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महत्वपूर्ण दिवस: मातृ दिवस, प्रवासी पक्षी दिवस, प्रौद्योगिकी दिवस 2026

विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 2026, 9 मई को मनाया गया
2026-05-10
पृष्ठभूमि: विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (WMBD) प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित एक वैश्विक अभियान है। यह साल में दो बार, मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। यह अभियान प्रवासी प्रजातियों पर कन्वेंशन (CMS) और अफ्रीकी-यूरेशियन प्रवासी जलपक्षी समझौते (AEWA) द्वारा आयोजित किया जाता है। वर्तमान संदर्भ: 2026 के लिए, WMBD का पहला अवलोकन 9 मई को पड़ रहा है। इस वर्ष का विषय संभवतः पक्षी संरक्षण के एक महत्वपूर्ण पहलू पर केंद्रित होगा, जैसे प्लास्टिक प्रदूषण, प्रकाश प्रदूषण, या आवास बहाली। दुनिया भर में होने वाले आयोजनों में पक्षी देखना, शैक्षिक कार्यक्रम और प्रवासी मार्गों तथा पड़ाव स्थलों की रक्षा के लिए संरक्षण पहल शामिल होंगी। प्रभाव: WMBD पर्यावरणीय स्वास्थ्य के संकेतकों के रूप में प्रवासी पक्षियों के पारिस्थितिक महत्व और पारिस्थितिक तंत्र में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालता है। यह सरकारों, संरक्षण संगठनों और व्यक्तियों को आवास हानि, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार जैसे खतरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे जैव विविधता संरक्षण के लिए वैश्विक प्रतिबद्धता को बढ़ावा मिलता है।
भारत ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 मनाया
2026-05-10
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत में प्रतिवर्ष 11 मई को 11 मई 1998 को हुए पोखरण-II परमाणु परीक्षणों की याद में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों को स्वीकार करता है, जो विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में राष्ट्र की प्रगति को उजागर करता है। यह पहली बार 1999 में मनाया गया था। वर्तमान संदर्भ: 2026 में, भारत 11 मई को "लचीले भविष्य के लिए सतत प्रौद्योगिकी" (एक संभावित विषय) पर ध्यान केंद्रित करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाएगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के साथ मिलकर, एआई, नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और सेमिनार आयोजित करेगा, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। प्रभाव: यह दिन युवा मनों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देता है। यह भारत के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, अनुसंधान एवं विकास निवेश को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक विकास तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर नीतिगत चर्चाओं के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों के अनुरूप है।
पीएम-किसान सम्मान निधि - 17वीं किस्त जारी
2026-05-10
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, जो 2019 में शुरू हुई थी, पात्र किसान परिवारों को उनकी आय और कृषि खर्चों में सहायता के लिए प्रति वर्ष ₹6,000 प्रदान करती है। 10 मई, 2026 को, केंद्र सरकार ने इसकी 17वीं किस्त जारी की, जिसके तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में ₹20,000 करोड़ से अधिक सीधे हस्तांतरित किए गए। यह राष्ट्रव्यापी वितरण, सरकार की किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है। इस समय पर वित्तीय सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को इनपुट और दैनिक आवश्यकताओं के लिए आवश्यक तरलता मिलेगी, जिससे कृषि स्थिरता और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी।
'प्रधानमंत्री युवा उद्यमी योजना' (पीएमवाईयूवाई) का शुभारंभ
2026-05-10
युवा सशक्तिकरण और रोजगार सृजन की आवश्यकता को पहचानते हुए, सरकार ने हमेशा उद्यमिता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया है। 9 मई, 2026 को, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'प्रधानमंत्री युवा उद्यमी योजना' (पीएमवाईयूवाई) का शुभारंभ किया। इस नई योजना का उद्देश्य अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवा व्यक्तियों को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और मार्गदर्शन सहित व्यापक सहायता प्रदान करना है। पीएमवाईयूवाई का लक्ष्य 18-35 वर्ष के युवा हैं, विशेषकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से, नवाचार और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना। इस पहल से स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने, लाखों नए रोजगार सृजित होने और भारत की आर्थिक वृद्धि व 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।
