LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

कला और संस्कृति: जीआई टैग, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक पहल

'रथ यात्रा' की विरासत के लिए यूनेस्को की मान्यता
2026-05-14
पृष्ठभूमि: यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची का उद्देश्य जीवित परंपराओं और अभिव्यक्तियों की रक्षा करना है जो सांस्कृतिक विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें शामिल होना वैश्विक मान्यता का प्रतीक है और संरक्षण प्रयासों को प्रोत्साहित करता है। वर्तमान संदर्भ: ओडिशा के पुरी का प्रतिष्ठित 'रथ यात्रा' उत्सव, जो सालाना अत्यधिक उत्साह के साथ मनाया जाता है, को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में मान्यता के लिए नामांकित किया गया है। नामांकन इसके गहरे धार्मिक महत्व, अनूठे अनुष्ठानों और सामुदायिक भागीदारी पर प्रकाश डालता है। प्रभाव: यह संभावित यूनेस्को मान्यता रथ यात्रा की वैश्विक प्रोफ़ाइल को बढ़ाएगी, इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयामों के लिए अधिक प्रशंसा को बढ़ावा देगी। यह बेहतर संरक्षण उपायों को भी प्रोत्साहित करेगा और इस प्राचीन परंपरा की निरंतरता का समर्थन करेगा, जिससे स्थानीय समुदाय को लाभ होगा और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस 2026
2026-05-14
पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1993 में समाज में परिवारों के महत्व को उजागर करने के लिए 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के रूप में घोषित किया था। वर्तमान संदर्भ: 15 मई 2026 को मनाए गए इस दिवस का विषय 'परिवार और जनसांख्यिकीय परिवर्तन' है। यह इस बात पर केंद्रित है कि बदलती आयु संरचना और प्रवास के पैटर्न वैश्विक स्तर पर परिवार इकाइयों को कैसे प्रभावित करते हैं। प्रभाव: यह दिवस नीति निर्माताओं को परिवार-उन्मुख नीतियां लागू करने के लिए प्रोत्साहित करता है जो सामाजिक सामंजस्य और आर्थिक स्थिरता का समर्थन करती हैं।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026
2026-05-14
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस प्रतिवर्ष 11 मई को 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षणों की याद में मनाया जाता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, देश ने स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी, एआई-संचालित शासन और अंतरिक्ष अन्वेषण में उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तकनीकी क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को उजागर करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए। प्रभाव: यह उत्सव युवाओं और शोधकर्ताओं के बीच नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देता है, जो राष्ट्रीय चुनौतियों को हल करने और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ाने में विज्ञान की भूमिका पर जोर देता है।
मुद्रा योजना के तहत ₹25 लाख करोड़ से अधिक का वितरण
2026-05-14
पृष्ठभूमि: अप्रैल 2015 में शुरू की गई प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) का उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को ₹10 लाख तक का ऋण प्रदान करना है। यह ऋणों को 'शिशु' (₹50,000 तक), 'किशोर' (₹50,001 से ₹5 लाख), और 'तरुण' (₹5 लाख से ₹10 लाख) में वर्गीकृत करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 की शुरुआत तक, PMMY ने अपनी स्थापना के बाद से ₹25 लाख करोड़ से अधिक का वितरण करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसने देश भर में लाखों छोटे व्यवसायों के विकास को सुगम बनाया है, जिससे उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है। प्रभाव: यह योजना लाखों व्यक्तियों, विशेष रूप से महिलाओं और हाशिए के समुदायों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाने में सहायक रही है। इसने अनगिनत रोजगार के अवसर पैदा किए हैं और स्थानीय विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का समर्थन करके 'मेक इन इंडिया' पहल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
PMMY महिला उद्यमियों पर केंद्रित
2026-05-14
