालांकि यह शुरू में कुछ औद्योगिक परियोजनाओं को धीमा कर सकता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) का टियर-2/3 शहरों में विस्तार
2026-05-19
पृष्ठभूमि: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) को स्वास्थ्य सेवा के लिए एक सहज ऑनलाइन मंच बनाने, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और सार्वभौमिक स्वास्थ्य आईडी को सक्षम करने के लिए शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एबीडीएम के महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य 2026 के अंत तक टियर-2 और टियर-3 शहरों में सभी सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को एकीकृत करना है। यह चरण स्वास्थ्य आईडी को सार्वभौमिक बनाने और रोगी रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने पर केंद्रित है। प्रभाव: यह विस्तार स्वास्थ्य सेवा पहुंच को बढ़ाएगा, डेटा-संचालित नीति-निर्माण में सुधार करेगा और बीमा दावों को सुव्यवस्थित करेगा, जिससे एक अधिक कुशल और पारदर्शी स्वास्थ्य प्रणाली बनाकर लाखों लोगों को लाभ होगा।
वैश्विक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नई भारतीय मूल श्रृंखला 'इकोज़ ऑफ टाइम' का प्रीमियर
2026-05-18
पृष्ठभूमि: भारतीय ओटीटी बाजार में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिसमें प्लेटफॉर्म विविध दर्शकों को पूरा करने के लिए मूल सामग्री में भारी निवेश कर रहे हैं। इस उछाल ने भारतीय कहानीकारों और प्रोडक्शन हाउसों के लिए वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने के नए अवसर पैदा किए हैं। वर्तमान संदर्भ: 'इकोज़ ऑफ टाइम,' एक बहुप्रतीक्षित भारतीय मूल श्रृंखला, 17 मई, 2026 को एक प्रमुख वैश्विक ओटीटी प्लेटफॉर्म 'स्ट्रीमवर्स' पर प्रीमियर हुई है। इस ऐतिहासिक नाटक ने, जिसमें एक शानदार कलाकारों की टुकड़ी है, अपनी उत्पादन गुणवत्ता और सम्मोहक कथा के लिए काफी चर्चा बटोरी है। प्रभाव: वैश्विक प्लेटफार्मों पर ऐसे उच्च-स्तरीय भारतीय मूलों का सफल लॉन्च भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ाता है, इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है, और भारतीय प्रतिभा और कहानी कहने की अंतर्राष्ट्रीय अपील को बढ़ावा देता है, जिससे स्थानीय सामग्री निर्माण में और निवेश होता है।
67वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) की तारीखों की घोषणा
2026-05-18
पृष्ठभूमि: 1952 में स्थापित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI), गोवा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले एशिया के सबसे महत्वपूर्ण फिल्म समारोहों में से एक है। इसका उद्देश्य विश्व सिनेमा के लिए एक साझा मंच प्रदान करना, फिल्म संस्कृतियों की समझ और सराहना को बढ़ावा देना है। वर्तमान संदर्भ: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 67वें IFFI के लिए आधिकारिक तौर पर तारीखों की घोषणा की है, जो 20 से 28 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। घोषणा में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के लिए जमा करने की अंतिम तिथियों का विवरण शामिल है। प्रभाव: इस प्रारंभिक घोषणा से फिल्म निर्माताओं और उद्योग पेशेवरों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे फिल्मों का विविध और उच्च गुणवत्ता वाला चयन सुनिश्चित होगा। यह वैश्विक सिनेमाई आदान-प्रदान और सांस्कृतिक कूटनीति के केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभा और दर्शक आकर्षित होते हैं।
भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) पायलट परियोजना का विस्तार टियर-2 शहरों में हुआ
2026-05-18
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (ई-रुपया) के खुदरा और थोक दोनों के लिए पायलट कार्यक्रम शुरू किए थे, ताकि इसके संभावित लाभों, परिचालन चुनौतियों और तकनीकी व्यवहार्यता का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक चरण चुनिंदा शहरों और उपयोगकर्ता समूहों पर केंद्रित थे। वर्तमान संदर्भ: सफल प्रारंभिक पायलटों के बाद, आरबीआई ने मई 2026 में देश भर के कई टियर-2 शहरों में खुदरा सीबीडीसी (ई-रुपया) पायलट परियोजना के विस्तार की घोषणा की। इस विस्तार का उद्देश्य उपयोगकर्ता अपनाने को बढ़ाना, विविध जनसांख्यिकीय सेटिंग्स में मापनीयता का परीक्षण करना और व्यापक प्रतिक्रिया एकत्र करना है। प्रभाव: यह कदम दैनिक लेनदेन में डिजिटल मुद्रा के आगे एकीकरण को दर्शाता है, लेनदेन लागत को कम करने की क्षमता प्रदान करता है, वित्तीय समावेशन को बढ़ाता है, और पूर्ण पैमाने पर राष्ट्रीय रोलआउट के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करता है, जिससे भारत डिजिटल मुद्रा नवाचार में सबसे आगे खड़ा होता है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के कारण Q4 FY26 में मजबूत आय दर्ज की
2026-05-18
पृष्ठभूमि: कई वर्षों से, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) अपनी बैलेंस शीट को साफ करने, गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) वसूली पर ध्यान केंद्रित करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रहे हैं। इन उपायों का उद्देश्य उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना था। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, कई प्रमुख पीएसबी ने Q4 FY26 के मजबूत परिणाम घोषित किए, जिसमें एनपीए में उल्लेखनीय कमी और विशेष रूप से खुदरा और एमएसएमई क्षेत्रों में स्वस्थ ऋण वृद्धि दिखाई गई। यह प्रदर्शन उनकी रणनीतिक पहलों की सफलता को दर्शाता है। प्रभाव: यह सकारात्मक प्रवृत्ति निवेशकों का विश्वास बढ़ाती है, पीएसबी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करती है, जिससे आर्थिक विकास के लिए उच्च ऋण उपलब्धता हो सकती है, और भारत के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता को मजबूत करती है।
आरबीआई ने डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म के लिए सख्त मानदंड पेश किए
2026-05-18
पृष्ठभूमि: भारत में डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्मों के तेजी से विकास ने शिकारी प्रथाओं, डेटा गोपनीयता और आक्रामक वसूली विधियों के संबंध में चिंताएं बढ़ाई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए इस विकसित होते क्षेत्र की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, आरबीआई ने एक व्यापक नियामक ढांचा पेश किया, जिसमें सभी डिजिटल ऋण ऐप्स के लिए सख्त केवाईसी, पारदर्शी ब्याज दर प्रकटीकरण और एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र अनिवार्य किया गया, जिसमें विनियमित संस्थाओं द्वारा सुगम किए गए ऐप भी शामिल हैं। प्रभाव: इस कदम से उपभोक्ता संरक्षण बढ़ेगा, फिनटेक उधारदाताओं के लिए जवाबदेही बढ़ेगी, डिजिटल ऋण बाजार में संभावित समेकन होगा और डिजिटल वित्तीय सेवाओं में समग्र विश्वास में सुधार होगा।
नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता पहल की शुरुआत
2026-05-18
पृष्ठभूमि: कौशल भारत मिशन के तहत, सरकार ने डिजिटल अंतर को पाटने पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: 18 मई 2026 को, कौशल विकास मंत्रालय ने 'नारी शक्ति डिजिटल साक्षरता' पहल शुरू की, जो विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं में प्रशिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में एकीकृत करके उन्हें सशक्त बनाना है, जिससे वे स्वतंत्र रूप से छोटे व्यवसाय चला सकें और वित्तीय समावेशन और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक डिजिटल उपकरणों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests