Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

रक्षा और सुरक्षा अपडेट: भारतीय नौसेना और डीआरडीओ के रणनीतिक विकास

डीआरडीओ ने उन्नत सामरिक सतह-से-हवा मिसाइल के लिए दूसरे चरण के परीक्षण शुरू किए
2026-05-11
पृष्ठभूमि: डीआरडीओ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क विकसित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 11 मई 2026 तक, डीआरडीओ ने अगली पीढ़ी की सामरिक सतह-से-हवा मिसाइल (SAM) प्रणाली के लिए दूसरे चरण के उड़ान परीक्षण शुरू कर दिए हैं। ये परीक्षण सिम्युलेटेड युद्ध वातावरण में उच्च गति, कम ऊंचाई वाले हवाई लक्ष्यों के खिलाफ इंटरसेप्टर के प्रदर्शन का परीक्षण करने पर केंद्रित हैं। प्रभाव: इन परीक्षणों का सफल समापन भारतीय सशस्त्र बलों को क्रूज मिसाइलों और ड्रोन के खिलाफ एक मजबूत ढाल प्रदान करेगा। यह देश की एकीकृत वायु रक्षा क्षमता को बढ़ाता है।
राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल का शुभारंभ
2026-05-11
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करते हैं, कटाव को रोकते हैं और विविध समुद्री जीवन के लिए महत्वपूर्ण आवास के रूप में कार्य करते हैं। भारत इनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। वर्तमान संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने भारत के मैंग्रोव आवरण को बहाल करने और महत्वपूर्ण रूप से विस्तारित करने के उद्देश्य से एक नई राष्ट्रव्यापी पहल, "हरित तट रक्षक अभियान" शुरू की है। इस बहु-वर्षीय परियोजना का लक्ष्य 2030 तक नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में 50 मिलियन नए मैंग्रोव पौधे लगाना है। प्रभाव: यह पहल तटीय लचीलेपन को मजबूत करेगी, कमजोर समुदायों को चरम मौसमी घटनाओं से बचाएगी, समुद्री जैव विविधता को बढ़ाएगी और भारत के कार्बन पृथक्करण प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान देगी, जो इसकी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
प्रोजेक्ट टाइगर ने 50वीं वर्षगांठ के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई
2026-05-11
पृष्ठभूमि: भारत का प्रमुख बाघ संरक्षण कार्यक्रम, प्रोजेक्ट टाइगर, जिसे 1973 में शुरू किया गया था, ने 2023 में अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाई थी, जिसमें जनसंख्या वृद्धि और आवास विस्तार के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा जारी एक मध्य-अवधि समीक्षा रिपोर्ट इन उद्देश्यों की दिशा में पर्याप्त प्रगति का संकेत देती है। रिपोर्ट कई प्रमुख अभयारण्यों में बाघों की आबादी में लगातार वृद्धि और विशेष रूप से मध्य भारतीय परिदृश्य में वन्यजीव गलियारे के विकास के सफल कार्यान्वयन पर प्रकाश डालती है। हालांकि मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, शमन रणनीतियां सकारात्मक परिणाम दिखा रही हैं। प्रभाव: यह प्रगति बाघ संरक्षण में भारत के वैश्विक नेतृत्व को मजबूत करती है, समग्र जैव विविधता को बढ़ाती है, और महत्वपूर्ण वन पारिस्थितिकी तंत्रों के पारिस्थितिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करती है, जिससे व्यापक पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान मिलता है।
भारत ने राष्ट्रीय ई-कचरा और चक्रीय अर्थव्यवस्था नीति 2026 का अनावरण किया
2026-05-11