पृष्ठभूमि: प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) संस्थागत ऋण तक पहुंच प्रदान करके सूक्ष्म और लघु उद्यमों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन की गई एक प्रमुख योजना है। एक प्रमुख उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 की शुरुआत के हालिया डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि PMMY के तहत वितरित ऋणों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महिला उद्यमियों द्वारा लिया गया है। यह प्रवृत्ति उन महिलाओं तक पहुंचने और उन्हें सशक्त बनाने में योजना की सफलता को उजागर करती है जो अपना व्यवसाय शुरू करना या बढ़ाना चाहती हैं। प्रभाव: महिला उद्यमियों के लिए ऋण तक बढ़ी हुई पहुंच से उनके परिवारों के लिए अधिक आर्थिक स्वतंत्रता और बेहतर जीवन स्तर प्राप्त हुआ है। इसने एक अधिक समावेशी व्यावसायिक वातावरण को भी बढ़ावा दिया है, जिससे अधिक महिलाएं उद्यमिता में कदम रखने और राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित हुई हैं।
आरबीआई ने जारी की वार्षिक रिपोर्ट 2023-24
2026-05-14
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) प्रतिवर्ष एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित करता है जिसमें उसके संचालन, वित्तीय प्रदर्शन और भारतीय अर्थव्यवस्था व वित्तीय क्षेत्र की स्थिति का विवरण होता है। यह रिपोर्ट वित्तीय वर्ष के दौरान केंद्रीय बैंक के दृष्टिकोण और गतिविधियों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था, मौद्रिक नीति संचालन, बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन, भुगतान प्रणालियों और केंद्रीय बैंक द्वारा लागू किए गए नियामक उपायों की गहन समीक्षा प्रदान की गई है। इसमें आरबीआई के वित्तीय परिणामों की भी रूपरेखा दी गई है। प्रभाव: यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, छात्रों और आम जनता के लिए सूचना का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह वित्तीय क्षेत्र में चुनौतियों और उपलब्धियों में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है, जो भारत में भविष्य की आर्थिक रणनीतियों और नियामक ढाँचों का मार्गदर्शन करती है।
वित्तीय स्थिरता समीक्षा में मजबूत बैंकिंग क्षेत्र पर प्रकाश डाला गया
2026-05-14
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और बाजारों सहित वित्तीय प्रणाली की स्थिरता का आकलन करने के लिए वर्ष में दो बार वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) जारी करता है। यह संभावित जोखिमों और कमजोरियों की पहचान करती है। वर्तमान संदर्भ: नवीनतम वित्तीय स्थिरता समीक्षा, जो अक्सर वार्षिक रिपोर्ट के साथ या उसके आसपास जारी की जाती है, इंगित करती है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र मजबूत और लचीला बना हुआ है। परिसंपत्ति गुणवत्ता, पूंजी पर्याप्तता और लाभप्रदता जैसे प्रमुख संकेतकों में सुधार देखा गया है। रिपोर्ट प्रणालीगत जोखिमों को कम करने में नियामक उपायों की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालती है। प्रभाव: बैंकिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य का सकारात्मक मूल्यांकन निवेशक विश्वास बनाए रखने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि बैंक उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह का समर्थन करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जो भारत में समग्र आर्थिक स्थिरता और विकास में योगदान करते हैं।
कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ
2026-05-14
पृष्ठभूमि: कान्स फिल्म फेस्टिवल फ्रांस में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सिनेमाई कार्यक्रम है। वर्तमान संदर्भ: 2026 संस्करण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की एक विविध श्रृंखला प्रदर्शित की जा रही है और वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा के बढ़ते प्रभाव पर जोर दिया गया है। कई भारतीय फिल्म निर्माता और अभिनेता क्षेत्रीय कथाओं को बढ़ावा देने के लिए भाग ले रहे हैं। प्रभाव: यह आयोजन अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है, जो भारतीय फिल्मों की वैश्विक बाजार क्षमता को बढ़ाता है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए नया नियामक ढांचा
2026-05-14
पृष्ठभूमि: भारत में डिजिटल स्ट्रीमिंग के तेजी से विकास के साथ, सरकार रचनात्मक स्वतंत्रता और सामग्री सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने पर काम कर रही है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म ने सामग्री मॉडरेशन और आयु-उपयुक्त वर्गीकरण के लिए एक नया, सख्त नियामक ढांचा अपनाया है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल सामग्री कलात्मक अखंडता बनाए रखते हुए सांस्कृतिक संवेदनाओं के अनुरूप हो। प्रभाव: इस कदम से शिकायत निवारण तंत्र के मानकीकरण और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे परिवारों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित होगा।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests