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इसरो द्वारा चंद्रयान-4 चंद्र नमूना वापसी मिशन की योजना

इसरो ने महत्वाकांक्षी चंद्रयान-4 चंद्र नमूना वापसी मिशन की योजना बनाई
2026-04-25
पृष्ठभूमि: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी, इसरो ने अपने चंद्रयान कार्यक्रम के साथ महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं, विशेष रूप से चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग। इस सफलता ने अधिक जटिल चंद्र मिशनों का मार्ग प्रशस्त किया है। वर्तमान संदर्भ: इसरो अब चंद्रयान-4 की योजना बना रहा है, जो विशेष रूप से चंद्र नमूना वापसी के लिए डिज़ाइन किया गया मिशन है। इसमें गहन वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए पृथ्वी पर चंद्र मिट्टी और चट्टान के नमूने वापस लाने हेतु परिष्कृत लैंडर, आरोहण यान और ऑर्बिटल रेंडेवू क्षमताओं को शामिल किया जाएगा। प्रभाव: चंद्रयान-4 मिशन, यदि सफल होता है, तो भारत को अलौकिक नमूने वापस लाने में सक्षम राष्ट्रों के एक चुनिंदा समूह में शामिल कर देगा। यह चंद्र भूविज्ञान, संरचना और चंद्रमा के विकासवादी इतिहास की हमारी समझ को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाएगा, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण डेटा का योगदान होगा।
सरकार ने MSMEs के लिए नई निर्यात प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया
2026-04-25
पृष्ठभूमि: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) भारत के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात विविधीकरण के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार अक्सर उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता का समर्थन करने के लिए योजनाएं शुरू करती है। वर्तमान संदर्भ: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 23 अप्रैल, 2026 को "ग्लोबल रीच एमएसएमई निर्यात पहल" का शुभारंभ किया, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने के इच्छुक एमएसएमई को वित्तीय सहायता और बाजार पहुंच सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई एक नई योजना है। इस योजना में व्यापार मेलों में भागीदारी और निर्यात ऋण बीमा के लिए सब्सिडी शामिल है। प्रभाव: इस पहल से छोटे व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधाओं को दूर करने में सशक्त बनाकर भारत के समग्र निर्यात को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह विश्व स्तर पर भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा, नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और राष्ट्र के महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देगा।
मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच आरबीआई ने रेपो दर अपरिवर्तित रखी
2026-04-25
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए मौद्रिक नीति उपकरणों, मुख्य रूप से रेपो दर का उपयोग करता है। हाल की वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग के दबावों ने इसके निर्णयों को प्रभावित किया है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल, 2026 को संपन्न अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में, आरबीआई ने बेंचमार्क रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। गवर्नर शक्तिकांत दास ने विशेष रूप से खाद्य और ऊर्जा में लगातार मुद्रास्फीति के दबावों को सतर्क रुख बनाए रखने का प्राथमिक कारण बताया। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है, भले ही इसका मतलब विकास-सहायक उपायों में अस्थायी विराम हो। व्यवसायों को लगातार उच्च उधार लागत का सामना करना पड़ सकता है, जबकि जमाकर्ताओं को बचत पर स्थिर ब्याज दरों से लाभ हो सकता है।
प्रमुख भारतीय आईटी फर्म ने Q4 FY26 की मजबूत कमाई दर्ज की
2026-04-25
पृष्ठभूमि: भारतीय आईटी क्षेत्र अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख योगदानकर्ता रहा है, जिसमें प्रमुख फर्में डिजिटल परिवर्तन की मांगों से प्रेरित होकर लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज कर रही हैं। वर्तमान संदर्भ: एक अग्रणी भारतीय आईटी सेवा कंपनी, 'टेक सॉल्यूशंस इंडिया लिमिटेड' ने अपने Q4 FY2026 के परिणाम घोषित किए, जिसमें बाजार की उम्मीदों से अधिक 15% साल-दर-साल राजस्व वृद्धि और शुद्ध लाभ में 12% की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी ने एआई और क्लाउड सेवाओं में मजबूत डील जीत पर प्रकाश डाला। प्रभाव: यह सकारात्मक प्रदर्शन भारतीय आईटी क्षेत्र में निरंतर लचीलेपन और वृद्धि का संकेत देता है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ता है और संभावित रूप से अधिक रोजगार सृजन होता है। यह उन्नत डिजिटल सेवाओं की वैश्विक मांग को भी दर्शाता है, जिससे भारत तकनीकी परिदृश्य में मजबूती से खड़ा है।
जलवायु परिवर्तन शमन रणनीतियों पर वैश्विक नेताओं की चर्चा
2026-04-25
पृष्ठभूमि: जलवायु परिवर्तन वैश्विक पारिस्थितिक तंत्र और मानव समाजों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है, जिसके लिए शमन और अनुकूलन हेतु तत्काल अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल, 2026 को 50 से अधिक देशों के नेताओं की भागीदारी के साथ एक उच्च-स्तरीय आभासी शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में परिवर्तन के प्रयासों में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। चर्चाओं में पेरिस समझौते के तहत प्रतिबद्धताओं को मजबूत करना और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना शामिल था। प्रभाव: शिखर सम्मेलन का उद्देश्य राजनीतिक इच्छाशक्ति को मजबूत करना, हरित प्रौद्योगिकियों में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करना और जलवायु कार्रवाई के लिए सहयोगात्मक ढांचे को बढ़ावा देना है, जो अंततः एक अधिक टिकाऊ और लचीले वैश्विक भविष्य में योगदान देगा।