पृष्ठभूमि: भारत इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरा) से बढ़ती चुनौती का सामना कर रहा है, जिसमें अनुचित निपटान से पर्यावरणीय प्रदूषण और मूल्यवान संसाधनों का नुकसान होता है। चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा नियमों को मजबूत करने की आवश्यकता थी। वर्तमान संदर्भ: सरकार ने व्यापक "राष्ट्रीय ई-कचरा और चक्रीय अर्थव्यवस्था नीति 2026" पेश की है। यह ऐतिहासिक नीति बढ़ी हुई संग्रह लक्ष्यों के साथ सख्त विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (ईपीआर) को अनिवार्य करती है, औपचारिक रीसाइक्लिंग बुनियादी ढांचे के विकास को प्रोत्साहित करती है, और स्थायित्व, मरम्मत क्षमता और पुनर्चक्रण क्षमता के लिए उत्पाद डिजाइन को बढ़ावा देती है। इसमें कौशल विकास और जागरूकता अभियानों के प्रावधान भी शामिल हैं। प्रभाव: इस नीति का उद्देश्य भारत के ई-कचरा रीसाइक्लिंग क्षेत्र को औपचारिक बनाना, खतरनाक सामग्रियों से होने वाले पर्यावरणीय संदूषण को काफी कम करना, कुशल सामग्री पुनर्प्राप्ति के माध्यम से महत्वपूर्ण संसाधनों का संरक्षण करना और हरित रोजगार सृजित करना है, जिससे एक अधिक टिकाऊ और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. रीना शर्मा को एआई अनुसंधान के लिए 'विज्ञान रत्न' से सम्मानित किया गया
2026-05-11
पृष्ठभूमि: भारत सरकार ने 2025 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 'विज्ञान रत्न' पुरस्कार की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य उन वैज्ञानिकों को सम्मानित करना है जिनके काम का समाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। वर्तमान संदर्भ: प्रसिद्ध एआई नैतिकतावादी और कंप्यूटर वैज्ञानिक डॉ. रीना शर्मा को 2026 के विज्ञान रत्न पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में घोषित किया गया है। नैतिक एआई फ्रेमवर्क और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम में पूर्वाग्रह शमन पर उनके अग्रणी कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। पुरस्कार समारोह मई के अंत में निर्धारित है। प्रभाव: यह मान्यता एआई अनुसंधान में भारत की बढ़ती क्षमता और नैतिक तकनीकी विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है। यह युवा वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे जिम्मेदार एआई नवाचार में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
भारतीय लेखिका प्रिया सिंह ने कॉमनवेल्थ लघु कथा पुरस्कार जीता
2026-05-11
पृष्ठभूमि: कॉमनवेल्थ लघु कथा पुरस्कार अप्रकाशित लघु कथाओं के लिए एक वार्षिक पुरस्कार है, जो राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों के लिए खुला है। इसका उद्देश्य साहित्यिक उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए, दुनिया भर से नई आवाजों और विविध आख्यानों को बढ़ावा देना है। वर्तमान संदर्भ: जयपुर की एक उभरती भारतीय लेखिका प्रिया सिंह को उनकी मार्मिक कहानी "द लास्ट मॉनसून" के लिए 2026 के कॉमनवेल्थ लघु कथा पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है। उनकी कहानी समकालीन भारत में जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण लचीलेपन के विषयों की पड़ताल करती है। यह घोषणा लंदन में की गई। प्रभाव: यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता भारतीय साहित्य और उसके समकालीन विषयों पर महत्वपूर्ण वैश्विक ध्यान आकर्षित करती है। यह प्रिया सिंह के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है, अन्य भारतीय लेखकों को वैश्विक साहित्यिक अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है और उपमहाद्वीप की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा को प्रदर्शित करता है।
भारत ने 2026 तीरंदाजी विश्व कप चरण 1 में स्वर्ण पदक जीता
2026-05-11
पृष्ठभूमि: तीरंदाजी विश्व कप वर्ल्ड आर्चरी द्वारा आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सर्किट है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, भारतीय रिकर्व टीम ने विश्व कप के पहले चरण में स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए असाधारण सटीकता का प्रदर्शन किया। टीम ने फाइनल राउंड में दक्षिण कोरियाई और चीनी तीरंदाजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा को पार किया। प्रभाव: यह जीत भारत की विश्व रैंकिंग को काफी बढ़ाती है और आगामी एशियाई खेलों और ओलंपिक क्वालीफिकेशन चक्रों के लिए आत्मविश्वास को बढ़ावा देती है, जिससे वैश्विक तीरंदाजी में भारत की स्थिति एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में मजबूत होती है।
