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पर्यावरण और पारिस्थितिकी करंट अफेयर्स: मई 2026 अपडेट

नई जैव विविधता विरासत स्थल अधिसूचना
2026-05-21
पृष्ठभूमि: जैविक विविधता अधिनियम, 2002 राज्य सरकारों को जैव विविधता महत्व के क्षेत्रों को जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) के रूप में अधिसूचित करने का अधिकार देता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, सरकार ने दुर्लभ स्थानिक वनस्पतियों और जीवों की रक्षा के लिए एक नए क्षेत्र को BHS के रूप में नामित किया है। इसका उद्देश्य अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्र को औद्योगिक अतिक्रमण से बचाना है। प्रभाव: यह अधिसूचना समुदाय-नेतृत्व वाले संरक्षण प्रयासों को सुनिश्चित करती है, जिससे स्थानीय निकायों को प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी प्रबंधन करने का अधिकार मिलता है। यह 2030 तक 30% भूमि की रक्षा के लिए कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आर्द्रभूमि बहाली के लिए राष्ट्रीय रणनीति
2026-05-21
पृष्ठभूमि: आर्द्रभूमि जल शोधन और बाढ़ शमन के लिए महत्वपूर्ण हैं, फिर भी वे शहरीकरण के कारण गंभीर गिरावट का सामना कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मई 2026 में राष्ट्रीय आर्द्रभूमि बहाली कार्यक्रम का एक नया चरण शुरू किया है। यह चरण प्रकृति-आधारित समाधानों के माध्यम से शहरी आर्द्रभूमि के कायाकल्प पर केंद्रित है। प्रभाव: इन पारिस्थितिक बफ़र्स को बहाल करके, यह पहल शहरी जलवायु लचीलापन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। यह वैज्ञानिक निगरानी को स्थानीय सामुदायिक भागीदारी के साथ एकीकृत करती है, जिससे बढ़ते वैश्विक तापमान के बीच इन महत्वपूर्ण आवासों का दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुनिश्चित होता है।
डॉ. प्रिया शर्मा ने जीता अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026
2026-05-21
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विश्व के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों में से एक है, जो उत्कृष्ट अनुवादित कथा साहित्य को मान्यता देता है। इसका उद्देश्य विश्व साहित्य को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय लेखकों को व्यापक अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक पहुंचाना है। वर्तमान संदर्भ: प्रसिद्ध भारतीय लेखिका डॉ. प्रिया शर्मा को उनके समीक्षकों द्वारा प्रशंसित उपन्यास 'इकोज़ ऑफ द गंगा' के लिए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है, जिसका हिंदी से अनुवाद सुश्री अंजलि सिंह ने किया है। यह घोषणा 20 मई 2026 को लंदन में की गई। प्रभाव: यह सम्मान वैश्विक मंच पर भारतीय साहित्य को महत्वपूर्ण रूप से ऊपर उठाता है, अधिक अनुवादों और अंतर्राष्ट्रीय पाठकों को प्रोत्साहित करता है। यह महत्वाकांक्षी भारतीय लेखकों और अनुवादकों को भी प्रेरित करता है, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विविध आख्यानों के प्रति सराहना बढ़ती है।
डॉ. आलोक वर्मा को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया
2026-05-21
पृष्ठभूमि: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार भारत का सर्वोच्च बहु-विषयक विज्ञान पुरस्कार है, जो वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। यह विभिन्न वैज्ञानिक विषयों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. आलोक वर्मा को इंजीनियरिंग विज्ञान श्रेणी में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। सतत ऊर्जा समाधानों, विशेष रूप से कुशल सौर सेल प्रौद्योगिकी में उन्नत सामग्रियों पर उनके अग्रणी शोध को उजागर किया गया। पुरस्कार समारोह इस वर्ष के अंत में निर्धारित है। प्रभाव: यह सम्मान डॉ. वर्मा के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान को स्वीकार करता है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आगे के शोध को प्रेरणा मिलती है। यह वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है, युवा वैज्ञानिकों को प्रभावशाली अनुसंधान करने के लिए प्रेरित करता है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन ओपन में ऐतिहासिक जीत दर्ज की
2026-05-21
पृष्ठभूमि: पिछले एक दशक में भारतीय बैडमिंटन की वैश्विक रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, भारतीय शटलरों ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन ओपन में कई पदक जीते हैं, जो उनके असाधारण रणनीतिक खेल को दर्शाता है। इस टूर्नामेंट में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी शामिल थे, जिसने भारतीय दल के कौशल की परीक्षा ली। प्रभाव: यह प्रदर्शन बीडब्ल्यूएफ विश्व रैंकिंग में भारत की स्थिति को मजबूत करता है और आगामी विश्व चैंपियनशिप से पहले खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाता है, जिससे उभरती प्रतिभाओं को बेहतर सीडिंग और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है।
भारतीय एथलेटिक्स दल वैश्विक ट्रैक मीट के लिए तैयार
2026-05-21