आरबीआई ने डिजिटल ऋण पारदर्शिता मानदंडों को बढ़ाया
2026-05-10
पृष्ठभूमि: आरबीआई डिजिटल ऋण ऐप्स पर शोषणकारी प्रथाओं को रोकने के लिए नियमों को सख्त कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, केंद्रीय बैंक ने अनिवार्य कर दिया है कि सभी डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म को ऋण वितरण से पहले उधारकर्ताओं को मानकीकृत प्रारूप में 'मुख्य तथ्य विवरण' (KFS) प्रदान करना होगा। इसमें वार्षिक प्रतिशत दर (APR) और वसूली शुल्क का स्पष्ट खुलासा शामिल है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य छिपी हुई लागतों को समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि खुदरा उधारकर्ता अपने वित्तीय दायित्वों के प्रति पूरी तरह जागरूक रहें, जिससे डिजिटल क्रेडिट पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास बढ़ेगा।
शहरी सहकारी बैंकों के लिए पीसीए ढांचे की रणनीतिक समीक्षा
2026-05-10
पृष्ठभूमि: त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) ढांचा एक पर्यवेक्षी उपकरण है जिसका उपयोग आरबीआई कमजोर वित्तीय स्वास्थ्य वाले बैंकों की निगरानी के लिए करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने विशेष रूप से शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए पीसीए ढांचे की रणनीतिक समीक्षा शुरू की। यह समीक्षा वर्तमान बाजार अस्थिरता को दर्शाने के लिए पूंजी पर्याप्तता और परिसंपत्ति गुणवत्ता मापदंडों को समायोजित करने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस पहल से यूसीबी को अधिक परिचालन लचीलापन मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि प्रणालीगत जोखिम नियंत्रित रहें, जिससे अंततः छोटे जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।
68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: भारतीय सिनेमा का सम्मान
2026-05-10
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च फिल्म सम्मान हैं, जो विभिन्न भाषाओं में सिनेमाई उत्कृष्टता को पहचानते हैं। 1954 में स्थापित, ये पुरस्कार सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत फिल्म समारोह निदेशालय द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इनका उद्देश्य सौंदर्य, तकनीकी उत्कृष्टता और सामाजिक प्रासंगिकता वाली फिल्मों को बढ़ावा देना है। वर्तमान संदर्भ: 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह 8 मई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2025 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को सम्मानित किया। 'द साइलेंट सिम्फनी' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और 'इकोज ऑफ द वैली' को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। क्षेत्रीय फिल्मों को भी महत्वपूर्ण पहचान मिली, जो भारत के विविध सिनेमाई परिदृश्य को दर्शाती हैं। प्रभाव: ये पुरस्कार फिल्म निर्माताओं और कलाकारों का मनोबल बढ़ाते हैं, उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं और गुणवत्तापूर्ण सिनेमा को प्रोत्साहित करते हैं। ये जनधारणा को भी प्रभावित करते हैं, समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों पर ध्यान आकर्षित करते हैं। यह आयोजन कलात्मक अभिव्यक्ति और सिनेमाई विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म 'स्ट्रीमवर्स' की नई क्षेत्रीय सामग्री पहल
2026-05-10
पृष्ठभूमि: ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भारत में मनोरंजन उपभोग में क्रांति ला दी है। इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ, क्षेत्रीय भाषा की सामग्री एक प्रमुख विकास चालक बन गई है, जो विविध दर्शकों को आकर्षित करती है। प्लेटफॉर्म इस बढ़ते बाजार पर कब्जा करने के लिए लगातार नवाचार कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: 9 मई, 2026 को, अग्रणी ओटीटी प्लेटफॉर्म 'स्ट्रीमवर्स' ने अपनी 'भारत भाषा कनेक्ट' पहल की घोषणा की। इसके तहत अगले दो वर्षों में दस क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में मूल सामग्री के उत्पादन के लिए ₹500 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य भाषाई बाजारों में प्रवेश करना और स्थानीय प्रतिभाओं व कहानियों को मंच देना है। प्रभाव: इस पहल से क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लेखकों, निर्देशकों और अभिनेताओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह दर्शकों के लिए सांस्कृतिक सामग्री को समृद्ध करेगा, भाषाई विविधता और स्थानीय आख्यानों को बढ़ावा देगा। ओटीटी खिलाड़ियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से उत्पादन की गुणवत्ता और नवाचार में वृद्धि होगी।
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