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सरकारी योजनाएँ और कार्यक्रम: पीएमएवाई-यू, युवा कौशल, जेजेएम अपडेट

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) - पीएमएवाई-यू का विस्तार
2026-04-18
पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), जिसे 2015 में शुरू किया गया था, का उद्देश्य 'सभी के लिए आवास' सुनिश्चित करके सभी पात्र शहरी परिवारों को किफायती आवास प्रदान करना है। यह इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना, साझेदारी में किफायती आवास और लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण जैसे विभिन्न वर्टिकल के माध्यम से संचालित होती है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएमएवाई-यू के एक महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की, जिसमें टिकाऊ शहरी नियोजन और हरित भवन प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने पर केंद्रित एक नया चरण पेश किया गया। इस चरण में टियर-2 और टियर-3 शहरों में अतिरिक्त 1.5 मिलियन घरों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री और स्मार्ट होम सुविधाओं के लिए बढ़ी हुई सब्सिडी शामिल है। प्रभाव: यह विस्तार शहरी आवास की कमी को और दूर करेगा, पर्यावरण के प्रति जागरूक विकास को बढ़ावा देगा और छोटे शहरों में आर्थिक विकास को गति देगा। यह लाखों लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा, शहरी गरीबी को कम करेगा और निर्माण तथा संबद्ध क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
विश्व हीमोफिलिया दिवस 2026: सभी के लिए समान पहुंच
2026-04-18
पृष्ठभूमि: विश्व हीमोफिलिया दिवस प्रतिवर्ष 17 अप्रैल को वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफिलिया के संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वर्तमान संदर्भ: 2026 में, वैश्विक विषय 'सभी के लिए समान पहुंच: सभी रक्तस्राव विकारों की पहचान' है। भारत में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हीमोफिलिया ए और बी के अनियंत्रित मामलों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ एकीकृत किया गया है। प्रभाव: इस आयोजन का उद्देश्य वंशानुगत रक्तस्राव विकारों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और विशेष देखभाल और किफायती उपचार तक बेहतर पहुंच की वकालत करना है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव और फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी की कमी से जुड़ी मृत्यु दर में काफी कमी आएगी।
विश्व विरासत दिवस 2026: जलवायु लचीलेपन पर ध्यान
2026-04-18
पृष्ठभूमि: विश्व विरासत दिवस, जिसे स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है, 1982 में ICOMOS द्वारा प्रस्तावित किया गया था और 1983 में यूनेस्को द्वारा अनुमोदित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 18 अप्रैल 2026 को, यह दिन विश्व स्तर पर 'विरासत और जलवायु लचीलापन' विषय के साथ मनाया जा रहा है, जो ऐतिहासिक स्थलों को पर्यावरणीय क्षरण से बचाने पर केंद्रित है। भारत में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने संरक्षण प्रयासों को उजागर करने के लिए हम्पी और खजुराहो जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों पर विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया है। प्रभाव: यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत की विविधता और स्मारकों की संवेदनशीलता के बारे में जागरूकता बढ़ाता है, जिससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उनके दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलता है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्पों को नए GI टैग प्रदान किए गए
2026-04-18
पृष्ठभूमि: भौगोलिक संकेत (GI) टैग उत्पादों की पहचान एक विशिष्ट क्षेत्र से उत्पन्न होने के रूप में करते हैं, जो गुणवत्ता और विशिष्टता सुनिश्चित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, भारत की GI रजिस्ट्री ने कई पारंपरिक शिल्पों को टैग प्रदान किए, विशेष रूप से कटक की 'सिल्वर फिलीग्री' (तारकसी) और 'बस्तर आयरन क्राफ्ट' संवर्द्धन। ये शिल्प सदियों के स्वदेशी ज्ञान और कलात्मक उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करते हैं। संस्कृति मंत्रालय ने जोर दिया कि ये टैग शिल्प नामों के अनधिकृत उपयोग को रोकेंगे। प्रभाव: यह मान्यता स्थानीय कारीगरों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में इन उत्पादों के बाजार मूल्य को बढ़ाती है, और ग्रामीण आजीविका और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देकर 'वोकल फॉर लोकल' पहल का समर्थन करती है।
विश्व विरासत दिवस 2026: विरासत और लचीलेपन पर ध्यान
2026-04-18
पृष्ठभूमि: विश्व विरासत दिवस, जिसे स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है, की स्थापना 1982 में इकोरमोस (ICOMOS) द्वारा की गई थी और बाद में यूनेस्को द्वारा इसे मंजूरी दी गई थी। वर्तमान संदर्भ: 18 अप्रैल 2026 को, भारत ने 'विरासत और लचीलापन' विषय के साथ यह दिवस मनाया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सभी 3,693 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में मुफ्त प्रवेश की घोषणा की। एक प्रमुख आकर्षण लिडार (LIDAR) तकनीक का उपयोग करके कोणार्क सूर्य मंदिर के लिए डिजिटल बहाली परियोजना का अनावरण था। प्रभाव: यह पहल सांस्कृतिक संरक्षण के बारे में सार्वजनिक जागरूकता को बढ़ावा देती है और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भारत के वास्तुशिल्प चमत्कारों की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक के एकीकरण को उजागर करती है।