पृष्ठभूमि: भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) जमीनी स्तर के विकास और विशेष प्रशिक्षण शिविरों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, भारतीय एथलेटिक्स टीम आगामी ग्लोबल ट्रैक मीट के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। एथलीट सहनशक्ति और गति में सुधार के लिए उच्च ऊंचाई वाले केंद्रों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। हाल के घरेलू ट्रायल में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे हैं, जो खिलाड़ियों के बेहतरीन शारीरिक फॉर्म को दर्शाते हैं। प्रभाव: इस कठोर प्रशिक्षण से वैश्विक स्तर पर पदक तालिका में सुधार की उम्मीद है, जो उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
कच्छी रोगन कला को जीआई टैग
2026-05-21
पृष्ठभूमि: रोगन कला गुजरात के कच्छ क्षेत्र की एक प्राचीन वस्त्र चित्रकला शिल्प है, जिसमें अरंडी के तेल से बने गाढ़े रंग का उपयोग करके जटिल पैटर्न बनाए जाते हैं। यह अनूठी कला, जिसे पारंपरिक रूप से कुछ ही परिवार अभ्यास करते हैं, हाल के दशकों में पहचान और बाजार पहुंच की कमी के कारण गिरावट का सामना कर रही थी। वर्तमान संदर्भ: 20 मई, 2026 को, भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री ने 'कच्छी रोगन कला' को प्रतिष्ठित जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्रदान किया। संस्कृति मंत्रालय द्वारा समर्थित यह महत्वपूर्ण कदम, इस उत्कृष्ट शिल्प से जुड़े पारंपरिक ज्ञान और अनूठी पहचान को सुरक्षित रखने का लक्ष्य रखता है। प्रभाव: जीआई टैग अनधिकृत उपयोग के खिलाफ कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। इससे शेष कारीगर परिवारों की आजीविका को बढ़ावा मिलने, कला के बाजार मूल्य में वृद्धि होने और इसकी वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे इसके दीर्घकालिक संरक्षण और सांस्कृतिक पुनरुद्धार में योगदान मिलेगा।
अजंता गुफाओं के प्राचीन भित्तिचित्रों का जीर्णोद्धार पूर्ण
2026-05-21
पृष्ठभूमि: महाराष्ट्र में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल अजंता गुफाएं, अपनी उत्कृष्ट बौद्ध शैलकृत गुफाओं और 200 ईसा पूर्व से 5वीं शताब्दी ईस्वी तक के जीवंत भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। सदियों से, ये अमूल्य चित्र प्राकृतिक तत्वों, मानवीय गतिविधियों और उम्र बढ़ने के कारण क्षरण का शिकार हुए हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने गुफा 17 और गुफा 19 के भीतर कई महत्वपूर्ण भित्तिचित्रों के लिए एक व्यापक, बहु-वर्षीय जीर्णोद्धार परियोजना के सफल समापन की घोषणा की। उन्नत लेजर सफाई और संरक्षण तकनीकों का उपयोग करते हुए, 19 मई, 2026 को पूरी हुई इस परियोजना ने कलाकृतियों को महत्वपूर्ण रूप से स्थिर और पुनर्जीवित किया है। प्रभाव: यह सावधानीपूर्वक जीर्णोद्धार भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन अमूल्य ऐतिहासिक और कलात्मक खजानों के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करता है। यह आगंतुकों के अनुभव को बढ़ाएगा, अधिक सांस्कृतिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा, और पूरे भारत में चल रहे विरासत संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा, जिससे राष्ट्र की अपनी समृद्ध अतीत के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत होगी।
अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस 2026
2026-05-21
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने चाय के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को मान्यता देने के लिए 21 मई को अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस के रूप में नामित किया है। वर्तमान संदर्भ: 21 मई 2026 को, वैश्विक समुदाय टिकाऊ चाय उत्पादन और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह दिवस मना रहा है। प्रभाव: यह आयोजन चाय श्रमिकों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों का समाधान करने, छोटे किसानों की आजीविका को बढ़ावा देने और चाय उद्योग की दीर्घकालिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने में मदद करता है। यह देशों को जलवायु-अनुकूल खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
संवाद और विकास के लिए सांस्कृतिक विविधता का विश्व दिवस
2026-05-21
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित, इस दिवस का उद्देश्य सांस्कृतिक विविधता के मूल्यों के प्रति हमारी समझ को गहरा करना है। वर्तमान संदर्भ: 21 मई 2026 को मनाया जाने वाला यह दिवस शांति और सतत विकास प्राप्त करने के लिए अंतर-सांस्कृतिक संवाद की आवश्यकता पर जोर देता है। प्रभाव: इस दिवस को मनाकर, वैश्विक समुदाय रूढ़िवादिता से लड़ने और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। यह राष्ट्रों के लिए अपनी अनूठी विरासत को प्रदर्शित करने और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने का एक मंच है, जो समावेशी समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
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