आरबीआई ने हरित वित्त के लिए नया नियामक ढांचा पेश किया
2026-05-12पृष्ठभूमि: विश्व स्तर पर, वित्तीय संस्थानों के लिए अपने परिचालन में पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन (ESG) कारकों को एकीकृत करने की बढ़ती आवश्यकता है। भारत भी सतत विकास और जलवायु लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसके लिए एक मजबूत हरित वित्त पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 9 मई, 2026 को हरित वित्त के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा जारी किया। ये दिशानिर्देश बैंकों और NBFCs को हरित वित्तपोषण नीतियां विकसित करने, जलवायु-संबंधी वित्तीय जोखिमों का आकलन करने और अपने सतत ऋण पोर्टफोलियो पर रिपोर्ट करने का आदेश देते हैं। प्रभाव: यह ढांचा पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ परियोजनाओं की ओर ऋण प्रवाहित करेगा, जिम्मेदार ऋण प्रथाओं को प्रोत्साहित करेगा और जलवायु जोखिमों के खिलाफ वित्तीय क्षेत्र के लचीलेपन को बढ़ाएगा। यह भारत की वित्तीय प्रणाली को वैश्विक स्थिरता मानकों और राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के साथ संरेखित करता है।
77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का समापन, वैश्विक सिनेमा का हुआ उत्सव
2026-05-12पृष्ठभूमि: कान्स फिल्म फेस्टिवल दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में से एक है, जो हर साल फ्रांस के कान्स में आयोजित किया जाता है। यह फिल्म निर्माताओं के लिए अपने काम को प्रदर्शित करने और वैश्विक फिल्म उद्योग के लिए जुड़ने का एक मंच प्रदान करता है।
वर्तमान संदर्भ: 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का समापन 25 मई, 2024 को हुआ। इस उत्सव में अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई, जिसमें फीचर, वृत्तचित्र और लघु फिल्में शामिल थीं। कई भारतीय फिल्में और सह-उत्पादन भी आधिकारिक चयन और बाजार का हिस्सा थे, जिससे भारत की सांस्कृतिक पहुंच बढ़ी।
प्रभाव: इस उत्सव ने सिनेमाई उत्कृष्टता का जश्न मनाया, शीर्ष सम्मान प्रदान किए, और भाग लेने वाली फिल्मों और कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण एक्सपोजर प्रदान किया। इसने फिल्म निर्माण पर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव सहित सिनेमा के भविष्य पर चर्चाओं को भी बढ़ावा दिया।
कान्स 2024 में भारतीय फिल्मों और प्रतिनिधियों का जलवा
2026-05-12पृष्ठभूमि: भारत का कान्स फिल्म फेस्टिवल के साथ एक लंबा संबंध रहा है, दशकों से कई फिल्मों को प्रदर्शित और सम्मानित किया गया है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में आम तौर पर फिल्म निर्माता, अभिनेता और उद्योग पेशेवर शामिल होते हैं।
वर्तमान संदर्भ: 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में, भारत की उपस्थिति उल्लेखनीय थी, जिसमें विभिन्न वर्गों में कई फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' ने पाल्मे डी'ओर के लिए मुख्य प्रतियोगिता में भाग लिया, जो लंबे अंतराल के बाद इस प्रतिष्ठित श्रेणी में भारतीय फीचर फिल्मों की महत्वपूर्ण वापसी का प्रतीक है। अन्य भारतीय फिल्मों और वृत्तचित्रों ने भी ध्यान आकर्षित किया।
प्रभाव: कान्स 2024 में भारत की मजबूत भागीदारी ने न केवल वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की गुणवत्ता और विविधता को उजागर किया, बल्कि भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वितरण के अवसर भी खोले। इसने वैश्विक फिल्म परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत किया।