सरकार ने 20 नए 'खेलो इंडिया स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर' लॉन्च किए
2026-04-18
पृष्ठभूमि: 'खेलो इंडिया' पहल एक प्रमुख सरकारी कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना और देश भर में खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास इस दृष्टिकोण के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: 18 अप्रैल, 2026 को, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में 20 नए 'खेलो इंडिया स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर' की स्थापना की घोषणा की। ये अत्याधुनिक केंद्र होनहार एथलीटों को उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं, विशेषज्ञ कोचिंग और खेल विज्ञान सहायता प्रदान करेंगे। प्रभाव: यह विस्तार भारत के खेल बुनियादी ढांचे को काफी बढ़ाएगा, जिससे महत्वाकांक्षी एथलीटों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। इससे भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की पदक संभावनाओं को बढ़ावा मिलने और देश भर में एक मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रिया सिंह ने महिला भाला फेंक में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया
2026-04-18
पृष्ठभूमि: हाल की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं के बाद भारत में एथलेटिक्स, विशेषकर भाला फेंक जैसे फील्ड इवेंट्स में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं उभरती प्रतिभाओं की पहचान और पोषण के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: बेंगलुरु में आयोजित 65वीं सीनियर राष्ट्रीय अंतर-राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, युवा सनसनी प्रिया सिंह ने 16 अप्रैल, 2026 को महिला भाला फेंक में एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उनका 64.50 मीटर का थ्रो पिछले सर्वश्रेष्ठ को पार कर गया। प्रभाव: प्रिया सिंह की यह उत्कृष्ट उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स में प्रतिभा की बढ़ती गहराई को उजागर करती है, जिससे वह भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए एक मजबूत दावेदार बन गई हैं। यह जमीनी स्तर के विकास कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।
भारतीय शटलर रोहन शर्मा ने सिंगापुर ओपन सुपर सीरीज फाइनल जीता
2026-04-18
पृष्ठभूमि: भारत ने लगातार शीर्ष स्तरीय बैडमिंटन प्रतिभाएं दी हैं, जिनके खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय सर्किट में महत्वपूर्ण पहचान बना रहे हैं। विश्व बैडमिंटन सुपर सीरीज टूर्नामेंट वैश्विक पहचान और रैंकिंग अंकों के लिए महत्वपूर्ण मंच हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय शटलर रोहन शर्मा ने 17 अप्रैल, 2026 को प्रतिष्ठित सिंगापुर ओपन सुपर सीरीज फाइनल में पुरुष एकल का खिताब जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने एक रोमांचक मुकाबले में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी ली चोंग वेई जूनियर को हराया। यह शर्मा की इस सीज़न की पहली सुपर सीरीज जीत है। प्रभाव: यह महत्वपूर्ण जीत रोहन शर्मा की विश्व रैंकिंग को बढ़ाएगी, जिससे आगामी प्रमुख टूर्नामेंटों के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। यह युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा, जिससे विश्व स्तर पर खेल में भारत का बढ़ता प्रभुत्व और मजबूत होगा।
यूनेस्को/गिलर्मो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज 2026
2026-04-18
पृष्ठभूमि: 1997 में स्थापित, यह पुरस्कार उस व्यक्ति या संगठन को सम्मानित करता है जिसने प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा में उत्कृष्ट योगदान दिया हो, विशेष रूप से खतरे की स्थिति में। वर्तमान संदर्भ: 18 अप्रैल, 2026 को, यूनेस्को ने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में साहसी रिपोर्टिंग के लिए खोजी पत्रकारों के एक गठबंधन को 2026 के प्राप्तकर्ता के रूप में नामित किया। प्रभाव: यह पुरस्कार पत्रकारों द्वारा सामना किए जाने वाले खतरों की वैश्विक याद दिलाता है। यह मीडिया की स्वतंत्रता के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता को पुख्ता करता है और सरकारों पर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव डालता है, जो लोकतांत्रिक जवाबदेही और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2026: भारतीय कार्यकर्ता को सम्मान
2026-04-18
पृष्ठभूमि: 'ग्रीन नोबेल' के रूप में जाना जाने वाला गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार पर्यावरण की रक्षा के लिए निरंतर और महत्वपूर्ण प्रयासों के लिए छह भौगोलिक क्षेत्रों के जमीनी स्तर के पर्यावरण नेताओं को सम्मानित करता है। वर्तमान संदर्भ: 17 अप्रैल, 2026 को विजेताओं की घोषणा की गई, जिसमें अवैध खनन और वनों की कटाई के खिलाफ सफल अभियान के लिए पश्चिमी घाट के एक भारतीय कार्यकर्ता को शामिल किया गया। प्रभाव: यह पुरस्कार भारत में स्थानीय पर्यावरणीय संघर्षों को अंतरराष्ट्रीय दृश्यता प्रदान करता है। यह जमीनी आंदोलनों को राष्ट्रीय नीति को प्रभावित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है और संवेदनशील क्षेत्रों में जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में समुदाय के नेतृत्व वाले संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।
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