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रक्षा और सुरक्षा समाचार: अग्नि-V, मारीच, आकाश-एनजी, टैलिसमैन सेबर

भारत ने अग्नि-V मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत अपनी रणनीतिक निवारण क्षमता को बढ़ाने के लिए अपनी मिसाइल क्षमताओं का विकास कर रहा है। अग्नि-V इस कार्यक्रम का एक प्रमुख घटक है। वर्तमान संदर्भ: भारत ने 21 मई, 2026 को अग्नि-V मिसाइल का एक विकासात्मक उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) 5,000 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता रखती है और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। यह परीक्षण ओडिशा के तट से दूर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था। प्रभाव: सफल परीक्षण भारत की एक प्रमुख मिसाइल शक्ति के रूप में स्थिति को और मजबूत करता है और इसकी रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ाता है। यह संभावित विरोधियों के खिलाफ एक विश्वसनीय निवारण प्रदान करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है।
इसरो चंद्रयान-4 चंद्र नमूना वापसी मिशन के लिए तैयार
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी, इसरो ने अपने चंद्रयान कार्यक्रम के साथ महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं, विशेष रूप से चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग के साथ। इस सफलता ने अधिक महत्वाकांक्षी चंद्र अन्वेषण प्रयासों का मार्ग प्रशस्त किया है। वर्तमान संदर्भ: इसरो अब कथित तौर पर चंद्रयान-4 की योजना बना रहा है, जो एक चंद्र नमूना वापसी के लिए डिज़ाइन किया गया मिशन है। इस जटिल मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह से नमूने एकत्र करना है, विशेष रूप से दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र जैसे वैज्ञानिक रूप से दिलचस्प क्षेत्रों से, और विस्तृत विश्लेषण के लिए उन्हें पृथ्वी पर वापस लाना है। प्रभाव: एक सफल नमूना वापसी मिशन चंद्र भूविज्ञान, उत्पत्ति और विकास को समझने के लिए अमूल्य डेटा प्रदान करते हुए, डीप स्पेस अन्वेषण में भारत की क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। यह वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा और अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देगा।
भारत के माल निर्यात में मजबूत वृद्धि देखी गई
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत का निर्यात क्षेत्र इसकी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान देता है। सरकार विभिन्न नीतिगत उपायों के माध्यम से सक्रिय रूप से निर्यात को बढ़ावा दे रही है। वर्तमान संदर्भ: हाल के आंकड़ों से भारत के माल निर्यात में मजबूत प्रदर्शन का पता चलता है। इंजीनियरिंग वस्तुओं, पेट्रोलियम उत्पादों और रसायनों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पर्याप्त वृद्धि देखी गई है। इस वृद्धि का श्रेय बढ़ती वैश्विक मांग, प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और व्यापार सुविधा पहलों सहित प्रभावी सरकारी सहायता तंत्र को दिया जाता है। प्रभाव: मजबूत निर्यात वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो व्यापार संतुलन को बेहतर बनाने और विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने में मदद करती है। यह वैश्विक बाजार में भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को भी दर्शाता है और सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों का समर्थन करता है।
सेबी ने वैकल्पिक निवेश निधियों (AIFs) के लिए कड़े नियम प्रस्तावित किए
2026-05-22
पृष्ठभूमि: वैकल्पिक निवेश निधियां (AIFs) स्टार्टअप्स और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालांकि, उनकी नियामक निगरानी और निवेशक संरक्षण तंत्र के संबंध में चिंताएं जताई गई हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने AIF नियमों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इन प्रस्तावित परिवर्तनों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, शासन में सुधार करना और निवेशक सुरक्षा को मजबूत करना है। मुख्य प्रस्तावों में सख्त प्रकटीकरण आवश्यकताएं, फंड प्रबंधकों के लिए बढ़ी हुई उचित परिश्रम, और फंड संचालन और निकास पर स्पष्ट दिशानिर्देश शामिल हैं। प्रभाव: प्रस्तावित कड़े नियमों से AIF उद्योग में अधिक अनुशासन और जवाबदेही आने की उम्मीद है। इससे निवेशक का विश्वास बढ़ेगा और एक मजबूत नियामक ढांचा तैयार होगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि AIF निवेशक हितों की रक्षा करने वाले तरीके से काम करें।
RBI ने डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत में डिजिटल ऋण की तीव्र वृद्धि ने उपभोक्ता संरक्षण और उचित ऋण प्रथाओं के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) इस क्षेत्र की बारीकी से निगरानी कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: RBI ने डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, उधारकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा करना, उचित व्यवहार सुनिश्चित करना और शिकारी ऋण प्रथाओं को रोकना है। मुख्य प्रावधानों में सभी शुल्कों का अग्रिम प्रकटीकरण, एक कूलिंग-ऑफ अवधि, और आउटसोर्सिंग और शिकायत निवारण के लिए सख्त मानदंड शामिल हैं। प्रभाव: इन दिशानिर्देशों से डिजिटल लेंडिंग पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक जवाबदेही और विश्वसनीयता आने की उम्मीद है। उधारकर्ताओं को बढ़ी हुई पारदर्शिता और अनुचित प्रथाओं के खिलाफ सुरक्षा से लाभ होगा, जबकि जिम्मेदार ऋणदाता अधिक विनियमित और स्थिर वातावरण में काम करेंगे।