2026 थॉमस और उबेर कप का समापन
2026-05-11
पृष्ठभूमि: थॉमस और उबेर कप क्रमशः पुरुष और महिला बैडमिंटन के लिए विश्व टीम चैंपियनशिप हैं। वर्तमान संदर्भ: 2026 संस्करण का समापन इस सप्ताह हुआ, जिसमें पारंपरिक बैडमिंटन दिग्गजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। टूर्नामेंट में बीडब्ल्यूएफ (BWF) विश्व रैंकिंग में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए क्योंकि कई युवा खिलाड़ियों ने स्थापित दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। प्रभाव: इस टूर्नामेंट के परिणाम राष्ट्रीय महासंघों के लिए अपनी प्रतिभा पाइपलाइन का मूल्यांकन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत के लिए, इन चैंपियनशिप में प्रदर्शन अगले दो वर्षों के लिए युगल और एकल श्रेणियों में रणनीतिक योजना के लिए एक बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है।
एएसआई ने उत्तर प्रदेश में प्राचीन मिट्टी के बर्तन भट्टी का पता लगाया
2026-05-11
पृष्ठभूमि: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) भारत में पुरातात्विक अनुसंधान और सांस्कृतिक स्मारकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। यह अक्सर ऐतिहासिक स्थलों और कलाकृतियों को उजागर करने के लिए खुदाई करता है। वर्तमान संदर्भ: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हाल ही में हुई खुदाई के दौरान, एएसआई के पुरातत्वविदों ने गुप्त काल (तीसरी से छठी शताब्दी ईस्वी) की एक प्राचीन मिट्टी के बर्तन बनाने वाली भट्टी की खोज की है। यह भट्टी, जो आश्चर्यजनक रूप से अच्छी तरह से संरक्षित है, उस युग के दौरान मिट्टी के बर्तन बनाने की तकनीकों और उत्पादन के पैमाने में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। प्रभाव: यह खोज प्राचीन भारतीय शिल्प कौशल और व्यापार की हमारी समझ को बढ़ाती है। यह गुप्त काल की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और तकनीकी प्रगति का अध्ययन करने वाले इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए मूल्यवान डेटा प्रदान करती है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध टेपेस्ट्री में योगदान करती है।
'कांचीपुरम रेशम साड़ियों' के लिए जीआई टैग बढ़ाया गया, कारीगरों को बढ़ावा
2026-05-11
पृष्ठभूमि: भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग उन उत्पादों को दिए जाते हैं जिनमें उनके भौगोलिक मूल के कारण गुण या प्रतिष्ठा होती है। ये टैग उत्पाद की विशिष्टता की रक्षा करते हैं और स्थानीय कारीगरों व उत्पादकों को लाभ पहुंचाते हैं। वर्तमान संदर्भ: भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री ने 'कांचीपुरम रेशम साड़ियों' के लिए जीआई टैग को अगले दस वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। तमिलनाडु के इस प्रतिष्ठित हैंडलूम उत्पाद को इसके जटिल डिजाइनों, जीवंत रंगों और शुद्ध रेशम व सोने की ज़री के उपयोग के लिए जाना जाता है। प्रभाव: जीआई टैग के नवीनीकरण से नकल और नाम के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ निरंतर कानूनी सुरक्षा मिलती है। यह पारंपरिक बुनाई तकनीकों को संरक्षित करने, बुनकरों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने और प्रामाणिक कांचीपुरम रेशम साड़ियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बढ़ावा देने में मदद करेगा, जिससे हजारों कारीगर परिवारों की आजीविका का समर्थन होगा।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests