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संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस 2026: सेवा और बलिदान का सम्मान

संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2026
2026-05-29
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2002 में 1948 की उस तारीख को मनाने के लिए की गई थी जब पहला संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम पर्यवेक्षण संगठन (UNTSO), ने फिलिस्तीन में अपना संचालन शुरू किया था। वर्तमान संदर्भ: हर साल 29 मई को मनाया जाने वाला यह दिन दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र अभियानों में सेवा करने वाले शांति सैनिकों के योगदान का सम्मान करता है और शांति की खोज में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देता है। 2026 का उत्सव जटिल वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में शांति स्थापना की महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित होगा। प्रभाव: यह दिन बहुपक्षवाद के महत्व और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जिससे शांति अभियानों और कर्मियों के लिए निरंतर समर्थन को बढ़ावा मिलता है।
पीएम-किसान योजना किसानों को सशक्त बनाना जारी रखे हुए है
2026-05-29
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना किसानों की आय बढ़ाने के केंद्र सरकार के प्रयासों को पूरक बनाने के लिए शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य देश के सभी भूमि-धारक किसान परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। वर्तमान संदर्भ: यह योजना पात्र लाभार्थियों को अपनी किस्तों का वितरण जारी रखे हुए है, जिससे आय का एक स्थिर प्रवाह सुनिश्चित होता है। हालिया रिपोर्टें योजना के निरंतर कार्यान्वयन और कृषि अनिश्चितताओं के सामने किसानों की वित्तीय स्थिरता का समर्थन करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालती हैं। प्रभाव: पीएम-किसान ने लाखों किसानों के वित्तीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे वे आदानों, पारिवारिक खर्चों और अन्य उभरती जरूरतों के लिए अपनी तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हुए हैं, जिससे कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है।
पीएम-किसान के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण
2026-05-29
पृष्ठभूमि: पीएम-किसान योजना प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के सिद्धांत पर काम करती है, यह सुनिश्चित करती है कि वित्तीय सहायता बिचौलियों के बिना इच्छित लाभार्थियों तक पहुंचे। यह विधि पारदर्शिता बढ़ाती है और रिसाव को कम करती है। वर्तमान संदर्भ: सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थी डेटाबेस की नियमित रूप से समीक्षा और अद्यतन करती है कि केवल पात्र किसानों को ही लाभ मिले। डीबीटी तंत्र राष्ट्र भर के किसानों के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता के समय पर क्रेडिट की अनुमति देता है। प्रभाव: पीएम-किसान के तहत डीबीटी दृष्टिकोण वित्तीय सहायता को कुशलतापूर्वक पहुंचाने में अत्यधिक प्रभावी रहा है। यह किसानों को ऐसे धन प्रदान करके सशक्त बनाता है जिनका उपयोग कृषि आदानों, उपकरण खरीद, या अन्य आवश्यक खर्चों के लिए किया जा सकता है, जिससे उनकी आर्थिक लचीलापन मजबूत होता है और कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान मिलता है।
आरबीआई ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-05-29
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लगातार डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ते साइबर खतरों से सुरक्षित करने के लिए काम कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, आरबीआई ने अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए सभी उच्च-मूल्य वाले डिजिटल लेनदेन के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने वाले नए दिशानिर्देश पेश किए हैं। प्रभाव: इस कदम से धोखाधड़ी वाली गतिविधियों में काफी कमी आने और डिजिटल बैंकिंग में उपभोक्ता विश्वास बढ़ने की उम्मीद है। यह 'कम-नकद' अर्थव्यवस्था के व्यापक लक्ष्य के साथ संरेखित है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय बुनियादी ढांचा साइबर हमलों के खिलाफ लचीला बना रहे।
मुद्रास्फीति के रुझान के बीच आरबीआई ने रेपो दर स्थिर रखी
2026-05-29
पृष्ठभूमि: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति को संतुलित करने के लिए समय-समय पर रेपो दर की समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 के अंत में, आरबीआई ने खाद्य और ईंधन क्षेत्रों में लगातार मुद्रास्फीति के दबाव का हवाला देते हुए रेपो दर को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना और अर्थव्यवस्था में ऋण वृद्धि का समर्थन करना है। दरों को अपरिवर्तित रखकर, केंद्रीय बैंक बैंकिंग क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करता है, जिससे वाणिज्यिक बैंक उधारकर्ताओं के लिए ब्याज दरें स्थिर रख सकते हैं।
भारतीय फिल्म ने कान 2026 में शीर्ष सम्मान जीता
2026-05-29
पृष्ठभूमि: भारतीय सिनेमा का एक समृद्ध इतिहास रहा है, लेकिन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समारोहों में शीर्ष वैश्विक पहचान के लिए अक्सर संघर्ष करता रहा है। हाल के वर्षों में समीक्षकों द्वारा प्रशंसित स्वतंत्र फिल्मों में पुनरुत्थान देखा गया है। वर्तमान संदर्भ: 28 मई, 2026 को संपन्न हुए 79वें कान फिल्म महोत्सव में, प्रशंसित फिल्म निर्माता अन्या शर्मा द्वारा निर्देशित भारतीय स्वतंत्र फिल्म "द गोल्डन थ्रेड" ने प्रतिष्ठित पाल्मे डी'ओर पुरस्कार जीता है। सामाजिक मुद्दों की पड़ताल करने वाली इस मार्मिक ड्रामा फिल्म को इसके निर्देशन और प्रदर्शन के लिए व्यापक आलोचनात्मक प्रशंसा मिली। प्रभाव: यह जीत भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो इसकी वैश्विक स्थिति को ऊपर उठाती है और अंतरराष्ट्रीय वितरण तथा सहयोग के लिए नए रास्ते खोल सकती है। इससे अधिक स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को प्रेरणा मिलने और विविध भारतीय कथाओं पर वैश्विक ध्यान आकर्षित होने की उम्मीद है।
नई ओटीटी श्रृंखला "इकोज़ ऑफ टुमॉरो" के लिए रिकॉर्ड तोड़ दर्शक संख्या
2026-05-29
पृष्ठभूमि: ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म के उदय ने सामग्री उपभोग को बदल दिया है, जिसमें मूल श्रृंखलाएं अक्सर बड़े दर्शकों और आलोचनात्मक प्रशंसा प्राप्त करती हैं। प्लेटफॉर्मों के बीच प्रतिस्पर्धा तीव्र है। वर्तमान संदर्भ: 25 मई, 2026 को सिनेस्ट्रीम पर जारी की गई एक भविष्यवादी विज्ञान-फाई थ्रिलर श्रृंखला "इकोज़ ऑफ टुमॉरो" ने दर्शक संख्या के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो अपने शुरुआती सप्ताह में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली मूल श्रृंखला बन गई है। अपनी नवीन कहानी कहने और दृश्य प्रभावों के लिए प्रशंसित इस श्रृंखला ने विश्व स्तर पर 35 मिलियन से अधिक अद्वितीय दर्शकों को आकर्षित किया। प्रभाव: यह सफलता मनोरंजन में ओटीटी प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभुत्व को पुष्ट करती है और उच्च-गुणवत्ता, शैली-विशिष्ट सामग्री की मांग को उजागर करती है। यह मूल प्रस्तुतियों के लिए एक नया मानदंड स्थापित करती है और महत्वाकांक्षी, बड़े पैमाने की डिजिटल श्रृंखलाओं में भविष्य के निवेश को प्रभावित कर सकती है।
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