G7 देशों ने वैश्विक सुरक्षा पर समन्वय किया
2026-05-22
पृष्ठभूमि: G7 दुनिया की सात सबसे बड़ी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं वाला एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 के अंत में, G7 नेताओं ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिरता के लिए उभरते खतरों पर चर्चा करने के लिए बैठक की। चर्चा का मुख्य केंद्र एकल-स्रोत देशों पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना था। प्रभाव: यह समन्वय वैश्विक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्यात नियंत्रण और सुरक्षा पर नीतियों को संरेखित करके, G7 एक अधिक लचीला अंतरराष्ट्रीय व्यापार वातावरण बनाने का लक्ष्य रखता है।
भारत-यूएई ने CEPA ढांचे को मजबूत किया
2026-05-22
पृष्ठभूमि: द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए 2022 में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए गए थे। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, दोनों देशों ने डिजिटल व्यापार और सतत ऊर्जा क्षेत्रों को शामिल करने के लिए समझौते की समीक्षा की है। इस समीक्षा का उद्देश्य सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना है। प्रभाव: इस विकास से द्विपक्षीय व्यापार मात्रा में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचना है। यह भारतीय निर्यातकों को मध्य पूर्वी बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करता है।
मंत्रालय ने युवा रोजगार के लिए 'भारत स्किल कनेक्ट' पोर्टल लॉन्च किया
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत में युवाओं की एक बड़ी आबादी है, और उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए कौशल अंतर को पाटना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'भारत स्किल कनेक्ट' नामक एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। इस पोर्टल का उद्देश्य नौकरी चाहने वालों को उद्योग-विशिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्रमाणित पाठ्यक्रमों और सीधे प्लेसमेंट के अवसरों से जोड़ना है, जिसमें व्यक्तिगत सिफारिशों के लिए एआई का उपयोग किया गया है। यह विभिन्न मौजूदा कौशल विकास पहलों को एक मंच के तहत एकीकृत करता है। प्रभाव: इस पहल को युवा रोजगार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने, व्यावसायिक प्रशिक्षण तक पहुंच को सुव्यवस्थित करने और एक अधिक गतिशील तथा उत्तरदायी श्रम बाजार को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे देश भर में आर्थिक विकास और बेरोजगारी दर को कम करने में मदद मिलेगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने पर्यावरणीय प्रभाव आकलन के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत में तीव्र औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर लगातार कानूनी चुनौतियाँ रही हैं। वर्तमान संदर्भ: सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें सभी प्रमुख परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) हेतु सख्त दिशानिर्देश स्थापित किए गए हैं। इस फैसले में परियोजना मंजूरी में, विशेष रूप से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित परियोजनाओं के लिए, अधिक सार्वजनिक भागीदारी और पारदर्शिता अनिवार्य की गई है। यह विकास के प्रति एहतियाती दृष्टिकोण पर जोर देता है। प्रभाव: इस निर्णय से पर्यावरण शासन मजबूत होने, अधिक टिकाऊ विकास प्रथाओं को बढ़ावा मिलने और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने की उम्मीद है, जिससे कई चल रही और प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का पुनर्मूल्यांकन हो सकता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) का ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार
2026-05-22
पृष्ठभूमि: भारत का आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) स्वास्थ्य रिकॉर्ड और सेवाओं के लिए एक सहज ऑनलाइन मंच बनाने हेतु शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ABDM के एक महत्वपूर्ण विस्तार चरण की घोषणा की है, जिसमें दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और राज्य-स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए एआई-संचालित नैदानिक ​​सहायता जैसी नई सुविधाओं का परीक्षण किया जा रहा है। प्रभाव: इस विस्तार का उद्देश्य देश भर में स्वास्थ्य सेवा पहुंच, दक्षता और डेटा-संचालित नीति-निर्माण में सुधार करना है, जिससे असमानताएं कम होंगी और सभी नागरिकों, विशेषकर वंचित क्षेत्रों में, के लिए समान स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
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