पूर्वी यूरोप संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक
2026-04-25
पृष्ठभूमि: पूर्वी यूरोप में चल रहे संघर्ष ने महत्वपूर्ण मानवीय चुनौतियाँ और अंतर्राष्ट्रीय चिंताएँ पैदा की हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्राथमिक निकाय के रूप में कार्य करती है। वर्तमान संदर्भ: 23 अप्रैल, 2026 को, UNSC ने पूर्वी यूरोप में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा के लिए एक आपातकालीन सत्र बुलाया। बैठक का मुख्य ध्यान प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध मानवीय पहुंच सुनिश्चित करने, नागरिक आबादी की सुरक्षा करने और संकट कम करने के तरीकों की खोज पर था। प्रभाव: UNSC की चर्चाओं का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना, शामिल पक्षों पर राजनयिक दबाव डालना और मानवीय सहायता के लिए संसाधनों को जुटाना है, जो संभावित रूप से संघर्ष की दिशा और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
MeitY के मार्गदर्शन में डिजिटल साक्षरता मिशन को गति मिली
2026-04-25
पृष्ठभूमि: आधुनिक अर्थव्यवस्था और समाज में समावेशी भागीदारी के लिए डिजिटल साक्षरता आवश्यक है। MeitY यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी नागरिकों के पास आवश्यक डिजिटल कौशल हों। वर्तमान संदर्भ: मंत्रालय वंचित समुदायों, महिलाओं और बुजुर्गों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्यों में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों का विस्तार करके अपने डिजिटल इंडिया मिशन को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में बुनियादी कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट उपयोग, डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन एक्सेस करना शामिल है। प्रभाव: बढ़ी हुई डिजिटल साक्षरता व्यक्तियों को सूचना तक पहुंचने, ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भाग लेने, डिजिटल वित्तीय सेवाओं का उपयोग करने और ई-गवर्नेंस पहलों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ने के लिए सशक्त बनाती है, जिससे सामाजिक-आर्थिक उत्थान होता है।
MeitY द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया गया
2026-04-25
पृष्ठभूमि: तेजी से डिजिटल होती दुनिया में, साइबर सुरक्षा खतरे व्यक्तियों, संगठनों और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करते हैं। MeitY साइबर सुरक्षा के संबंध में नीतियों को तैयार करने और जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान संदर्भ: MeitY ने 'साइबर सुरक्षा' नामक एक राष्ट्रव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सामान्य साइबर खतरों, सुरक्षित ऑनलाइन प्रथाओं और रिपोर्टिंग तंत्र के बारे में शिक्षित करना है। अभियान विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों का उपयोग करता है। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग और मैलवेयर से खुद को बचाने के ज्ञान से सशक्त बनाकर भारत में एक अधिक सुरक्षित साइबर पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जिससे साइबर अपराध की घटनाओं को कम किया जा सके।
MeitY राष्ट्रीय कनेक्टिविटी के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है
2026-04-25
पृष्ठभूमि: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) डिजिटल बुनियादी ढांचे और सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों के माध्यम से भारत के डिजिटल परिवर्तन को चलाने में महत्वपूर्ण रहा है। वर्तमान संदर्भ: MeitY ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार करने, डेटा केंद्रों को अपग्रेड करने और सरकारी विभागों में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाने को बढ़ावा देने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसमें भारतनेट जैसी पहलें और सुरक्षित सरकारी क्लाउड प्लेटफॉर्म का विकास शामिल है। प्रभाव: ये प्रयास डिजिटल विभाजन को पाटने, ऑनलाइन सेवाओं तक निर्बाध पहुंच को सक्षम करने, नवाचार को बढ़ावा देने और शासन की दक्षता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिससे राष्ट्रव्यापी नागरिकों और व्यवसायों को सशक्त बनाया जा सके।
भारतीय स्वतंत्र फिल्म 'इकोज ऑफ साइलेंस' ने वैश्विक फिल्म महोत्सव में जीते कई पुरस्कार
2026-04-24
पृष्ठभूमि: भारतीय स्वतंत्र सिनेमा, जो अक्सर अपनी अनूठी कहानी कहने और कलात्मक अखंडता की विशेषता रखता है, अंतरराष्ट्रीय महोत्सव सर्किट पर अक्सर आलोचनात्मक प्रशंसा प्राप्त करता है, भले ही वह घरेलू स्तर पर मुख्यधारा की व्यावसायिक सफलता के लिए संघर्ष करता हो। वर्तमान संदर्भ: उभरती फिल्म निर्माता अनन्या शर्मा द्वारा निर्देशित समीक्षकों द्वारा प्रशंसित भारतीय स्वतंत्र फिल्म 'इकोज ऑफ साइलेंस' ने इस सप्ताह बर्लिन में आयोजित 'ग्लोबल विजन फिल्म फेस्टिवल' में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते। 20 अप्रैल, 2026 को रिलीज़ हुई इस फिल्म ने 'सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म' और 'सर्वश्रेष्ठ निर्देशक' का पुरस्कार जीता, और समकालीन सामाजिक मुद्दों पर अपनी मार्मिक कथा और कलाकारों के सम्मोहक प्रदर्शन के लिए प्रशंसा प्राप्त की। प्रभाव: यह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पहचान भारतीय स्वतंत्र सिनेमा को पर्याप्त वैश्विक दृश्यता प्रदान करती है और अनन्या शर्मा जैसी उभरती प्रतिभाओं को विश्व मंच पर उजागर करती है। यह फिल्म के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय वितरण के महत्वपूर्ण द्वार खोल सकता है और अन्य स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को प्रेरित कर सकता है, जिससे भारत से एक अधिक विविध और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सिनेमाई परिदृश्य को बढ़ावा मिलेगा।
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